2 अप्रेल को प्रतापगढ़ बंद का सौंपा ज्ञापन

2 अप्रेल को प्रतापगढ़ बंद का सौंपा ज्ञापन

Rakesh kumar Verma | Publish: Mar, 30 2018 06:58:15 PM (IST) | Updated: Mar, 30 2018 06:58:16 PM (IST) Pratapgarh, Rajasthan, India

-अनुसूचित जाति जनजाति संघर्ष समिति ने किया प्रदर्शन

प्रतापगढ़. अनुसूचित जाति जनजाति संघर्ष समिति की ओर से उच्चतम न्यायालय के अनुसूचित जाति-जनजाति अत्याचार निवारण अधिनियम सम्बंधी निर्णय पर समिति की ओर से 2 अप्रेल को भारत बंद के आह्वान का समर्थन करते हुए समिति की प्रतापगढ़ शाखा की ओर से प्रदर्शन कर पुलिस प्रशासन को इस सम्बंध में ज्ञापन सौंपा गया। ज्ञापन में बताया गया की उच्चतम न्यायालय के 21 मार्च को अनुसूचित जाति-जनजाति अत्याचार निवारण अधिनियम सम्बंधी निर्णय के कारण यह अधिनियम निष्प्रभावी हो गया है। जिससे प्रत्यक्ष एवं अप्रत्यक्ष रूप से अनुसूचित जाति एवं जनजाति वर्ग पर होने वाले अत्याचार में बढ़ोतरी हो जाएगी। इस निर्णय पर पुर्नविचार करने की मांग करते हुए अनुसूचित जाति एवं जनजाति की ओर से 2 अप्रेल को भारत बंद का आह्वान किया गया है। ऐसे में प्रतापगढ़ शाखा की ओर से भी प्रतापगढ़ बंद का समर्थन किया गया है।

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शिक्षक की हत्या के तीन अभियुक्तों को आजीवन कारावास
दो महिलाओं को 6 माह का परीविक्षा का लाभ
प्रतापगढ़
अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश व विशेष न्यायाधीश(अजा, अजजा) अमित सहलोत ने शिक्षक हत्या के एक मामले में शुक्रवार को तीन अभियुक्तों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। जबकि दो महिलाओं को 6 माह के लिए परीविक्षा का लाभ दिया गया। विशिष्ट लोक अभियोजक आशुतोष जोशी ने बताया कि धरियावद थाना क्षेत्र के भांडला गांव में शिक्षक कालूलाल मीणा की गांव के पांच लोगों ने हत्या कर दी थी।
इस मामले में मृतक की पत्नी सीता ने थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। जिसमें बताया था कि उनका गांव के खेमराज मीणा, शंकर मीणा, बाबरू मीणा, कमली मीणा, पार्वती मीणा के साथ पुराना विवाद चल रहा था। वह अपने पति और बच्चों के साथ 13 मई 2013 को अपने घर पर थी। इस दौरान पांचों अभियुक्त उसके घर आए और विवाद करने लगे।इस दौरान उसका पति कालू घर के पीछे नाले की तरफ भाग गया। इसके बाद सभी लोग वहां से चले गए। मध्य रात को उसका पति कालू घर आया। वह मोटरसाइकिल लेकर सीता और बच्चों को लेकर धरियावद की तरफ गया। इस दौरान अभियुक्तों ने उनका पीछा किया। रावला फला गांव के पास उन्होंने पीछा करते हुए रास्ता रोक लिया। कालूलाल खेतों में भागने लगा। अभियुक्तों ने उसका पीछा किया और पकड़ लिया। सभी ने मिलकर लोहे के सरिए व लाठियों से उस पर हमला कर दिया। आजाव लगाने पर कई ग्रामीण मौके पर पहुंच गए। लेकिन तब तक हमलावर वहां से भाग गए। गम्भीर हालत में कालू को उदयपुर ले जा रहे थे। लेकिन कालू ने रास्ते में दम तोड़ दिया। इस पर पुलिस ने पांचों के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज कर अनुसंधान किया। सभी को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया गया। न्यायालय ने इस मामले में शुक्रवार को तीनों अभियुक्तों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई। सभी पर अर्थदंड भी लगाया गया। जबकि पार्वती व कमली को परीविक्षा काल लाभ दिया गया।

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