शीतलहर से ठिठुरा कांठल, फसलों पर जमी बर्फ

प्रतापगढ़. कांठल में शीतलहर का प्रकोप शुरू हो गया है। इसके साथ ही फसलों पर भी बर्फ जमने लगी है। इससे रबी की फसलों में नुकसान की आशंका है। जिले में तापमान में एकदम से गिरावट आ गई है। जिले में सोमवार रात को शीतलहर का प्रकोप रहा।

By: Devishankar Suthar

Published: 30 Dec 2020, 08:12 AM IST


-रबी की फसलों में नुकसान की आशंका
-दिनभर रही धूजणी
-इस सीजन की सबसे सर्द रहा मौसम-तापमान में एकदम आई गिरावट
प्रतापगढ़. कांठल में शीतलहर का प्रकोप शुरू हो गया है। इसके साथ ही फसलों पर भी बर्फ जमने लगी है। इससे रबी की फसलों में नुकसान की आशंका है। जिले में तापमान में एकदम से गिरावट आ गई है। जिले में सोमवार रात को शीतलहर का प्रकोप रहा। इससे मंगलवार सुबह खेतों पर बर्फ जम गई। फसलों पर बर्फ जमी। वहीं पानी के पाइपों पर भी बर्फ जमी। घरों के बाहर खड़े वाहनों पर भी सुबह बर्फ की चादर देखी गई। ऐसे में मंगलवार दिनभर धूजणी छूटी। लोगों को दिनभर गर्म कपड़ों में लिपटे रहना पड़ा। दिनभर हाड़ कंपाने वाली हवा से लोग आहत रहे। वहीं धूप भी सर्दी के असर को कम नहीं कर सकी। सर्दी से बचाव के लिए लोग दिनभर अलाव तापते देखे गए।
शीतलहर के चलते सिद्धपुरा गांव में अफीम एवं अन्य फसलों पर बर्फ जमने से किसनों की चिंता बढ़ गई है। किसान मदनलाल सुथार ने बताया कि पाला पडऩे की आशंका से फसलों में खराबा होने का डर किसानों को सताने लगा है।
दलोट.
क्षेत्र में पिछले तीन दिनों में तापमान में गिरावट आई है। मंगलवार को क्षेत्र में शीतलहर का प्रकोप जारी रहा है। जिससे लोग सर्दी से कांपते नजर आए। न्यूनतम तापमान में काफी कमी देखी गई। इससे रात्रि के साथ दिन में सर्दी का असर बढ़ गया है।
लोगों को देर सुबह तक धूप सेंकते नजर आए। सुबह-शाम के समय हल्की सर्द हवा के साथ ठिठुरन का असर होने लगा है। लोग पूरे दिन ऊनी वस्त्रों से लिपटे रहे। सर्दी से बचाव का जतन करते दिखे। ग्रामीण अंचल में चौपालों पर अलाव जलने शुरू हो गए हैं। सर्दी का असर बढऩे के साथ ही लोगों की दिनचर्या में बदलाव आया है। सुबह से शाम तक सर्द हवा ने लोगों को काफी परेशानी में डाल दिया है। सर्द हवा टकराने से लोगों को मौसमी बीमारियों का भय सता रहा है। इसके साथ ही सर्दी भी बढ़ गई है।
मेरियाखेड़ी. क्षेत्र मे मंगलवार को शीतलहर बढऩे से ठिठुरन बढ़ गई। यहां फसलों पर बर्फ जमने से नुकसान की आशंका हो गई है। क्षेत्र के तलायां, ढीकनिया, खीजनखेड़ा, नारायणखेड़ा, सेमलोपुर, उण्डाखोरा समेत कई गांव में मंगलवार को अल सुबह फसलों पर बर्फ जमने लग गई। किसान खेत की मेड पर अलाव जलाकर फसलों को पाले से बचाव कर रहे है। सुबह से ठिठुरन बढने से लोग गर्म कपड़ों में दिखे। दिनभर हवा चलने से सर्दी का दौर जारी रहा।
मोखमपुरा. क्षेत्र में शीतलहर का प्रकोप बढ़ गया है। राजपुरिया, अचलपुरिया, मोखमपुरा, नाथूखेड़ी आदि गांवों में धूजणी छूटती रही। सुबह होने पर जब किसान खेतों पर पहुंचे तो सलों पर बर्फ की सफेद चादर जमी देखी। मौसम में ठिठुरन और गलन बढ़ गई है। किसानों ने बताया कि मंगलवार सुबह बाहर खड़े वाहनों पर भी बर्फ जमी हुई देखी गई। वहीं खेत-खलिहानों में भी बर्फ की चादर देखी गई। फसलों पर भी बर्फ की सफेद चादर देखी गई। सर्दी से लोग कंपकंपा उठे। लोगों को अलाव के पास बैठे हुए देखा गया। पाले की आशंका से किसानों की चिंताएं बढ़ती जा रही है। कुछ फसल में फायदा तो कुछ फसलों में नुकसान होने की आशंका बढ़ती जा रही है।
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Devishankar Suthar
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