एकलव्य बालिका मॉडल स्कूल में बालिकाओं को दी विधिक जानकारी


प्रतापगढ़. राजस्थान राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण के दिशा-निर्देशों एवं प्राधिकरण अध्यक्ष (जिला एवं सत्र न्यायाधीश) आलोक सुरोलिया के मागदर्शन में प्राधिकरण सचिव लक्ष्मीकांत वैष्णव ने शनिवार को राजकीय एकलव्य मॉडल आदिवासी जनजाति बालिका विद्यालय में विधिक जानकारी दी।

By: Devishankar Suthar

Updated: 07 Mar 2021, 09:11 AM IST


प्रतापगढ़. राजस्थान राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण के दिशा-निर्देशों एवं प्राधिकरण अध्यक्ष (जिला एवं सत्र न्यायाधीश) आलोक सुरोलिया के मागदर्शन में प्राधिकरण सचिव लक्ष्मीकांत वैष्णव ने शनिवार को राजकीय एकलव्य मॉडल आदिवासी जनजाति बालिका विद्यालय में विधिक जानकारी दी।
शिविर में प्राधिकरण सचिव ने छात्राओं को आत्मनिर्भर बनने की प्रेरणा दी। साथ ही बालिकाओं को निर्भय होकर अपने प्रति हो रहे किसी भी अपराध के विरूद्ध आवाज उठाने के लिए प्रेरित किया। प्राधिकरण सचिव ने अच्छी पढ़ाई करते हुए उच्च पदों पर आसीन होने एवं देश सेवा करने के लिए प्रेरित किया। कार्यक्रम में उपस्थित प्रो-बोनो लॉयर कुलदीप शर्मा ने एफआईआर करने एवं सामान्य कानूनी जानकारियों से अवगत कराया। इस मौके पर प्रधानाचार्य अनिल सालवी, लेक्चरर चेतराम, अंग्रेजी अध्यापक ग्यामीनी रावत, पी.टी.आई. छगनलाल मीणा, व्याख्याता चौथमल मीणा, आरती पाण्डे, सुगना मीणा सहित समस्त स्टॉफ मौजूद रहा।
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प्रतापगढ़. चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग की ओर से शनिवार को जिला जेल में नशा मुक्ति और मानसिक रोगों पर जागरूकता कायक्रम आयोजित किया गया। जिसमें अध्यक्षता एडीजे लक्ष्मीकांत वैष्णव ने की। कार्यक्रम में जेल अधीक्षक प्रदीप लखावत एवं मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. लखपतसिंह मीणा विशेष रूप से शामिल हुए। इस अवसर पर जेल बंदियों को नशा के दुष्परिणाम को बताते हुए इससे छोडऩे की अपीला की।
एडीजे लक्ष्मीकांत वैष्णव ने कहा कि व्यक्ति चाहे जिस भी कारण से यहां पर आया है, यह उसके लिए विपरित समय है, लेकिन इन परिस्थिति को वह अपने लिए अनुकूल परिस्थितयों में बदल सकता है। उन्होंने कहा कि जितना भी समय यहां बीत रहा है, उसे हम अपनी बुरी आदतों जैसे किसी भी प्रकार की मादक पदार्थों की लत को छोडऩे के लिए आदि के लिए कर सकते है। इसके लिए मानसिक रूप से तैयार होने और सकारात्मक सोच की बात कहीं। जेल अधीक्षक ने जेल प्रशासन एवं अन्य विभागों के समन्वय से इस प्रकार के कार्यक्रम आयोजित कर बंदियों को ज्यादा से ज्यादा लाभान्वित किए जाने की बात की कही। सीएमएचओ डॉ. लखपतसिंह मीणा ने कैदियों को नशे के प्रकार और इनको त्यागने के तरीके को बताया। इसी के साथ उन्होंने नशा मुक्त होने की शपथ भी बंदियो को दिलाई। मानसिक रोग अनुभाग की तरफ से बंदियों को मानसिक तनाव से निजात पाने और व्यशन को छोडऩे के बारे में बताया गया। एनटीसीपी कार्यक्रम प्रभारी सचिन शर्मा ने कोटपा अधिनियम एवं तम्बाकू जनित उत्पादों के दुष्परिणाम और सरकार की मुहिम के बारे में जानकारी दी। डॉ. हितेश जोशी, डॉ. विमल मीणा, डीपीएम सदाकत अहमद, महेश पाटीदार, केसव प्रकाश, सुशील सहित जेल प्रशासन के कार्मिक मौजूद थे।
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पाली से भेंडें चराने ले जा रहे बच्चे को प्रतापगढ़ में छोड़ा
-चाइल्डलाइन आजीविका ब्यूरो ने बच्चे को निराश्रित बाल गृह को सौंपा
प्रतापगढ़.
यहां नगर परिषद दरवाजे के बाहर शुक्रवार रात को गुम हुए बच्चे को चाइल्डलाइन आजीविका ब्यूरो ने उसके माता-पिता तक पहुंचाया। उक्त बच्चे को कुछ लोग पाली जिले से लाए थे, जो एमपी के उज्जैन ले जा रहे थे। लेकिन उसे यहां बीच में ही छोड़ गए।
चाइल्डलाइन आजीविका ब्यूरो के समन्वयक शांतिलाल डोडा ने बताया कि शुक्रवार रात को हेल्पलाइन के ट्रोल फ्री नम्बर 1098 पर एक कॉलर के द्वारा सहायता की दृष्टि फोन आया कि एक लावारिस बच्चा नगर परिषद के गेट के बाहर घूम रहा है। जिस पर चाइल्ड लाइन टीम मेम्बर गोविन्द गुर्जर व कन्हैयालाल कुमावत बच्चे के पास पहुंचे।
बच्चे की मदद कर चाइल्ड लाइन कार्यालय लाए। कार्यालय पर लाकर बच्चे से तसल्ली से पूछा तो बच्चे ने अपना नाम हरीश पुत्र दुदा गमेती निवासी रणकपुर जिला पाली बताई। उसके बाद बच्चे से और जानकारी जुटाई तो बच्चे ने पूरी बात बताई। उसने कहा कि कुछ लोग भेड़ चराने के लिए ले जा रहे थे। उसे नगर परिषद के बाहर छोड़ कर चले गए। जबकि उनके साथ में अभी 2 बच्चे और है। जिनका नाम प्रकाश व भेरू है। तीनों को इंदौर लेकर जा रहे थे। जिस ट्रक में उनको लेकर जा रहे थे। उसमें भेड़ें थी। टीम ने बालक का कोरोना का टेस्ट करवाया और उसे निराश्रित बाल गृह में अस्थाई प्रवेश दिलवाया।

Devishankar Suthar
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