मांगों को लेकर सरपंच संघ ने सौंपे ज्ञापन

प्रतापगढ़. अरनोद/दलोट. ग्राम पंचायतों के ब्याज रहित पीडी खाते खोलकर संवैधानिक वित्तीय अधिकारों में की जा रही कटौती व अन्य मांगों को लेकर अरनोद और दलोट सरपंच संघ ने सोमवार को मुख्यमंत्री के नाम विकास अधिकारी धनसिंह राठौर को ज्ञापन सौंपा।

By: Devishankar Suthar

Updated: 12 Jan 2021, 09:06 AM IST


-ग्राम पंचायतों की माली हालत हो रही खराब
प्रतापगढ़. अरनोद/दलोट. ग्राम पंचायतों के ब्याज रहित पीडी खाते खोलकर संवैधानिक वित्तीय अधिकारों में की जा रही कटौती व अन्य मांगों को लेकर अरनोद और दलोट सरपंच संघ ने सोमवार को मुख्यमंत्री के नाम विकास अधिकारी धनसिंह राठौर को ज्ञापन सौंपा।
ज्ञापन में बताया कि राजस्थान सरकार के 2 साल के कार्यकाल में कुछ प्रशासनिक अधिकारियों एवं जनप्रतिनिधियों के द्वारा पंचायती राज संस्थाओं के प्रशासनिक एवं वित्तीय हितों पर कुठाराघात किया जा रहा है। पंचायती राज विभाग के वित्तीय हालत भी खराब है। गत 2 सालों में केंद्रीय वित्त आयोग की राशि के अतिरिक्त राज्य वित्त आयोग का एक भी रुपया ग्राम पंचायतों के खाते में नहीं आया है। पांचवें राज्य वित्त आयोग की सिफारिश के अनुसार साल 2019-20 में 4 हजार करोड़ रुपए में से एक भी रुपया ग्राम पंचायतों को हस्तांतरित नहीं किया गया। वहीं छठे वित्त आयोग का भी अभी तक गठन नहीं किया गया। साल 2020-21 में भी कोई राशि ग्राम पंचायतों को नहीं मिली है। ऐसे में ग्राम पंचायतों की प्रशासनिक व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई है। वहीं वित्त विभाग के कुछ अधिकारियों के द्वारा ग्राम पंचायतों के वित्तीय स्वायत्तता एवं संवैधानिक अधिकारों पर कुठाराघात करते हुए ग्राम पंचायतों के ब्याज रहित पीडी खाता खोल दिए है। पीडी खाते की कस्टोडियन सीधे राज्य सरकार होती है। ऐसे में ग्राम पंचायतों को संवैधानिक रूप से जो वित्तीय स्वतंत्रता प्राप्त थी, वह समाप्त की जा रही है। ज्ञापन में बताया कि 13 जनवरी को जिला कलक्टर को ज्ञापन सौंपा जाएगा। वहीं 21 जनवरी को समस्त ग्राम पंचायतों में तालाबंदी कर के विरोध प्रदर्शन किया जाएगा। वहीं 30 जनवरी को जयपुर में राजस्थान सरपंच संघ की बैठक आयोजित कर आंदोलन की आगामी रणनीति बनाई जाएगी। ज्ञापन देने में दलोट सरपंच बालू मारिवाड, चन्देरा सरपंच रेखा मीणा, बोरदिया सरपंच फनीराम मीणा, लीलिया सरपंच सोहनी देवी मीणा सहित कई सरपंच मौजूद थे। वहीं अरनोद में सरकारी आदेशों की होली जलाई गई। इस दौरान पंचायत समिति क्षेत्र के समस्त सरपंच राजेश कटारा, कमला देवी, संजय मीणा, सिद्धार्थ कटार, रामीबाई, सीताबाई, मंजूबाई, जगदीशचंद्र, कारुलाल मीणा, बालूराम मीणा व कई सरपंच मौजूद थे।
छोटीसादड़ी. क्षेत्र के सरपंचों ने सरपंच संघ राजस्थान के बैनर तले मुख्यमंत्री के नाम छोटीसादड़ी पंचायत समिति विकास अधिकारी लक्ष्मणलाल खटीक को ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में बताया कि केंद्र एवं राज्य सरकारों द्वारा राष्ट्रपिता महात्मा गांधी के ग्राम स्वराज के सपने को मूर्त रुप स्वरुप प्रदान करने के लिए पंचायती राज संस्थाओं को स्वतंत्र निकाय के रूप में प्रतिस्थापित किया गया है। पंचायती राज संस्थाओं को सर्वाधिक अधिकार प्रदान करने के लिए 73 वा संविधान संशोधन किया गया था। राजस्थान सरकार के वर्तमान कार्यकाल में विगत दो वर्षों से कुछ प्रशासनिक अधिकारी और जनप्रतिनिधियो द्वार पंचायतीराज संस्थाओं के प्रशासनिक एवं वित्तीय हितों पर लगातार कुठाराघात किया जा रहा है। मांगों को नहीं मानने पर राजस्थान सरपंच संघ वित्त विभाग एवं पंचायती राज विभाग ने कड़ी निंदा की। यह निर्णय लिया कि प्रदेश का कोई भी सरपंच कोषालय एवं उप कोषालय में डीडीओ कोड एवं विभागीय आईडी नहीं बनाएगा। इसी के साथ वित्त विभाग के इस निर्णय को आगामी तीन दिन में प्रत्याहरित करवाए। अन्यथा राजस्थान सरपंच संघ को मजबूरन पंचायती राज संस्थाओं के संविधानिक वित्तीय हितों की सुरक्षार्थ के लिए आंदोलन करना पड़ेगा। इस दौरान उपखंड क्षेत्र की ग्राम पंचायतों के कई सरपंच मौजूद रहे।

Devishankar Suthar
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