लगाया सौलर संयंत्र, बिजली बिल हुआ आधा

प्रतापगढ़
जिला चिकित्सालय में सौर ऊर्जा संयंत्र लगाने के बाद प्रति माह बिजली का खर्चा आधा हो गया है। यहां दो वर्ष पहले सौर ऊर्जा संयंत्र लगाया गया था। इससे बिजली का उत्पादन होने के बाद से ही पूरे जिला चिकित्सालय परिसर का बिजली खर्चा करीबन आधा हो गया है।

By: Devishankar Suthar

Published: 21 Feb 2021, 08:13 AM IST


-जिला चिकित्सालय में सौर ऊर्जा संयंत्र लगाने के बाद बिजली के बिल में हुई कटौती
प्रतापगढ़
जिला चिकित्सालय में सौर ऊर्जा संयंत्र लगाने के बाद प्रति माह बिजली का खर्चा आधा हो गया है। यहां दो वर्ष पहले सौर ऊर्जा संयंत्र लगाया गया था। इससे बिजली का उत्पादन होने के बाद से ही पूरे जिला चिकित्सालय परिसर का बिजली खर्चा करीबन आधा हो गया है। इससे जिला चिकित्सालय प्रशासन को काफी बचत हो रही है। यहां पूरे परिसर में बिजली का बिल करीबन दो लाख रुपए प्रति माह का आता था। जो करीब आधा हो गया है। जिससे जिला चिकित्सालय को करीब ९० हजार रुपए की बचत प्रति माह हो रही है। गौरतलब है कि अक्षय ऊर्जा योजना के तहत वर्ष २०१९ जून में सोलर एनर्जी कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया लिमिटेड की ओर से रूफ टॉप सोलर सिस्टम लगाया गया था। इससे जुलाई से बिजली उत्पादन शुरू हुआ। इससे बिजली का उत्पादन शुरू होने पर जिला चिकित्सालय के बिजली के बिल में खर्चा आधा हो गया है। इसके साथ ही बिजली कटौती होने पर परेशानी से भी निजात मिली है।
यह होती है खपत
जिला चिकित्सालयों में बिजली के नाम पर काफी खर्चा होता है। जिला चिकित्सालयों में प्रतिमाह ३५ से ४० हजार यूनिट की खपत होती है। इस विद्युत खर्च को कम करने के लिए जिला चिकित्सालयों में रूफ टॉप सोलर संयंत्र लगाए गए। इसके तहत यहां जिला चिकित्सालय में भी संयंत्र लगाए गए।
यह है सौलर सिस्टम की क्षमता
यहां जिला चिकित्सालय में डेढ़ सौ किलोवाट क्षमता का सौलर संयंत्र लगाया गया है। इससे मुख्य चिकित्सालय समेत मातृ एवं शिशु चिकित्सा इकाई में इस संयंत्र से बिजली जोड़ी गई है।
-३.२० रुपए प्रति यूनिट से २५ वर्ष तक मिलेगी बिजली
सोलर सिस्टम से उत्पादन होने वाली बिजली न्यूनतम दर से मिल रही है। इसके तहत संबंधित कम्पनी की ओर से जिला चिकित्सालय को ३.२० रुपए प्रति यूनिट के आधार पर बिजली दी जाती है। जो आगामी २५ वर्ष तक मिलेगी।
ऐसे हो रही बिजली बिल में बचत
जिला चिकित्सालय में प्रति माह करीब दो लाख रुपए का बिजली का बिल आता है। यहां सौलर से बिजली का उत्पादन होने पर इसका कनेक्शन जिला चिकित्सालय के पावर हाउस में किया गया। इससे सौलर कंपनी को ६५ हजार रुपए का भुगतान किया गया। जो प्रति यूनिट ३.२० रुपए की दर से किया जा रहा है। वहीं विद्युत निगम को २९ हजार रुपए का भुगतान किया गया। जो सात रुपए प्रति यूनिट से किया गया है। इस प्रकार करीब ९० हजार रुपए की बचत हुई है।
-बिजली का खर्चा आधा, ट्रिपिंग से निजात
जिला चिकित्सालय में रूफ टॉप सोलर सिस्टम लगाया गया है। इससे बिजली का उत्पादन भी शुरू हो गया है। इससे बिजली कटौती से होने वाली परेशानी से निजात मिली है। वहीं बिजली बिल का खर्चा भी आधा हो गया है। इससे जिला चिकित्सालय को आगामी २५ वर्ष तक बिजली मिलेगी।
-डॉ. ओपी दायमा
प्रमुख चिकित्साधिकारी, जिला चिकित्सालय प्रतापगढ़

Devishankar Suthar
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