फसल के साथ बगीचा, यानि दोहरा लाभ

कांठल में गत वर्षों से बढ़ रहा उद्यान के प्रति रुझान

By: Rakesh Verma

Published: 10 Feb 2018, 10:19 AM IST

परम्परागत फसल के साथ लगा रहे बगीचे
प्रतापगढ़ कांठल की जलवायु विभिन्न फसलों के लिए उपयुक्त होने को देखते हुए किसानों का रुझान अब उद्यानिकी फसलों और बगीचों की ओर बढऩे लगा है। खेतों में परम्परागत फसलों के साथ ही बगीचों की स्थापना की जा रही है।इससे किसानों को दोहरा लाभ मिलने लगा है। गौरतलब है कि कांठल में परम्परागत फसलों की बुवाई का चलन है।ऐसे में किसनों में पिछले कुछ वर्षों से बगीचे लगाने की तरफ रुझान बढ़ रहा है।
जिले में कई किसानों ने संतरा, अमरुद के बगीचे लगाए है। खेत में बगीचे की स्थापना से किसानों को दोहरा लाभ मिल रहा है। अमरुद, संतरा के पौधों के बीच में खाली पड़ी जगह में रबी और खरीफ की फसल की भी बुवाई की जाती है।ऐसे में बगीचे लगाने से अतिरिक्त आय भी मिल रही है।
इस वर्ष साढ़े सात सौ हैक्टेयर में बगीचे
जिले में वर्ष 2017-18 में विभिन्न बगीचों की स्थापना के लिए साढ़े सात सौ हैक्टेयर का लक्ष्य रखा गया। इसके तहत संतरा, अमरुद, आम, नींबू, पपीता, अनार, कटहल, केला, आंवला के बगीचे लगाए गए। जिसमें संतरा के सबसे अधिक बगीचे लगाए गए। जो 284 हैक्टेयर में लगाए गए। अमरुद के 116 हैक्टेयर, आम के 83, नींबू के 53, पपीता के 74, अनार के 28, कटहल के 0.6, केला के दो और आंवला के 94 हैक्टेयर में बगीचे लगाए गए है।
छोटीसादड़ी, अरनोद में रुझान अधिक
जिले के छोटीसादड़ी और अरनोद क्षेत्र में बगीचों के प्रति रुझान अधिक है। इस वर्षछोटीसादड़ी में 302 हैक्टेयर में बगीचो की स्थापना की गई है। जबकि अरनोद में 240 हैक्टेयर में बगीचे लगाए गए है।वहीं प्रतापगढ़ में 114, धरियावद में 40 और पीपलखूंट में 38 हैक्टेयर में बगीचे लगाए गए है।
आने लगे है किसान, लगा रहे बगीचे
कांठल में पिछले कुछ वर्षों से परम्परागत फसलों के साथ विभिन्न फलों के बगीचों के प्रति भी किसानों को रुझान बढ़ रहा है।इस वर्ष भी विभाग की ओर से साढ़े सात सौ हैक्टेयर में बगीचे लगाए गए है। बगीचों से किसानों को दोहरा लाभ मिलता है।इसमें कुछ वर्षों तक परम्परागत फसल की बुवाई भी कर सकते है।
नानूराम मीणा
सहायक निदेशक, उद्यान विभाग, प्रतापगढ़
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राष्ट्रीय लोक अदालत का आयोजन आज
-राजीनामा योग्य मामलों पर लगेगी राजीनामा की मुहर
-कुल 216 0 मामलों की होगी सुनवाई
प्रतापगढ़.
लोगों को सस्ता, शीघ्र एवं सुलभ न्याय आसानी से मिल सके इसके लिए जिले भर की सभी न्यायालयों में एक साथ 2 हजार से अधिक मामलों का आपसी राजीनामा वार्ता के माध्यम से निपटारे के लिए शनिवार को राष्ट्रीय लोक अदालत का आयोजन होगा। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की ओर से जानकारी देते हुए बताया कि जिला विधिक सेवा प्राधिकरण अध्यक्ष जिला एवं सेशन न्यायाधीश राजेन्द्र सिंह के मार्ग-निर्देशन में लोक अदालत ऐसी धारा, न कोई जीता न कोई हारा की तर्ज पर जिले भर की सभी न्यायालयों में चिन्हित प्रि-लिटीगेशन और लम्बित प्रकरणों को समाहित करते हुए शमनीय दाण्डिक अपराध, अंतर्गत धारा 138 परक्राम्य विलेख अधिनियम, बैंक रिकवरी मामलें, एम.ए.सी.टी. मामले, पारिवारिक विवाद, श्रम-विवाद, भूमि अधिग्रहण मामले, बिजली व पानी के बिल (चोरी के अलावा), मजदूरी, भत्ते और पेंशन भत्तों से संबंधित सेवा मामले, अन्य सिविल मामले (किराया, सुखाधिकार, निषेधाज्ञा दावे एवं विनिर्दिष्ट पालना दावे) कुल 216 0 मामलों को राजीनामा के माध्यम से निपटाने के लिए गठित की गई कुल चार राष्ट्रीय लोक अदालत बैंचों द्वारा निपटारा किया जाएगा। जिला मुख्यालय के लिए गठित राष्ट्रीय लोक अदालत बैंच-प्रथम की अध्यक्षता जिला विधिक सेवा प्राधिकरण अध्यक्ष जिला एवं सेशन न्यायाधीश राजेन्द्र सिंह की अध्यक्षता एवं सदस्य पुखराज मोदी अभिभाषक, बैंच द्वितीय की अध्यक्षता विशिष्ठ न्यायाधीश- अ.जा/अ.ज.जा.(अनिप्र) अमित सहलोत एवं सदस्य कमलसिंह गुर्जर अभिभाषक, बैंच तृतीय की अध्यक्षता मुख्य न्यायिक मजिस्टे्रट-सुन्दरलाल बंशीवाल एवं आशीष चतुर्वेदी अभिभाषक तथा बैंच चतुर्थ की अध्यक्षता अति सिविल न्यायाधीश एवं न्यायिक मजिस्ट्रेट जयश्री मीणा एवं सदस्य ललिता गांधी अभिभाषक की सहभागिता में लोक अदालत की भावना से मामलों की सुनवाई करेगी। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण अध्यक्ष जिला एवं सेशन न्यायाधीश राजेन्द्रसिंह ने राष्ट्रीय लोक अदालत के इस आयोजन को आम जन के हितार्थ पुनीत एवं पावन कार्यक्रम निरूपित करते हुए विवादों को आपसी सहमति व समझाईश से निपटाने के लिए राष्ट्रीय लोक अदालत के इस अनूठे आयोजन में शामिल होकर अपने विवादों का निपटारा कराने के सुनहरे मौके का लाभ उठाने के साथ-साथ सभी पदाधिकारियों से लोक अदालत के माध्यम से अधिकाधिक प्रकरणों का निस्तारण कराने में सहयोग की अपील की।

Rakesh Verma Bureau Incharge
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