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कहीं हो ना जाए खाद का संकट

प्रतापगढ़.
गत दिनों से जिले में रबी की बुवाई युद्ध स्तर पर चल रहा है। वहीं दूसरी ओर खेतों में उर्वरकों की भी आवश्यकता हो रही है। जिससे बाजार में खाद की कमी होने लगी है। हालांकि सहकारी समितियों में उर्वरक की कमी अधिक हो रही है। जिससे किसानों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। वहीं विभाग का दावा है कि मांग के अनुसार उर्वरक उपलब्ध कराया जा रहा है।

प्रतापगढ़

Published: November 18, 2021 08:10:02 am


-जिले में रबी की फसलों में उर्वरकों की होने लगी आवश्यकता
-नामा मात्र का बचा सहकारी समितियों में खाद
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--- विभाग जुटा समय पर उर्वरक की उपलब्धता में
प्रतापगढ़.
गत दिनों से जिले में रबी की बुवाई युद्ध स्तर पर चल रहा है। वहीं दूसरी ओर खेतों में उर्वरकों की भी आवश्यकता हो रही है। जिससे बाजार में खाद की कमी होने लगी है। हालांकि सहकारी समितियों में उर्वरक की कमी अधिक हो रही है। जिससे किसानों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। वहीं विभाग का दावा है कि मांग के अनुसार उर्वरक उपलब्ध कराया जा रहा है। कुछ इलाकों में खाद की कमी होने पर रैक मंगवाई है।
जिले में दीपावली के बाद से ही रबी की बुवाई ने जोर पकड़ लिया है। इससे अभी विशेषकर डीएपी, एनपीके और यूरिया की अधिक आवश्यकता हो रही है। जिससे किसानों को खाद नहीं मिलने की परेशानी हो रही है।
-=-=-जिले में रबी में खाद की मांग और उपलब्धता
खाद मांग उपलब्धता स्टॉक
यूरिया 27600 १०४८३ ६४७१
डीएपी 4300 २५१६ ६३५
एनपीके 1130 १७८२ ४६३
एमओपी 645 ३५० १२९
एसएसपी 8800 10७७१ ५०१०
(आंकड़े कृषि विभाग के अनुसार एमटी में)
-------फोटो..बॉक्स.....
खाद-बीज के लिए किसान परेशान

वनपुरा. वर्तमान समय में किसानों को बुवाई के समय खाद आवश्यकता होती है। जो समय पर पूरी ना हो पाने के कारण किसान भटक रहा है। यहां किसानों की खरीफ की फसल अतिवृष्टि से खराब हो चुकी थी। जिसके बाद किसान पुन: अपने खेतों की ओर रूख करके खेतों की हंकाई-जुताई करवा कर खेतों में बुवाई की तैयारी कर रहे हैं। वहीं अभी डीएपी एवं एनपीके खाद की आवश्यकता होती है। जो पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध नहीं है। इसके साथ ही सहकारी समितियों में भी खाद की कमी होने लगी है।इस कारण किसानों को बाजारों में महंगे दाम में खाद खरीदना पड़ रहा है। वहीं कई किसान बिना खाद के ही अपने खेतों में सिंचाई करने में जुट गए हैं। इसके साथ ही यहां एमपी सीमा वाले गांवों में तो खाद की अधिक कमी होती जा रही है। ऐसे में किसानों ने विभाग से समय से खाद उपलब्ध कराने की मंाग की है।
कहीं हो ना जाए खाद का संकट
कहीं हो ना जाए खाद का संकट
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नहीं है कमी, मंगवाई है रैक
जिले में अभी बुवाई का दौर चल रहा है। ऐसे में उर्वरकों की भी आवश्यकता है। जिले में अभी मंाग के अनुसार उर्वरकों की व्यवस्था करा रहे है। कहीं-कहीं डीएपी और एनपीके की कमी है। ऐसे में आपूर्तिकर्ता कंपनियों से खाद मंगवाया गया है। जो उदयपुर और चित्तौडग़ढ़ में रैक शीघ्र ही लगने वाली है। इससे दोनों उर्वरकों की कमी दूर होगी। इसके साथ ही डीएपसी के स्थान पर एसएसपी का उपयोग कर किसान खेतों में पूर्ति कर सकता है। इसके लिए भी सलाह दी जा रही है। ï
-भूरालाल पाटीदार, उप निदेशक, कृषि विस्तार, प्रतापगढ़

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