Court News प्रतापगढ़-पीपलोदा रोड : अदालत ने कहा, मुख्य अभियंता हाजिर हों...


सार्वजनिक निर्माण विभाग के चीफ इंजीनियर (chief engineer pwd)को अदालत (court news)ने किया तलब, बारिश में कीचड़ से आए दिन हो रहे हैं हादसे

By: Ram Sharma

Published: 04 Jul 2019, 12:58 PM IST


प्रतापगढ़. पिछले कुछ माह से खस्ताहाल चल रही प्रतापगढ़-अरनोद सडक़ का मामला आखिर अदालत में पहुंच गया। प्राइवेट बस ओनर्स एसोसिएशन ने जिले की स्थायी लोक अदालत में परिवाद पेश किया है। इस परिवाद के बाद अदालत ने सार्वजनिक निर्माण विभाग के मुख्य अभियंता को आगामी 7 अगस्त को व्यक्तिगत रूप से हाजिर होने को कहा है।
निजी बस ऑनर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष मनमोहन अग्रवाल की ओर से सचिन पटवा ने जनहित याचिका दायर की। इसमें बताया गया कि एसोसिएशन के सदस्य जिले के विभिन्न मार्गों पर यात्रियों की सुविधाओं के लिए बसों का संचालन करते हैं। प्रतापगढ़-पीपलोदा मार्ग पर एसोसिएशन द्वारा वर्तमान में लगभग 50 बसों के माध्यम से 200 के करीब फेरे करवाए जाते हैं, जिससे लगभग 8-10 हजार यात्रियों को प्रतिदिन आवागमन के लिए सुविधा मिलती है। इसी मार्ग से मुख्य पर्यटन एवं तीर्थ स्थल गौतमेश्वर महादेव भी आता है। जो कि आदिवासियों का हरिद्वार कहा जाता है। प्रसिद्ध शौली हनुमान जी का मंदिर भी इसी मार्ग पर आगे स्थित है। प्रतापगढ़ से पीपलोदा मार्ग काफी जर्जर होने से राज्य सरकार ने नया रोड बनाने के लिए टेण्डर आमंत्रित किया था। ठेकेदार ने निर्माण कार्य भी शुरू करवा दिया है परन्तु पिछले 5-6 माह से यह निर्माण कार्य बंद पड़ा है।
बस संचालकों को रोड टैक्स में मिले छूट
प्रतापगढ़ से मध्यप्रदेश के पीपलोदा से पहले राजस्थान सीमा तक 52 किमी का मार्ग इतना खस्ताहाल हो चुका है कि यहां सडक़ जैसा कुछ नहीं बचा। बसें आए दिन खराब होती है। इससे बस संचालकों की आर्थिक रूप से कमर टूट चुकी है। ऐसी स्थिति में यात्री बसों का संचालन बंद होने की कगार पर आ गया है, इसलिए यदि जब तक मार्ग सुगम आवागमन के लिए उपलब्ध नहीं हो, तब तक उक्त मार्ग पर चलने वाली अनुज्ञाधारी निजी यात्री बसों का रोड टैक्स एवं स्पेशल रोड टैक्स स्थगित करवाया जाए।

याचिका में कहा गया कि यह मार्ग अब कच्चे गारे की मिट्टी जैसा हो गया है। वर्तमान में बारिश आने से इस सम्पूर्ण मार्ग पर कीचड़ ही कीचड़ हो गया है। इससे रास्ते में फिसलन हो गई। वर्तमान में दो पहिया एवं चार पहिया वाहनों का आवागमन करीब बंद ही हो गया है। बारिश के बाद उक्त मार्ग पर लगभग वाहन धंस जाते हैं या पलट जाते हैं। इस रोड पर 5-6 घंटे का आए दिन जाम लगने लगा है। जिससे आम नागरिकों के एवं वाहन मालिकों को आर्थिक रूप से तथा शारीरिक रूप से काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। बीमारी की अवस्था में मरीज को प्रतापगढ़ लाने में काफी मशक्कत करनी पड़ रही है। कई छोटी मोटी सामाजिक समस्याओं से आम नागरिकों को जूझना पड़ रहा है तथा कई मर्तबा यात्री वाहन, जिनमें 40-50 यात्री होते हैं स्लीप हो जाते हैं। ऐसी स्थिति में मार्ग पर वाहनों का संचालन करना मुश्किल हो गया है। प्राइवेट बस ऑनर एसोसिएशन ने जिला प्रशासन और सार्वजनिक निर्माण विभाग के अधिकारियों को भी दो बार ज्ञापन दिया, लेकिन आश्वासन के सिवा कुछ नहीं निकला। ऐसी स्थिति में वाहनों में टूट- फूट एवं रख-रखाव से आर्थिक नुकसान व दूरी तय करने में अधिक समय लगने से होने वाला ईंधन का नुकसान आदि का खमियाजा वाहन मालिकों को भुगतना पड़ रहा है। यदि सरकार ने इस मार्ग को बारिश में सही नहीं करवाया गया तो जानमाल के नुकसान की भी भरपूर संभावना है।

Ram Sharma Desk
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