वैश्वीकरण के दौर में जैविक कृषि कार्य चुनौतिपूर्ण

प्रतापगढ़. शहर के नीमच रोड स्थित एपीसी महाविद्यालय में बुधवार को एक दिवसीय कार्यशाला का आयोजन हुआ।
कॉलेज के प्राचार्य डॉ. संजय गील ने बताया कि महाविद्यालय में संचालित योजना मंच और स्वयंसेवी संस्था कट्स इंटरनेशनल के संयुक्त तत्वावधान में जैविक खेती, नयी दिशा और दशा विषयक एक दिवसीय कार्यशाला का आयोजन उपवन संरक्षक डॉ. संग्रामसिंह कटियार के मुख्य आतिथ्य में हुआ। अध्यक्षता गोविंद गुरु जनजातीय विश्वविद्यालय के डीन डॉ. एस एम रॉय ने की।

By: Devishankar Suthar

Published: 25 Feb 2021, 08:17 AM IST


एपीसी में एक दिवसीय जैविक कृषि कार्यशाला आयोजित
प्रतापगढ़. शहर के नीमच रोड स्थित एपीसी महाविद्यालय में बुधवार को एक दिवसीय कार्यशाला का आयोजन हुआ।
कॉलेज के प्राचार्य डॉ. संजय गील ने बताया कि महाविद्यालय में संचालित योजना मंच और स्वयंसेवी संस्था कट्स इंटरनेशनल के संयुक्त तत्वावधान में जैविक खेती, नयी दिशा और दशा विषयक एक दिवसीय कार्यशाला का आयोजन उपवन संरक्षक डॉ. संग्रामसिंह कटियार के मुख्य आतिथ्य में हुआ। अध्यक्षता गोविंद गुरु जनजातीय विश्वविद्यालय के डीन डॉ. एस एम रॉय ने की। विशिष्ट अतिथि डॉ. रमेश डामोर तकनीकी सहायक कृषि विज्ञान केंद्र रहे।
उपवन संरक्षक कटियार ने कहा कि वर्तमान का दौर वैश्वीकरण का दौर है। इसमें प्रगतिशील किसान आर्थिक रूप से भी संपन्न हो, वहीं आगे बढ़ पा रहा है। हमें चाहिए कि हम रोजगार और आर्थिक हितों के स्थान पर जैविक खेती को प्राथमिकता प्रदान करें। आज भारत का किसान रासायनिक खाद के माध्यम से आर्थिक प्रगति तो कर रहा है किंतु आने वाला भविष्य चुनौतियों से भरा हुआ है।
उन्होंने किसान मित्रों और युवा विद्यार्थियों से अपील की कि वह चुनौतियों का सामना करते हुए अधिक से अधिक जैविक खेती का प्रचार-प्रसार करें। प्रारंभिक दौर पर जरूर संघर्ष करना होगा किंतु आने वाला समय जैविक खेती और जैविक दशकों का स्वर्णिम है। अध्यक्षता कर रहे डॉक्टर एसएन रॉय ने विज्ञान व्यवहार और विकास पर अपने विचार व्यक्त किए। कहा कि पुरातन काल से व्यक्ति प्रकृति से जुड़ा हुआ रहा है। कृषि तथा पशुपालन के माध्यम से जीविकोपार्जन के साथ ही समाज की आवश्यकता की पूर्ति भी करता आया है। हरित क्रांति के पश्चात देश में पश्चिमी देशों के प्रभाव स्वरूप हम रासायनिक खेती की ओर अग्रसर हुए और वर्तमान में इस के चक्रव्यूह में फंस चुके हैं। अब भारत में पुन: यांत्रिक और जैविक खेती का प्रचलन बढ़ा है। जोकि देश के लिए शुभ संकेत है। कृषि विज्ञान केंद्र के तकनीकी सहायक डॉ रमेश डामोर ने कृषि विज्ञान विभाग द्वारा किसानों को प्रदत विभिन्न सहायता और योजनाओं के बारे में विस्तार पूर्वक बताया।
कट्स के कार्यक्रम अधिकारी राजदीप पारीक ने कट्स द्वारा किसान जागरूकता के लिए चलाए जा रहे हैं विभिन्न कार्यक्रमों के बारे में बताया। जैविक खेती प्रमाण पत्र की अनिवार्यता को समझाया। सीपी चौहान, पंकज शर्मा, निरंजन वैष्णव, भावना सोनी, निधि शर्मा, शाहीन मंसूरी, सुरेश आंजना, अतिशय जैन सहित अन्य सदस्य उपस्थित रहे। संयोजक कट्स के उप समन्वयक मदनगिरी गोस्वामी ने किया।
=-=मांगों को लेकर सौंपा ज्ञापन
प्रतापगढ़
सरपंच संघ की ओर से विभिन्न मांगों को लेकर एसडीएम को ज्ञापन सौंपा गया। ज्ञापन सौंपने में सरपंच संघ जिला अध्यक्ष रामप्रसाद मीणा, ब्लॉक अध्यक्ष पंचायत समिति धमोतर शांतिलाल मीणा, सचिव पारसमल मीणा, महामंत्री कौशल्यादेवी खाटूराम मीणा, बंटूलाल मीणा, प्रतापगढ़ सरपंच संघ अध्यक्ष जुझारूलाल मीणा, अलकाराम, पन्नालाल मीणा भांजी, शंकरलाल मीणा आदि मौजूद रहे।

Devishankar Suthar
और पढ़े

राजस्थान पत्रिका लाइव टीवी

हमारी वेबसाइट पर कंटेंट का प्रयोग जारी रखकर आप हमारी गोपनीयता नीति और कूकीज नीति से सहमत होते हैं।
OK
Ad Block is Banned