बदलती बयार, बढऩे लगे बीमार


-बदलते मौसम के चलते बढ़ रहा मौसमी बीमारियों का प्रकोप
-अधिकतम तापमान ३७ डिग्री तो न्यूनतम १९ डिग्री के करीब

By: Rakesh Verma

Updated: 29 Mar 2019, 11:32 AM IST


प्रतापगढ़.
ऋतु परिवर्तन के संधिकाल में इन दिनों शीत ऋतु का प्रस्थान हो रहा है तो ग्रीष्म ऋतु का आगमन शुरू हो गया है। शीत-ग्रीष्म के संधिकाल में बदलते मौसम के कारण गर्म-सर्द के जिले-जुले अहसास के चलते इन दिनों मौसमी बीमारियां सिर उठाने लगी हैं और बढ़ती गर्मी और जाती सर्दी के बीच लोग बीमारियों की चपेट में आ रहे हैं। जिसके चलते अस्पतालों में मौसमी बीमारियों से ग्रस्त मरीजों की संख्या बढ़ी है और अस्पतालों का आउटडोर बढ़ा हुआ है।
लगातार बढ़ रहा तापमान
जिले में पिछले कुछ दिनों से तापमान में लगातार बढ़ोतरी हो रही है। अधिकतम के साथ न्यूनतम तापमान भी बढ़ रहा है। पिछले २८ दिनों में यहां अधिकतम तापमान करीब १२ डिग्री और न्यूनतम तापमान करीब ७ डिग्री तक बढ़ चुका है। यहां एक मार्च को अधिकतम तापमान २५ डिग्री व न्यूनतम तापमान १२ डिग्री के करीब था जो २८ मार्च तक बढक़र अधिकतम ३७ डिग्री तो न्यूनतम १९ डिग्री के करीब पहुंच गया।
इन मरीजों की संख्या ज्यादा
चिकित्सकों के मुताबिक अस्पताल में पहुंचने वाले अधिकांश मरीज बदलते मौसम की चपेट में आने से खासीं, जुकाम, बुखार व एलर्जी के हैं। गले में इन्फेक्शन के मामले भी सामने आ रहे हैं।
मच्छर भी बढऩे लगे
गर्मी का जोर बढऩे के साथ ही मच्छरों की तादात भी बढऩे लगी है। हालांकि अभी मच्छरों से होने वाली मलेरिया व डेंगू के मामले सामने नहीं आ रहे हैं, लेकिन चिकित्सक मच्छरों से बचाव व इनकी रोकथाम के उपायों की सलाह दे रहे हैं ताकि इनकी चपेटमें आने से बचा जा सके।
मासूमों पर ज्यादा मार
बदलते मौसम की मार मासूमों को ज्यादा झेलनी पड़ रही है। जिला अस्पताल में इन दिनों आने वाले बीमार बच्चों में सर्वाधिक पीडि़त खांसी-जुकाम-बुखार के हैं। दिन में गर्मी और सुबह-शाम और रात में हल्की सर्दी से यह बीमारियां हो रही है। इसके कारण बच्चों को सर्दी और जुकाम की शिकायत के साथ बुखार आने लगता है। ऐसा पांच साल की उम्र तक के बच्चों में अधिक पाया जा रहा है।
बचाव की सलाह
मौसमी बीमारियों की चपेट में आने से बचाव के लिए डाक्टर मासूमों के परिजनों को बच्चों को आराम और मौसम से बचाव की सलाह दे रहे है। चिकित्सकों की सलाह के अनुसार इस समय बच्चों को मोटर साइकिल पर आगे नहीं बिठाएं, कार के कांच बंद रखें। कान और मुंह भी कुछ ढंक कर रखें। साथ ही बच्चों को बासी खाने से बचाएं और ब्रेड, मक्कन, जैसी चीजों से दूर रखें।
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Rakesh Verma
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