कांठल में बढ़ा बगीचे का रुझान, बढ़ाया लक्ष्य


प्रतापगढ़.
जिले में गत वर्षों से परम्परागत फसलों के साथ बगीचे लगाने का रुझान भी किसानों में बढ़ता जा रहा है। इसके साथ ही उद्यान विभाग की ओर से भी इस वर्ष लक्ष्य बढ़ाया गया है। जिसमें इस वर्ष के लिए 120 हैक्टेयर का लक्ष्य रखा गया है। जिसमें संतरा, आम, आंवला, नींबू, अनार, अमरूद का लक्ष्य है।

By: Devishankar Suthar

Updated: 20 Jun 2021, 07:56 AM IST


-गत वर्षों से जिले में लगातार बढ़ ही है बगीचों की संख्या
- इस वर्ष 6 प्रकार के फलों का रखा गया लक्ष्य
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प्रतापगढ़.
जिले में गत वर्षों से परम्परागत फसलों के साथ बगीचे लगाने का रुझान भी किसानों में बढ़ता जा रहा है। इसके साथ ही उद्यान विभाग की ओर से भी इस वर्ष लक्ष्य बढ़ाया गया है। जिसमें इस वर्ष के लिए 120 हैक्टेयर का लक्ष्य रखा गया है। जिसमें संतरा, आम, आंवला, नींबू, अनार, अमरूद का लक्ष्य है।
गौरतलब है कि कांठल की भूमि और वातावरण कई फसलों और फलों के बगीचों के लिए अनुकूल है। इसे देखते हुए ही जिले में गत कई वर्षों से बगीचे लगे हुए है। इनमें प्रमुख रूप से संतरा और अमरूद है। वहीं गत वर्षों से आम, आंवला, अनार, नींबू के बगीचों को लेकर भी किसानों का रूझान बढ़ रहा है। ऐसे में उद्यान विभाग की ओर से भी अनुदान पर बगीचे की स्थापना कराई जा रही है। वहीं कई किसान अपने स्तर पर भी बगीचे लगा रहे हैं। बगीचों के प्रति रुझान बढऩे के कारण ही इस वर्ष उद्यान विभाग की ओर से इस वर्ष का लक्ष्य गत वर्ष के मुकाबले दोगुना तक किया गया है। जिससे किसानों को पारम्परिक फसलों के साथ बगीचों से नकदी फसल भी मिल सके।
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जिले में गत पांच वर्ष का आंकड़ा
वर्ष हैक्टेयर फल
2017-18 40 संतरा, अमरुद,
2018-19 30 संतरा, अमरुद,
2019-20 30 संतरा, अमरुद,
2020-21 52 संतरा, अमरुद, नींबू
2021-22 120 संतरा, अमरुद, नींबू, आंवला, अनार, आम

:=:=::(आंकड़े उद्यान विभाग के अनुसार)
-ड्रिप सिंचाई पर अनुदान
बगीचे की स्थापना पर किसानों को विभाग की ओर से अनुसुचित जनजाति विभाग की ओर से 50 प्रतिशत की दर से अनुदान दिया जाता है। प्रति किसान को अधिकतम 4 हैक्टेयर तक बगीचे लगाने पर अनुदान दिया जाता है। इसमें बिना ड्रिप के इकाई लागत का 50 प्रतिशत या अधिकतम 30 हजार रुपए प्रति हैक्टेयर के आधार पर प्लांटिंग, मटेरियल, उर्वरक, पौध संरक्षण पर दिया जाता है। इसमें प्रथम वर्ष में कुल अनुदान का 60 प्रतिशत, दूसरे वर्ष में 75 प्रतिशत और तीसरे वर्ष में 90 और पौधे जीवित रहने पर 20 प्रतिशत अनुदान दिया जाता है। इसी प्रकार ड्रिप होने पर 40 प्रतिशत या 40 हजार रुपए प्रति हैक्टेयर के आधार अनुदान दिया जाता है।
बढ़ाया है लक्ष्य, विभाग में सम्पर्क करें किसान
कांठल में विभिन्न फलों के उद्यानों के लिए वातावरण अनुकूल है। ऐसे में विभाग की ओर से भी इस वर्ष के लिए लक्ष्य बढ़ाया गया है। इस वर्ष 120 हैक्टेयर में 6 प्रकार के फलों के उद्यान लगाए जाएंगे। इसके लिए किसानों को उद्यान विभाग में सम्पर्क करना होगा। जिससे बगीचे की स्थापना और अनुदान संबंधी पत्रावली तैयार की जा सके।
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गोपालनाथ योगी, सहायक निदेशक, उद्यान विभाग, प्रतापगढ़
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Devishankar Suthar
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