कर्नाटक: आज सरकार बनाने का आधिकारिक दावा पेश करेंगे येदियुरप्पा, राज्‍यपाल कर सकते हैं आमंत्रित

कांग्रेस की सक्रियता के बाद कर्नाटक में भाजपा के लिए सरकार बनाना आसान नहीं।

By: Dhirendra

Published: 16 May 2018, 09:08 AM IST

बेंगलूरु। कर्नाटक में खंडित जनादेश की वजह से सरकार बनाने का मसला कानूनी दांवपेंच में फंस गया है। एक तरफ कांग्रेस ने अति सक्रियता दिखाते हुए जेडीएस को बिना शर्त समर्थन देकर सरकार बनाने को कहा है। कांग्रेस ने कुमारस्‍वामी को सीएम पद का ऑफर भी दिया है। दूसरी तरफ प्रदेश में सबसे बड़ी पार्टी के रूप में उभरकर सामने आने के बाद भाजपा ने भी सोमवार को राज्‍यपाल के समक्ष सरकार बनाने का दावा पेश कर दिया। भाजपा की तरफ से सरकार बनाने का संकेत देने के बाद सरकार गठन का मसला कर्नाटक में पेचीदा हो गया है।

अब राज्‍यपाल को यह तय करना है कि वो सबसे बड़ी पार्टी को सरकार बनाने के लिए बुलाते हैं या फिर जिसके पास गठजोड़ के आधार पर बहुमत है उसे सरकार बनाने के लिए आमंत्रित करते हैं। आशंका इस बात की है कि राज्‍यपाल भाजपा विधानमंडल के नेता को सरकार बनाने के लिए आमंत्रित कर सकते हैं।

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भाजपा विधायक दल की बैठक 10.30 बजे
कर्नाटक चुनाव के नतीजे आ गए हैं लेकिन किसी भी पार्टी को बहुमत नहीं मिला है। 104 सीटों के साथ भाजपा सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी है। कर्नाटक में भाजपा के मुख्यमंत्री पद के उम्मीदवार येदुरप्पा ने आज सुबह साढे दस बजे विधायक दल की बैठक बुलाई है। बैठक के बाद येदियुरप्पा विधायक दल के नेता चुने जाने की जानकारी राज्यपाल को देंगे और सरकार बनाने का आधिकारिक दावा पेश करेंगे।

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राज्यपाल को लेना है फैसला
प्रदेश में सरकार गठन को लेकर राज्‍यपाल के पास दो विकल्‍प हैं। पहला सबसे बड़ी पार्टी को सरकार गठन के लिए बुलाएं। दूसरा विकल्‍प उनके पास ये है कि वो जिस गठबंधन के पास सामान्‍य बहुमत है उसे सरकार बनाने के बुलाएं। दोनों में से किसी एक का चयन करना राज्‍यपाल के विवेक पर निर्भर है। संविधान में विवेक के आधार पर निर्णय लेने के अधिकार राज्‍यपाल को है। संविधान के अनुच्‍छेद 175 का प्रयोग करते हुए वो विधान सभा में फ्लोर टेस्टिंग के लिए सभी दलों को कॉल कर सकते हैं। लेकिन भारतीय राजनीति में इसका उपयोग बहुत कम होता है। ऐसी परंपरा भी नहीं है। अमूमन राज्‍यपाल पहले दो विकल्‍पों में से ही किसी एक का चयन करते हैं।

कुमार स्‍वामी ने सबसे पहले पेश किया था दावा
सोमवार को विधानसभा चुनाव का परिणाम आने के बाद सरकार बनाने का दावा सबसे पहले राज्‍यपाल से मिलकर जेडीएस प्रमुख कुमार स्‍वामी ने किया था। राज्‍यपाल से मुलाकात के दौरान उनके साथ निवर्तमान मुख्‍यमंत्री सिद्धारमैया भी उपस्थित थे। कुमार स्‍वामी ने राज्‍यपाल को कांग्रेस की तरफ से जारी समर्थन का पत्र भी उन्‍हें सौंपा है। उन्‍होंने दावा किया है कि उनके बहुमत का आंकड़ा है। वह सरकार गठन के बाद बहुमत साबित करने के लिए तैयार हैं। उन्‍होंने इस बात का भी दावा किया कि उनके पास बहुमत साबित करने के लिए मैजिक नंबर है। दूसरी तरफ जेडीएस ने भी आज विधायक दल की बैठक बुलाई है। आपको बता दें कि कांग्रेस को 78 सीटें मिली है वो दूसरे नंबर की पार्टी बनी है। जबकि जेडीएस को सिर्फ 38 सीटें मिली हैं।

हम सबसे बड़ी पार्टी को मौका मिले
सरकार गठन को लेकर राज्‍यपाल से कुमार स्‍वामी की मुलाकात के बाद भाजपा सीएम पद के प्रत्‍याशी येदियुरप्‍पा भी देर शाम राज्‍यपाल से मिले थे। उन्‍होंने राज्‍यपा से कहा है कि भाजपा सबसे बड़ी पार्टी हैं और ऐसे में सरकार बनाने का मौका हमें ही मिलना चाहिए। भाजपा 100 प्रतिशत सरकार बनाएगी और विधानसभा में बहमत भी साबित करेगी।

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