बिगड़े मौसम से छीन ना जाए निवाला

प्रतापगढ़
हाल ही में एकाएक पलटे मौसम से जिले में भी कई इलाकों में बूंदाबांदी और हल्की बारिश हुई। जबकि दिनभर तेज हवा और अंधड़ के कारण फसलें आड़ी पड़ गई है। अफीम का दूध भी डोडों से बह गया है। वहीं दूसरी ओर खेतों में कटी और पकी फसलों में नुकसान को लेकर किसान चिंतित है।

By: Devishankar Suthar

Published: 07 Mar 2020, 11:39 AM IST


दिनभर तेज हवा और अंधड़ के कारण फसलों में हुआ नुकसान
अफीम की फसल में दूध धुला
प्रतापगढ़
हाल ही में एकाएक पलटे मौसम से जिले में भी कई इलाकों में बूंदाबांदी और हल्की बारिश हुई। जबकि दिनभर तेज हवा और अंधड़ के कारण फसलें आड़ी पड़ गई है। अफीम का दूध भी डोडों से बह गया है। वहीं दूसरी ओर खेतों में कटी और पकी फसलों में नुकसान को लेकर किसान चिंतित है। प्रतापगढ़ जिले में भी कई इलाकों में हल्की बारिश हुई। लेकिन दिनभर तेज हवा और कई स्थानों पर अंधड़ से नुकसान हुआ। रात को हुई बारिश के कारण अफीम के डोडों पर चीरा लगा होने से दूध धुल गया। वहीं तेज हवा का चलने से फसलें आड़ी पड़ गई।
छोटीसादड़ी
क्षेत्र में मौसम ने अचानक करवट ली। तेज हवा के साथ बारिश शुरू हो गई। जिससे फसलों में नुकसान हुआ। तेज हवा के चलने से खड़ी फसल में नुकसान हुआ। कटी हुई फसल सरसों, चना, धनिया, गेहूं समेत कई फसलों को नुकसान हुआ है। स्वरूपगंज गांव के किसान कैलाश पाटीदार, तुलसीराम ने बताया कि अफीम लुराई के साथ ही मौसम के प्रतिकूल हो जाने पर किसानों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। दो दिनों से रात के समय चलने वाली तेज हवा के कारण अफीम की फसल जमींदोज होने लगी है। ऐसे में किसान अपनी फसल को बचाने का प्रयास कर रहे है। कई किसानों ने अफीम की फसल को लंबी रस्सी से बांधकर बचाव कर रहे है।
दलोट
क्षेत्र में हल्की बारिश के कारण नुकसान हुआ है। फसल आडी गिर जाने से किसानों के माथे पर चिता की लकीरें उभर गई है। अफीम की फसल में औसत कम ओने की आशंका है। दलोट गांव के किसान राकेश पाटीदार, बन्टू गोयल, पवन धोरावत, मुकेश कुमावत, राधेश्याम कोरा ने बताया कि दिनभर तेज हवा से नुकसान हुआ है। अफीम मुखिया बालु, शंकरलाल, रुघनाथ, रामेश्वर, देवराम, तेजकरण, भेरुसिंह, भंवरलाल, धुरा, हीरालाल, सुरेंद्रकुमार, रामचंद्र, शोभाराम, मांगीलाल, शंकरलाल, भागीरथ, बाबुलाल, बालाराम, निर्मला, नंदा आदि ने बताया कि काफी नुकसान हुआ है।
बड़ी साखथली
क्षेत्र में बारिश और तेज हवा के कारण काफी नुकसान हुआ है। रात को तेज हवा और पानी गिरने से गांव बोरदिया में गेहूं की फसल को भारी नुकसान हुआ है। इससे किसानों की परेशानी बढ़ गई है।
किसान जब सुबह अपने अपने खेत पर पहुंचे तो यहां नुकसान की जानकरी हुई। किसान गिरजाशंकर पांचाल, पवन, रामेश्वरलाल मीणा, मनोज टेलर, मुकेश पांचाल व कई किसानों ने सरकार से मौका मुआयना करने की मांग की है।
हल्की बारिश हुई, हवा से भी नुकसान
जिले में हल्की बारिश हुई है। इससे फसलों में अधिक नुकसान जैसी सूचना नहीं मिली है। हालांकि दिनभर तेज हवा और अंधड़ के कारण फसलों में नुकसान हुआ है। फसलों में नुकसान के लिए किसानों को कृषि विभाग, बैंक और फसली बीमा कंपनी के प्रतिनिधि को इसकी सूचना समय पर देनी है।
मनोहर तुषावरा
उपनिदेशक, कृषि विस्तार, प्रतापगढ़
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बॉक्स....
फसलों के बीमा में इस बार जोखिम और नुकसान को भी शामिल किया गया है। जिसमें खड़ी फसल में सूखा, बाढ़, अतिवृष्टि, जल प्लावन, कीट एवं व्याधि, भू-स्खलन, प्राकृतिक आग एवं बिजली गिरना, तूफान, ओलावृष्टि, चक्रवात, आंधी, भंवर एवं बवंडर को भी शामिल किया गया है। फसल कटाई के बाद खेत-खलिहान में पड़ी फसल में चक्रवात, आंधी, तुफान, ओलावृष्टि से नुकसान भी शामिल है। इसके लिए जानकारी संबंधित को ७२ घंटे में उपलब्ध कराई जानी है। बीमा कंपनी के टोल फ्री नंबर १८००२६६०७०० पर भी इसकी जानकारी दी जा सकती है।
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Devishankar Suthar
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