एकलव्य आवासीय छात्रावास में 11 बालिकाओं की तबीयत बिगड़ी

एकलव्य आवासीय छात्रावास में 11 बालिकाओं की तबीयत बिगड़ी

Ram Sharma | Updated: 14 Jul 2019, 02:47:13 PM (IST) Pratapgarh, Pratapgarh, Rajasthan, India


जिला चिकित्सालय (district hospital)में चल रहा इलाज(hostel girls)



प्रतापगढ़. जिले के अरनोद के वीरावली गांव में दूषित पानी से बीमारी का मामला अभी नियंत्रित भी नहीं हुआ कि शुक्रवार रात को जिला मुख्यालय के राजकीय आवासीय बालिका छात्रावास की बालिकाएं दूषित पानी पीने से बीमार हो गई। यहां जिला चिकित्सालय पर 11 बालिकाओं का इलाज चल रहा है। जिला मुख्यालय से करीब दस किलोमीटर दूर टीमरवां गांव में स्थित राजकीय एकलव्य आवासीय बालिका छात्रावास में करीब 350 छात्राएं हैं।
ये छात्राएं शुक्रवार रात को खाना खाकर सो गई। इनमे से 11 छात्राओं को देर रात उल्टी दस्त की शिकायत हुई। वार्डन सुगना मीणा ने इन बालिकाओं को तुरंत जिला चिकित्सालय में भर्ती कराया। जिला चिकित्सालय के डॉक्टर राजकुमार जोशी ने बताया कि बालिकाएं दूषित पानी का शिकार हुई है। बारिश के मौसम में कई बार पानी दूषित हो जाता है। अस्पताल में भर्ती बालिकाओं की तबियत में अब सुधार है।
ये बालिकाएं हुई बीमार: छात्रावास की कांतामीणा,कंचन, रेखा, तुलसी, सुनीता, अंजली, निर्मला, एकता, अकरी, उर्मिल और शीला का यहां अस्पताल में इलाज चल रहा है।
इधर, वीरावली में फिर बीमार हुए लोग, जिला अस्पताल में कराया भर्ती
पहले दे दी थी छुट्टी, फिर बीमार हुए
दूषित पानी से उल्टी दस्त होने का मामला
प्रतापगढ़. जिले के अरनोद इलाके के वीरावली गांव में नलकूप के दूषित पानी पीने से हालत अब भी नियंत्रण में नहीं आ रही। दूषित पानी का असर अब भी दिख रहा है। अरनोद से करीब 17 मरीजों को शनिवार को जिला चिकित्सालय में रैफर किया गया। यहां उनका उपचार चल रहा है। मरीजों का कहना था कि वे एक बार इलाज लेने के बाद घर गए,उसके बाद वापस उल्टी दस्त की शिकायत की है। इधर गांव में चिकित्सा टीम सुबह शाम दौरा कर हालत पर नजर रखे हुए हैं। नलकूप में पानी लेने पर रोक लगा दी गई है।
यहां जिला चिकित्सालय में तीसरे दिन शनिवार को 17 और लोगों को उल्टी-दस्त की शिकायत हुई। इस पर सभी को अरनोद चिकित्सालय से यहां जिला चिकित्सालय में भर्ती कराया गया। मरीजों ने बताया कि उन्होंने पहले दिन से ही नलकूप का पानी काम में लेना बंद कर दिया था। इस बीच गांव में नलकूप के उपयोग पर रोक लगा दी गई है। अब गांव में जलदाय विभाग द्वारा टैंकरों से आपूर्ति की जा रही है।
25 मरीजों को वापस बुलाया: इधर, अरनोद चिकित्सालय में गांव के 25 लोगों का वापस बुलाकर निगरानी में रखा गया है। ये ऐसे मरीज थे, जो इलाज बीच में छोडकऱ चले गए थे। अब इन्हें बुलाकर ऐतिहातन फिर से इलाज शुरू किया गया है।
चिकित्सा विभाग ने छिडक़ी दवा: इस बीच प्रभावित गांव में चिकित्सा विभाग की टीमे लगातार दौरा कर ग्रामीणों को समझा रही है। चिकित्साकर्मियों ने उन स्थानों पर दवा भी छिडक़ी जहां गंदा पानी जमा है। स्वास्थ्यकर्मियों की टीम सुबह -शाम गांव जाकर ग्रामीणों का सर्वे कर रही है, जिस घर में थोड़ा बहुत भी बीमार मिलता है, उसका मौके पर ही इलाज किया जा रहा है। गौरतलब है कि वीरावली गांव के चाचाखेड़ी मार्ग पर गुरुवार दोपहर एक नलकूप का दूषित पानी पीने से सौ से अधिक लोगों की तबीयत बिगड़ गई थी। इस पर चिकित्सा विभाग की टीम गांव में पहुुंची। जहां 101 लोगों की तबीयत खराब मिली। इनमें से अधिकांश का मौके पर ही उपचार किया गया।

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