कम्बल वितरित किए गए

कम्बल वितरित किए गए

By: Rakesh Verma

Published: 11 Dec 2017, 10:51 AM IST

प्रतापगढ़. सरगम विजन सोसायटी की ओर से निराश्रित बालगृह एवं तपस मानसिक विमंदित एवं पुनर्वास गृह में रविवार को कम्बल वितरित किए गए। कार्यक्रम के मुुख्य अतिथि श्रीहरि शुक्ल थे। अध्यक्षता अध्यक्ष चन्द्रहास भट्ट ने की। संरक्षक चन्द्रशेखर जोशी, छात्रावास अधीक्षक रामगोपाल टेलर, किरीट शर्मा, प्रदीप संत के विशिष्ट आतिथ्य में हुआ। सोसायटी के सचिव दीपक पालीवाल ने बताया कि निराश्रित बालगृह एवं मानसिक विमंदित एवं पुनर्वास गृह तथा अन्य जरूरतमंदो को लगभग डेढ़ सौ कम्बल वितरित किए गए। संचालन महामंत्री शत्रुघ्न शर्मा ने किया।आभार कोषाध्यक्ष प्रदीप बोरदिया ने व्यक्त किया। इस अवसर पर सोसायटी के पूर्व अध्यक्ष मुस्तफा होटलवाला, सत्यनारायण शर्मा, पंकज शुक्ला, भरत व्यास, राकेश सोनी, निराश्रित बालगृह के रिंकु मोईल, प्रियंका कुमारी, नवल किशोर तथा तपस मानसिक विमंदित एवं पुनर्वास गृह प्रतापगढ़ के अधीक्षक रामअवतार चौधरी, निशा चौधरी, सांवरमल, राजश्री, श्रवन कुमार, विक्रमसिंह, सरिता, लीलाबाई, जीवलीबाई आदि कर्मचारी उपस्थित थे।

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फिर भी हो रहा अवैध खनन
वन क्षेत्र की भूमि से चोरी-छुपे कर रहे मिट्टी का खनन
एक माह में एक दर्जन कार्रवाई
प्रतापगढ़ वन क्षेत्र में अवैध खनन को रोकने के लिए जहां वन विभाग पूरा प्रयास करने में लगा हुआ है कि खनन पर पाबंदी लगे। लेकिन खनन माफिया भी अवैध खनन से बाज नहीं आ रहे है। अवैध कार्रवाइयों पर लगाम के लिए वन विभाग भी मुस्तैद है। मिट्टी का खनन करने के लिए जाखम बांध के पेटे के किनारे कुछ खेत भी खरीद लिए है, इसकी आड़ में यहां वन क्षेत्र से अवैध खनन किया जा रहा है। वहीं अब तो खनन माफिया की ओर से वन विभाग की टीमों पर हमले भी हो रहे है। ऐसे में अवैध कार्रवाइयों पर लगाम के लिए वन विभाग भी मुस्तैद है, विभाग पुलिस और प्रशासन के साथ मिलकर अवैध खनन के खिलाफ कार्रवाई की तैयारी की जा रही है। विभागीय सूत्रों के अनुसार गत एक माह में एक दर्जन कार्रवाई की है।
निजी भूमि पर भी स्वीकृति आवश्यक
वन विभाग की ओर से कई बार मिट्टी से भरे ट्रैक्टर-ट्रॉली पकड़े जाते है। इस पर ट्रैक्टर चालक और मालिक की ओर से यह कहा जाता है कि यह मिट्टी खेतों से लाए है। जबकि यह प्रावधान है कि किसी भी खेत से मिट्टी का खनन करने से पहले राजस्व विभाग से स्वीकृति लेनी होती है। इसके बाद खेत से मिट्टी खोद सकता है। लेकिन खोदी गईमिट्टी को पुन: अन्य मिट्टी भरनी होती है।ऐसे में कई खेत मालिक इस प्रकार की स्वीकृति नहीं लेते है।
जाखम का पेटा है मुख्य केन्द्र
जिले में जाखम बांध का पेटा अवैध खनन का केन्द्र बना हुआ है।यहां नकोर के पास जाखम बांध के पेटे में खनन किया जाता है। वन विभाग की ओर से मिट्टी से भरे ट्रैक्टर-ट्रॉली पकड़ी जाने पर अधिकांश मिट्टी नकारे से ही खनन की हुई होती है।ऐसे में पिछले कई वर्षों से यह खनन का मुख्य केन्द्र बना हुआ है।
एक माह में एक दर्जन कार्रवाई
जिले में वन विभाग की ओर से पिले एक माह में एक दर्जन से अधिक कार्रवाई की गईहै। वन विभाग के गश्ती दल प्रभारी रेंजर घनश्यामसिंह ने बताया कि 31 दिसम्बर को देवगढ़ क्षेत्र से मिट्टी से भरी दो टैक्टर-ट्रॉली पकड़ी। प्रतापगढ़ में एक पिकअप में लकड़ी के फर्निचर पकड़े। 2 नवम्बर को देवगढ़ में मिट्टी से भरी एक ट्रैक्टर-ट्रॉली पकड़ी। 7 नवम्बर को देवगढ़ क्षेत्र से मिट्टी से भरी दो ट्रैक्टर-ट्रॉली मिट्टी से भरी पकड़ी। इसके साथ ही छोटीसादड़ी में बजरी से भरी दो ट्रैक्टर-ट्रॉली पकड़ी। 17 नवम्बर को धरियावद में मिट्टी से भरी एक ट्रैक्टर-ट्रॉली पकड़ी। प्रतापगढ़ में एक ट्रैक्टर-ट्रॉली पकड़ी। दो दिसम्बर को मिट्टी से भरी दो ट्रैक्टर-ट्रॉली पकड़ी। 6 दिसम्बर को धरियावद में मिट्टी से भरी एक ट्रैक्टर-ट्रॉली व खनन करते हुए दो जेसीबी पकड़ी है।

पूर्णत: लगे खनन पर प्रतिबंध
जिले में अवैध खनन पर पूर्णत: प्रतिबंध लगाने के लिए हम प्रयास कर रहे है। इसके लिए हम प्रशासन और पुलिस की मदद से कार्रवाई करेंगे।
एस.आर. जाट
उप वन संरक्षक, प्रतापगढ़

Rakesh Verma Bureau Incharge
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