शहर में हुई झमाझम बारिश, गांवों में रिमझिम


प्रतापगढ़. जिले में बारिश का दौर दूसरे दिन रविवार केा भी जारी रहा। हालांकि गांवों में रिमझिम बारिश हुई। शहर में दोपहर बाद करीब आधा घंटे तक बारिश हुई। इससे पानी सडक़ों पर बह निकला। वहीं जल संसाधन विभाग के नियंत्रण कक्ष के अनुसार रविवार सुबह गत २४ घंटों में सर्वाधिक बारिश शहर में १७ एमएम दर्ज की गई।

By: Devishankar Suthar

Published: 12 Jul 2021, 07:19 AM IST


- दूसरे दिन भी बारिश का दौर
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प्रतापगढ़. जिले में बारिश का दौर दूसरे दिन रविवार केा भी जारी रहा। हालांकि गांवों में रिमझिम बारिश हुई। शहर में दोपहर बाद करीब आधा घंटे तक बारिश हुई। इससे पानी सडक़ों पर बह निकला। वहीं जल संसाधन विभाग के नियंत्रण कक्ष के अनुसार रविवार सुबह गत २४ घंटों में सर्वाधिक बारिश शहर में १७ एमएम दर्ज की गई। जबकि अरनोद में ९, छोटीसादड़ी में ४, धरियावद में १० और पीपलखूंट में ६ एमएम बारिश दर्ज की गई। गत कई दिनों के बाद जिले में मानसूनी बारिश शनिवार से शुरू हुई। जिलेभर में शनिवार रात को बारिश हुई। वहीं रविवार सुबह से कई इलाकों में फुहारों का दौर चलता रहा। शहर में दोपहर बाद झमाझम बारिश हुई।
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बारिश की कामना को लेकर कई गांव में उज्जैनी मनाई गई
स्वरूपगंज. क्षेत्र में अच्छी बारिश की कामना को लेकर रूठे इंद्रदेव को मनाने में किसान कोई कसर नहीं छोड़ रहे है। क्षेत्र में आसपास के गांव में रविवार को उज्जैनी मनाई गई। जिसमें गांव के मंदिरों में हवन-पूजन किए गए। किसानों ने अपने घर के बाहर खेतों में भोजन बनाकर भगवान को भोग लगाया। रविवार को दिनभर बादल छाए रहे, लेकिन बारिश नहीं हुई। ऐसे में बादलों ने भूमिपुत्रों को तरसाया। वहीं दूसरी ओर बारिश की देरी की वजह से दिनभर उमस और तपन का दौर चलता रहा। लेकिन बारिश नहीं हुई। जिसकी वजह से आमजन के चेहरे पर मायूसी दिखाई दी। गर्मी एवं उमस के चलते फसलें मुरझाने लगी है।
चूपना. क्षेत्र में बारिश की कामना को लेकर मोहेडा गांव में उज्जैनी मनाई गई। गांव के पूर्व पंचायत समिति सदस्य प्रभुलाल मालवीय ने बताया अच्छी बारिश की कामना के लिए ग्रामीणों ने गांव से बाहर अपने खेतों पर खाना बनाया व इंद्रदेवता को भोग लगाया गया।
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एक पखवाडे के लम्बे अंतराल के बाद हुई झमाझम बरसात
धरियावद. क्षेत्र में एक पखवाडे से अधिक अंतराल के बाद शनिवार रात को झमाझम बरसात हुई। जिससे आमजन से लेकर काश्तकारों के चेहरें खिल उठे। जहां बरसात से आमजन को गर्मी से राहत मिली तो वहीं खेतों में फसलों को संजीवनी मिल गई। इधर बरसात के बाद रविवार को धरतीपुत्रों ने अपने खेतों की सार-सम्भाल करते दिखाई दिए।वहीं रविवार को दिनभर आसमान में काले गहरे बादल छाए रहे। सुबह उमस एवं गर्मी के बीच शुरू हुआ बरसात का दौर रूकरूक कर दिनभर जारी रहा। इस दौरन रिमझिम से मध्यम बरसात होती रही। आलोक ऋतू वैधशाला अनुसार बीते चौबीस घंटो में 24 मिमी बरसात दर्ज की गई।

करजू.
नई आबादी करजू में जल निकासी की व्यवस्था नहीं होने के कारण यहां की सडक़ों पर पानी भरा रहता है। इसके कारण लोगों को नालियों के गंदे पानी से निकलकर प्रतिदिन आना-जाना पड़ रहा है। सडक़ पर गन्दा पानी भरा रहता है। इस कारण सडक़ पर कीचड़ हो गया है। दो पहिया वाहन चालक गिरकर चोटिल हो रहे है। इसके कारण कोई भी बड़ा हादसा हो सकता है। वहीं स्थानीय लोगों ने बताया कि मोहल्ले की सडक़ पर 12 महीने ही पानी भरा रहता है। इस कारण घर से बाहर निकलना भी मुश्किल हो रहा है और मच्छर पनप रहे है।
नई आबादी करजू में नहीं बनी नालियां
नई आबादी करजू में सडक़ के दोनों तरफ नालियां नहीं बनी हैं। घर से निकलने वाला पानी सडक़ पर जमा हो रहा है। बारिश होते ही और भी मुश्किल बढ़ जाती है।

Devishankar Suthar
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