माकपा नेता येचुरी और करात ने भुलाए आपसी मतभेद, कहा-मीडिया ने की गलत रिपोर्टिंग

माकपा के वरिष्‍ठ नेता प्रकाश करात ने पार्टी महासचिव सीताराम येचुरी के साथ मतभेदों को नकारते हुए कहा कि मीडिया ने गलत रिपोर्टिंग की है।

By: Dhirendra

Updated: 26 Jan 2018, 12:38 PM IST

नई दिल्ली। मार्क्‍सवादी कम्‍युनिस्‍ट पार्टी के वरिष्‍ठ नेता प्रकाश करात ने पार्टी महासचिव येचुरी के साथ मतभेदों भुलाते हुए कहा है कि जिस बात को मीडिया में मतभेद बताया जा रहा है वो पार्टी की आंतरिक लोकतंत्र का प्रतीक है। मतभेदों को लेकर मीडिया ने गलत रिपोर्टिंग की है। पार्टी महासचिव ने भी कहा है कि अलग-अलग राजनीतिक विचारों को व्‍यक्तित्‍व संघर्ष या मतभेद के रूप में दिखाया जा रहा है जबकि ऐसा नहीं है। पार्टी के सामूहिक निर्णय का जो भी उल्‍लंघन करेगा उसे गुटबाजी को बढ़ावा देने वाला माना जाएगा।
येचुरी ने क्‍या रखा था प्रस्‍ताव
पार्टी महासचिव येचुरी ने कोलकाता केन्‍द्रीय समिति की बैठकों में 2019 लोकसभा चुनावों में भाजपा के साम्‍प्रदायिक एजेंडों से लड़ने के लिए धर्मनिरपेक्ष पार्टी कांग्रेस के साथ चुनावी गठबंधन करने का प्रस्‍ताव रखा था। इस प्रस्‍ताव को पार्टी की केन्‍द्रीय समिति की बैठक खारिज कर दिया गया था।
इस्‍तीफे की पेशकश
माकपा महासचिव सीताराम येचुरी ने स्वीकार किया है कि कांग्रेस से गठबंधन करने के मुद्दे पर पार्टी के वरिष्ठ नेता प्रकाश करात के साथ मतभेद को लेकर उन्होंने पोलित ब्यूरो से इस्तीफे की पेशकश की थी। उन्होंने न केवल माकपा की केन्द्रीय समिति की कोलकाता में हुई पिछली बैठक में बल्कि इससे पहले दिल्ली में पोलित ब्यूरो की बैठक में भी इस्तीफा देने की पेशकश की थी। दोनों ही बैठकों में पार्टी ने उनकी पेशकश को नामंजूर कर अपने पद पर बने रहने के लिए कहा था। उन्होंने इस बारे में पार्टी के पूर्व महासचिव प्रकाश करात के उस दावे के हवाले से प्रकाशित रिपोर्टों को भी गलत बताया जिनमें करात ने येचुरी द्वारा इस्तीफे की पेशकश नहीं करने की बात कही थी।
करात ने कहा, इतीफे जैसी कोई बात नहीं
करात ने एक साक्षात्कार में कहा कि येचुरी ने बैठक में उनका प्रस्ताव अस्वीकार किए जाने के बाद इस्तीफे की पेशकश नहीं की थी। येचुरी ने आज स्पष्ट किया ‘केन्द्रीय समिति की बैठक के बाद संवाददाता सम्मेलन में मैंने साफ तौर पर कहा था कि समिति में अब बने रहना मेरे लिये उचित नहीं हैं। लेकिन पोलित ब्यूरो ने मेरी पेशकश मानने से इंकार करते हुए कहा कि इससे पार्टी में बिखराव होने का संदेश जाएगा। खासकर त्रिपुरा विधानसभा चुनाव के मद्देनजर। इसलिए सभी ने एक स्वर में कहा कि मुझे अपने पदों पर बने रहना चाहिए। येचुरी ने कहा कि उनके द्वारा कही गयी बात की पुष्टि बैठक में शामिल अन्य नेताओं से की जा सकती है। सूत्रों के मुताबिक माकपा में करात गुट और येचुरी गुट के बीच टकराव अब सतह पर आ गया है।

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