Patients are upset: उप स्वास्थ्य केंद्र एक माह से ताले में बंद, मरीज हो रहे हैं परेशान

ग्रामीणों ने जताया रोष

By: Hitesh Upadhyay

Published: 07 Jul 2019, 10:52 AM IST

छोटीसादड़ी. उपखंड क्षेत्र के बसेडा गांव में चिकित्सा विभाग की लापरवाही से ग्रामीणों में रोष है।यहां कर्मचारियों की कमी के कारण ग्रामीणों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। किसान नेता सोहनलाल आंजना के साथ मिलकर ग्राम पंचायत मुख्यालय पर स्थित उप स्वास्थ्य केंद्र की स्थिति का जायजा लेने पहुंचे।वहां देखा कि उप स्वास्थ्य केंद्र तो पिछले एक माह से चिकित्सा विभाग की अनदेखी के चलते बंद पड़ा है।इसके ताला भी लगा हुआ है।
जब से उप स्वास्थ्य केंद्र खुला है, एक भी दिन स्टाफ की कमी की वजह से यह स्वास्थ्य केंद्र पहले कभी बंद नहीं रहा है।लेकिन जनप्रतिनिधियों व प्रशासन की लापरवाही के चलते बसेड़ा ग्राम पंचायत मुख्यालय पर पिछले एक महीने से स्वास्थ्य केंद्र में चिकित्सा विभाग का कोई भी कर्मचारी नहीं है।इस पर ताला लगा हुआ है। ग्रामीणों की मांग है कि जल्द इस उप स्वास्थ्य केंद्र में चिकित्सा विभाग के कर्मचारी लगाया जाए और जनता को राहत प्रदान करें। ग्रामीणों ने समस्या का समाधान नहीं होने पर आंदोलन की भ चेतावनी दी है।ग्रामीणों ने उप स्वास्थ्य केंद्र के बाहर सोहनलाल आंजना के साथ मिलकर विरोध प्रदर्शन किया। इस दौरान प्रदर्शन करने में ग्राम पंचायत के राधेश्याम मीणा, मनोहरलाल सेन, जमनालाल बारेठ, रामसिंह राजपूत, नंदकिशोर मीणा, केसरीमल मीणा, रतनलाल मेघवाल, श्यामलाल मीणा, देवकरण मीणा, गोपाल मीणाए, रमेश मीणा, प्रेमसिंह मीणा, विकास मीणा, मुकन मीणा, देवकरण, कैलाश मेघवाल, राजमल मीणा, लक्ष्मण भील, मनीष भील, जीवन कहार मौजूद थे।
बसेड़ा उप स्वास्थ्य केंद्र पर कार्यरत स्वास्थ्यकर्मियों का स्थानान्तरण हो गया है।जिसके चलते एक्स्ट्रा चार्ज दे रखा है। उपखण्ड के 25 उप स्वास्थ्य केंद्र में 11 पद रिक्त है। जिसके चलते मौजूद एएनएम व स्वास्थ्य कर्मचारियों के पास एक से अधिक उप स्वास्थ्य केन्द्र का अतिरिक्त जिम्मेवारी दी हुई है। हम यहां भी व्यवस्था कराएंगे।
डॉ. कुमुद माथुर, खण्ड चिकित्सा अधिकारी, छोटीसादड़ी

 

बसेडा पहुंची जल संसाधन विभाग की टीम
छोटी सादड़ी निकटवर्ती बसेड़ा बांध पर कई कमियों और यहां कार्य की मांग को देखते हुए जल संसाधन विभाग की टीम शनिवार को पहुंची।जहां बांध का मौका-मुआयना किया और ग्रामीणों से इसके लिए चर्चा की।सहायक अभियंता सुंदरलाल मालू ने बताया कि इस दौरान यहां पाया गया कि यह दीवार करीब 20 वर्षसे दो स्थानों से क्रेक हुईहै।उन्होंने दावा कि इससे गांव को खतरा नहीं है। इसकी मरम्मत के लिए प्रस्ताव बनाए गए हैं।जिसकी लागत करीब ढाई करोड़ रुपए हैं जो गत वर्ष ही जयपुर भिजवा दिए है। इसकी स्वीकृति मिलते ही मरम्मत कराई जाएगी। इस मौके पर कनिष्ठ अभियंता प्रतिक राठौड़, भूअभिलेख निरीक्षक रामलाल गायरी, गोवर्धनलाल आंजना, वृद्धिचंद आंजना, अमृत लाल मीणा, पुरुषोत्तमलाल मीणा, सरपंच आदि मौजूद थे।

Hitesh Upadhyay
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