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कांठल में अधिक भाव वाली फसलों की ओर रुझान

—कांठल में बढ़ रहा खाद्यान्न फसलों का रकबा —गेहूं व मक्का की फसलों की अधिक बुवाई—गेहूं का रकबा 53 हजार से 72 हजार हैक्टेयर प्रतापगढ़ जिले में नागदी के किसान मुकेश पाटीदार ने दस बीघा में मक्का की बुवाई फिर से शुरू की हैं। साथ ही बंटाई पर भी फसलों का उत्पादन कर रहे है। जिसमें गेहूं की बुवाई अधिक है। इस वर्ष करीब पांच बीघा में गेहूं व तीन बीघा में सरसों की बुवाई की है।

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कांठल में अधिक भाव वाली फसलों की ओर रुझान

कांठल में अधिक भाव वाली फसलों की ओर रुझान

गेहूं के भावों में उछाल
जिले के किसान अधिक भावों वाली फसलों में अधिक रुचि लेने लगे हैं। पानी की उपलब्धता के चलते गेहूं का रकबा इस वर्ष अप्रत्याशित रूप से बढ़ा है। जहां गत पांच वर्ष में यह 53 हजार हेक्टेयर था। इस वर्ष 72 हजार तक पहुंच गया है। भावों में भी उछाल भी इसका कारण है। गेहूं के भाव दो से बढ़कर ढाई हजार रुपए प्रति क्विंटल तक हो गए। वहीं, मवेशियों के लिए उपयोगी भूसे के भावों में भी बढ़ोतरी हो गई है। गत बर्ष भूसे की काफी कमी हो गई थी।

चना, सोयाबीन ने किया मायूस
चने के भावों में बढ़ोतरी न होने से किसानों का रुझान कम होने लगा है। पांच वर्ष पहले इसका रकबा 30 हजार हेक्टेयर था, जो घटकर 22 हजार रह गया। नकदी फसल सोयाबीन का रकबा 1,43,000 से घटकर 1,32,000 ही रह गया। लहसुन, प्याज व अस्थिर भाव वाली औषधीय फसलें भी किसानों को आकर्षित नहीं कर पा रहीं। मक्का का रकबा बढ़ा है।

देवीशंकर सुथार — प्रतापगढ