
कांठल में अधिक भाव वाली फसलों की ओर रुझान
गेहूं के भावों में उछाल
जिले के किसान अधिक भावों वाली फसलों में अधिक रुचि लेने लगे हैं। पानी की उपलब्धता के चलते गेहूं का रकबा इस वर्ष अप्रत्याशित रूप से बढ़ा है। जहां गत पांच वर्ष में यह 53 हजार हेक्टेयर था। इस वर्ष 72 हजार तक पहुंच गया है। भावों में भी उछाल भी इसका कारण है। गेहूं के भाव दो से बढ़कर ढाई हजार रुपए प्रति क्विंटल तक हो गए। वहीं, मवेशियों के लिए उपयोगी भूसे के भावों में भी बढ़ोतरी हो गई है। गत बर्ष भूसे की काफी कमी हो गई थी।
चना, सोयाबीन ने किया मायूस
चने के भावों में बढ़ोतरी न होने से किसानों का रुझान कम होने लगा है। पांच वर्ष पहले इसका रकबा 30 हजार हेक्टेयर था, जो घटकर 22 हजार रह गया। नकदी फसल सोयाबीन का रकबा 1,43,000 से घटकर 1,32,000 ही रह गया। लहसुन, प्याज व अस्थिर भाव वाली औषधीय फसलें भी किसानों को आकर्षित नहीं कर पा रहीं। मक्का का रकबा बढ़ा है।
देवीशंकर सुथार — प्रतापगढ
Published on:
14 Dec 2022 10:45 am
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