कोरोना के बाद अब कोलेस्ट्रोल का खतरा

प्रतापगढ़. कोरोना की दूसरीलहर में चपेट में आए मरीज जो स्वस्थ हो गए थे। उनमें अब कोलेस्ट्रोल का खतरा मंडराने लगा है। रिकवरी के बाद शरीर में हुए परिवर्तन को लेकर जब लोगों ने टेस्ट करवाए तो अधिकांश लोगों में कोलेस्ट्रोल बढ़ा हुआ देखा जा रहा है।

By: Devishankar Suthar

Published: 07 Sep 2021, 08:04 AM IST


-जिला चिकित्सालय में जांचों में आने लगे मरीज
-चिकित्सक दे रहे सावधानी बरतने की सलाह
-जीवनशैली में अनियमितता भी प्रमुख कारण
प्रतापगढ़. कोरोना की दूसरीलहर में चपेट में आए मरीज जो स्वस्थ हो गए थे। उनमें अब कोलेस्ट्रोल का खतरा मंडराने लगा है। रिकवरी के बाद शरीर में हुए परिवर्तन को लेकर जब लोगों ने टेस्ट करवाए तो अधिकांश लोगों में कोलेस्ट्रोल बढ़ा हुआ देखा जा रहा है। ऐसे में अब विभिन्न रोगों खतरा भी मंडराने लगा है। स्थिति को देखते हुए चिकित्सक भी कोरोना से रिकवर हुए रोगियों को सावधानी बरतने की सलाह दे रहे हैं। साथ ही जीवनशैली में बदलाव करने के लिए कह रहे है। गौरतलब है कि गत दूसरी लहर में युवाओं को सबसे अधिक कोरोना ने अपनी चपेट में लिया था। इसके बाद युवा स्वस्थ्य भी हो गए थे। लेकिन रिकवरी के बाद कोई ना कोई साइड इफेक्ट हुआ है। जिसमें ज्यादातर समस्या खून में थक्के जमना क्लॉटिंग की आने लगी है। चिकित्सा विभाग की ओर से इसके पीछे कोरोना में दी जाने वाली दवाइयों को माना है। ऐसे में अधिकांश युवाओं में समस्या देखने को मिल रही है। चिकित्सकों ने भी स्थिति को देखते हुए जीवनशैली में बदलाव की सलाह दी है। साथ ही खान-पान को लेकर भी सतर्क किया जा रहा है। वहीं ४० से उपर आयु के लोगों को समय-समय पर स्वास्थ्य जांच करने की सलाह दी जा रही है।
शुगर के साथ ब्लड प्रेशर की भी समस्या
कोरोना से रिकवर हुए लोगों में शुगर और ब्लड प्रेशर की भी समस्या होने लगी है। चिकत्सकों का कहना है कि कोरोना से ठीक हो चुके मरीजों में अब खून का थक्का जमने से हार्ट की समस्या भी बढ़ रही है। जिसमें 25 से 40 वर्ष के युवा इससे ज्यादा पीडि़त हैं। यह फेफड़ों के साथ शरीर में परेशानी कर रहा है। जिससे दिल की धडक़न तेज हो रही है। ऐसे में शुगर के साथ ब्लड प्रेशर या अन्य बीमारी के लोगों को सतर्क रहने की आवश्यकता है। ऐसे मामले एक डेढ़ साल से ज्यादा बढ़े हैं।
=--=--=
बढ़ा है कई बीमारियों का खतरा
कोरोना रिकवरी के बाद कई बीमारियों का खतरा बढ़ा है। इसमें युवाओं में कुछ साइड इफेक्ट सामने आए है। शरीर में कोलेस्ट्रोल बढ़ा है। जिससे हार्ट अटैक की समस्या के चांसेस ज्यादा रहते हैं। इसके चलते अब तीस से 35 वर्ष के लोग ज्यादा आ रहे हैं। इसके लिए नियमित चैकअप कराना काफी जरूरी है। 35 वर्ष के अधिक लोगों को ना नियमित चैकअप कराते रहना चाहिए। बल्कि अपनी चिकित्सकों की सलाह से जीवनशैली में बदलाव और खान-पान में भी बदलाव लाना चाहिए। यह गलत खान पान, असंयमित जीवन शैली, तनाव व नींद कम लेने से होता है। युवाओं को तनाव कम करना चाहिए, नींद भरपूर ले और खान पान में सुधार लाएं। ताकि ऐसे रोगों से बचा जा सकें।
डॉ. ओपी दायमा, प्रमुख चिकित्साधिकारी, जिला चिकित्सालय प्रतापगढ़.
=:=====

Devishankar Suthar
और पढ़े

राजस्थान पत्रिका लाइव टीवी

हमारी वेबसाइट पर कंटेंट का प्रयोग जारी रखकर आप हमारी गोपनीयता नीति और कूकीज नीति से सहमत होते हैं।
OK
Ad Block is Banned