नीलकंठ महादेव का प्रकृति करती है अभिषेक

सहस्त्रों वर्ष पुराना है मंदिर

By: Rakesh Verma

Published: 10 Feb 2018, 10:13 AM IST

सालमगढ़. कस्बे से एक किलोमीटर दूरी पर अरावली पर्वतमाला में नीलकंठ महादेव मंदिर हजारों वर्ष पुराना बताया जाता है। यह स्थान प्रकृति के सामिप्य और नैसर्गिक सौन्दर्य से ओत-प्रोत प्रतीत होता है, मानो कैलाश पर्वत यहीं हों। नीलकंठ महादेव पर गोमुख से गिरती अखंड जलधारा पहाड़ी के मध्य से निकलती है।
सालमगढ़ के पास पहाड़ी के मध्य में एक शिवालय जो प्राचीन है। जो काले पत्थरों से बनाया गया है। इस मंदिर की कला निकटवर्ती सेवना के खंडहर शिवालयों की तरह से है। किंवदंती है कि यह स्थान दो हजार वर्ष पुराना है।
यह अति प्राचीन मंदिर है जो तपोस्थली भी रही है।
यहां पिछले 6 दशक से शिवरात्रि पर मेले का आयोजन किया जाता है। यहां 60 वर्ष पहले खुदाई में एक और शिवलिंग निकला था। जो मुख्य मंदिर के सामने ही है। इस पर जलधारा से अभिषेक होता है।
सन् 1955 में मंदिर तक जाने के लिए रास्ते का निर्माण कराया तो मंदिर के निकट डेढ़ फीट से बड़ा एक शिवलिंग खुदाई में निकला था। इस शिवलिंग को संत बोडदास ने मंदिर के पास स्थापित करवाया था। यह स्थान आसपास के लोगों के लिए श्रद्धा का केन्द्र बना हुआ है।
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शहर में तीन दिन बाद हुई सफाई, उठा कचरा
-सफाई कर्मचारियों की हड़ताल खत्म होने के बाद हुआ सफाई कार्य
प्रतापगढ़.
जगह-जगह पसरी गंदगी, गंदगी के बड़े-बड़े ढेर और उसे साफ करने में जुटे सफाई कर्मी। शहर में शुक्रवार सुबह से शाम तक यही नजारा देखने को मिला। अपनी विभिन्न मांगों को लेकर पिछले तीन दिनों से सफाई कार्य का बहिष्कार कर रहे सफाईकर्मियों ने हड़ताल खत्म होने के बाद शुक्रवार को शहर की सफाई व्यवस्था फिर से संभाली और पिछले तीन दिनों से फैली गंदगी को हटाया।
सडक़ों की सफाई
सफाई कर्मचारियों के सफाई कार्य के बहिष्कार के चलते पिछले तीन दिनों से सडक़ों का झाडू तक नहीं निकला। ऐसे में शहर की हर सडक़ पर कचरा बिखरा पड़ा था। सफाई कर्मचारियों ने शहर की सभी सडक़ों पर झाडू निकालकर कचरा हटाकर सफाई की।
हटाए कचरे के ढेर
पिछले तीन दिनों से सफाई कार्य नहीं होने से शहर में जगह-जगह गंदगी के बड़े-बड़े ढेर लग गए थे। कचरा पात्र भी भरे हुए थे। ऐसे में सफाई कर्मचारियों ने इन गंदगी के ढेरों को हटाकर वहां साफ-सफाई की। इस कार्य में कर्मचारियों को पूरा दिन लग गया।
घरों से उठा कचरा
सफाई कर्मचारियों की हड़ताल के दौरान कचरा संग्रहण वाहन भी नहीं चले। ऐसे में घरों का कचरा पिछले तीन दिनों से घरों में ही पड़ा हुआ था। शुक्रवार सुबह कचरा संग्रहण वाहन घरों के बाहर पहुंचने पर लोगों ने उसमें कचरा डाला।
शहर दिखने लगा साफ
स्वच्छ सर्वेक्षण अभियान और उसके बाद शहर काफी स्वच्छ रहने लगा था। लेकिन पिछले तीन दिनों से सफाई नहीं होने से शहर फिर से गंदा हो गया। हड़ताल खत्म होने के बाद सफाईकर्मियों ने जब दोबारा सफाई व्यवस्था सुचारु करने की बागडोर संभालकर साफ सफाई की तो शहर फिर से साफ दिखाई देने लगा। हालांकि अभी भी जो सफाई स्वच्छ सर्वेक्षण अभियान के दौरान दिखाई दे रही थी वह नजर नहीं आई और इसके लिए कुछ और ज्यादा सफाई किए जाने की आवश्यकता है।

Rakesh Verma Bureau Incharge
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