आत्मा को पाकीजगी का मौका देता है रमजान

माहे-रमजान में छुपा संदेश

By: Rakesh Verma

Published: 24 May 2018, 10:43 AM IST

बंदे को हर बुराई से दूर रखकर अल्लाह के नजदीक लाने का मौका देने वाले पाक महीने रमजान की रूहानी चमक से दुनिया एक बार फि र रोशन हो रही है और फिजा में घुलती अजान और दुआओं में उठते लाखों हाथ खुदा से मुहब्बत के जज्बे को शिद्दत दे रहे हैं। दौड़-भाग और खुदगर्जी भरी जिंदगी के बीच इंसान को अपने अंदर झांकने और खुद को अल्लाह की राह पर ले जाने की प्रेरणा देने वाले रमजान माह में भूख-प्यास समेत तमाम शारीरिक इच्छाओं तथा झूठ बोलने, गीबत, खुदगर्जी, बुरी नजर डालने जैसी सभी बुराइयों पर लगाम लगाने की मुश्किल कवायद रोजेदार को अल्लाह के बेहद करीब पहुंचा देती है।
रमजान की फजीलत के बारे में बताया जाता है कि इस माह में रोजेदार अल्लाह के नजदीक आने की कोशिश के लिए भूख-प्यास समेत तमाम इच्छाओं को रोकता है। बदले में अल्लाह अपने उस इबादत गुजार रोजेदार बंदे के बेहद करीब आकर उसे अपनी रहमतों और बरकतों से नवाजता है। इस्लाम की पांच बुनियादों में रोजा भी शामिल है और इस पर अमल के लिए ही अल्लाह ने रमजान का महीना मुकर्रर किया है। खुद अल्लाह ने कुरान शरीफ में इस महीने का जिक्र किया है। रमजान की विशेषताओं के तहत इंसान के अंदर जिस्म और रूह है। आम दिनों में उसका पूरा ध्यान खाना-पीना और दीगर जिस्मानी जरूरतों पर रहता है लेकिन असल चीज उसकी रूह है। इसी की तरबियत और पाकीजगी के लिए अल्लाह ने रमजान बनाया है।

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रमजान में की गई हर नेकी का सवाब कई गुना बढ़ जाता है। इस महीने में एक रकात नमाज अदा करने का सवाब 70 गुना हो जाता है। साथ ही इस माह में दोजख (नरक ) के दरवाजे भी बंद कर दिए जाते हैं। उन्होंने कहा कि इसी महीने में कुरान शरीफ दुनिया में नाजिल (अवतरित) हुआ था। नोमानी ने कहा कि अमूमन 30 दिनों के रमजान माह को तीन अशरों, (खंडों) में बांटा गया है। पहला अशरा में अल्लाह अपने बंदों पर रहमत की दौलत लुटाता है। दूसरा अशरा में खुदा बरकत नाजिल करता है जबकि तीसरा अशरा में अल्लाह अपने बंदों को गुनाहों से पाक कर देता है। मौजूदा वक्त में रमजान के संदेश की प्रासंगिकता यह है कि आज का इंसान बेहद खुदगर्ज हो चुका है लेकिन रोजों में वह ताकत है जो व्यक्ति को समाज के प्रति अपनी जिम्मेदारियों का एहसास कराती है। रोजे बंदे को आत्मावलोकन का मौका देते हैं। अगर इंसान सिर्फ अपनी कमियों को देखकर उन्हें दूर करने की कोशिश करें तो दुनिया से बुराई खुद.ब.खुद खत्म हो जाएगी। रमजान का छुपा संदेश भी यही है।

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आग से आशियाना हुआ खाक
पुलिस पहुंची मौके पर
शॉर्ट सर्किट से लगी आग
पानमोड़ी. रठांजना थाना क्षेत्र के रतनियाखेड़ी गांव में प्रेमचन्द्र मीणा के घर में शॉर्ट सर्किट से बुधवार को आग लगने से पूरा घर खाक हो गया। घर में स्थित घरेलू सामग्री जलकर खाक हो गई। आग की लपटें दूर-दूर तक उठ रही थी। सूचना पर दमकल मंगवाई गई। जब तक दमकल मौके पर पहुंचती। घर जलकर खाक हो गया।प्रेमचंद्र के पुत्र ने बताया कि घर में रखे गेहंू, ढाई किलो चांदी के आभूषण, खाद, बीज, 30 हजार रुपए नकद सहित घर में सारी सामग्री जलकर खाक हो गई। ग्रामीणों ने बताया कि घर के पीछे मवेशी बंधे हुए थे। जिन्हें रस्सी से खोल कर बाहर लाया गया। आग इतनी अधिक थी कि लोहे के चद्दर भी मुड़ गए। घर में खाद्य सामग्री, कपडे सहित अन्य जरूरी सामग्री जल कर खाक हो गई।

पेड़ हुआ कोयले में तब्दील
घर के आंगन में एक पेड़ था। जो आग से भी कोयले में तब्दील हो गया। साइकिल, पलंग के साथ मवेशी के खांखला, चारा आदि भी जल गए।
बाल-बाल बचे मासूम
घर में आग लगने से एकाएक सभी चौंक गए। आग बुझाने का जतन करने लगे। घर में सो रहे दो मासूमों को ग्रामीणों की मदद से बाहर निकाला गया।
ग्रामीण पहुंचे मदद को
आग लगने के बाद जहां एक तरफ लपटें उठ रही थी। जिसे देखकर पास में स्थित पानमोड़ी गांव से कई ग्रामीण पहुंच गए। पानी के टेंकर भी आने लगे। इतने समय में घर जलकर खाक हो गया। रठांजना थाने से पुलिस भी मौके पर पहुंची। पटवारी कुलदीपसिंह ने मौका पर्चा बनाया।

 

Rakesh Verma Bureau Incharge
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