ऑपरेशन फ्लेश आउट अभियान में सुरक्षा चाक-चौबंद का उठाया बीड़ा


प्रतापगढ़. यहां जिला जेल में पीछे की दीवार से संदिगध वस्तुएं फेंकने और बाहर से कई बार संदिग्ध वस्तुएं अंदर ले जाने की प्रमुख समस्या को देखते हुए जेल विभाग ने कवायद शुरू की है। जेल विभाग की ओर से गत दिनों से चलाए जा रहे ऑपरेशन फ्लेश आउट अभियान के तहत यहां नवाचार किया गया है।

By: Devishankar Suthar

Published: 16 Dec 2020, 03:31 PM IST

जेल के बाहर से संदिग्ध वस्तुएं अंदर फेंकने पर लगेगी लगाम
संदिग्ध गतिविधियां रोकने की कवायद: सिक्योरिटी मॉनिटरिंग सिस्टम लगाया

ऑपरेशन फ्लेश आउट अभियान में सुरक्षा चाक-चौबंद का उठाया बीड़ा

प्रतापगढ़. यहां जिला जेल में पीछे की दीवार से संदिगध वस्तुएं फेंकने और बाहर से कई बार संदिग्ध वस्तुएं अंदर ले जाने की प्रमुख समस्या को देखते हुए जेल विभाग ने कवायद शुरू की है। जेल विभाग की ओर से गत दिनों से चलाए जा रहे ऑपरेशन फ्लेश आउट अभियान के तहत यहां नवाचार किया गया है।
जिसमें कारागृह पर स्थापित सीसीटीवी कैमरा व पब्लिक एड्रेस सिस्टम द्वारा स्थापित जेल सिक्योरिटी मॉनिटरिंग सिस्टम मुख्य दरवाजे में लगाया गया। यहां मुख्य गेट पर 24 घंटे सीसीटीवी कैमरा वॉच एवं घटना विशेष पर पब्लिक ऐड्रेस सिस्टम के माध्यम से वार्निंग कर सुरक्षा व्यवस्था संचालन किया जाएगा। इसके साथ ही यहां बाहर से संदिग्ध वस्तुओं के फेंकने की घटनाओं को रोकने के जिए तैनात सुरक्षाकर्मियों के लिए अभी व्यवस्था नहीं थी। इसे देखते हुए ड्यूटी पोस्ट टीन शेड से निर्मित गुमटी भी लगाई गई है। उक्त ड्यूटी पोस्ट कारागृह के बाहरी, आंतरिक परिसर में अस्थाई वॉच टावर के रूप से स्थापित पोस्ट पर लगाए गए हैं।
जिससे कारागृह में बाहरी आबादी क्षेत्र से निषिद्ध सामग्री फेंकने को रोकने तथा बंदियों की संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखी जाकर सुरक्षा व्यवस्था को सुदृढ़ की जा सकेगी। यहां ड्यूटी पोस्ट से कार्मिक बारिश धूप व सर्दी की स्थिति में भी पोस्ट पर सतर्कता पूर्वक ड्यूटी दे सकेगा।
जेल परिसर के पीछे सुदृढ़ होगी पुलिस गश्त
यहां जेल परिसर के पीछे की चारदीवारी के पास आबादी क्षेत्र है। ऐसे में यहां से ही संदिग्ध वस्तुएं फेंकी जाती थी। इसे देखते हुए यहां सुरक्षाकर्मी तैनात किए गए है।
वहीं बाहर भी पुलिस की गश्त सुदृढ़ ी जाएगी। इसके लिए पुलिस अधीक्षक ने कोतवाली प्रतापगढ़ को आबादी क्षेत्र से जेल परिसर में सामग्री थ्रो करने की घटनाओं की निषिद्ध सामग्री रोकथाम के लिए पुलिस गश्त बढ़ाने के निर्देश दिए।
जेलकर्मियों के लिए बनेगा खेल मैदान
यहां जेल परिसर में खेल मैदान भी बनाया जाएगा। इसके लिए जिला कलक्टर अनुपमा जोरवाल और पुलिस अधीक्षक चूनाराम जाट को अवगत कराया गया। उन्होंने हाल ही में जेल का निरीक्षण किया था। इस मौके पर जेल अधीक्षक ने जेल कार्मिकों के लिए परिसर में खेल मैदान तैयार करवाने तथा 10 शौचालय, बाथरूम बनवाए जाने के लिए मांग की थी। इस पर कलक्टर ने इसके लिए सहमति दी है।
जेल में यह है स्थिति
यहां जेल परिसर में कुल नौ बैरक है। इनमें कुल सवा तीन सौ की क्षमता है। अभी यहां कुल २९२ बंदी है।
सुरक्षा बढ़ाने और संदिग्ध गतिविधियों पर रोक के प्रयास
&यहां जिला जेल में सुरक्षा और संदिग्ध गतिविधियों पर रोक के लिए हम प्रयास कर रहे है। इसके लिए ऑपरेशन फ्लेश आउट अभियान में सुरक्षा चाक-चौबंद करने का उठाया बीड़ा है। जिसमें सुरक्षाकर्मियों के लिए टीनशेड बनाया गया है। सीसीटीवी कैमरा व पब्लिक एड्रेस सिस्टम द्वारा स्थापित जेल सिक्योरिटी मॉनिटरिंग सिस्टम मुख्य दरवाजे में लगाया गया। जिससे पूरी नजर रखी जा सके। इसके अलावा अंदर की सुरक्षा को और भी पुख्ता की गई है।
प्रदीप लखावत, अधीक्षक, जिला कारागृह, प्रतापगढ़
जेल डीआईजी ने किया निरीक्षण
प्रतापगढ़. राजस्थान जेल प्रशासन और एसओजी की ओर से जेलों में सुधार के लिए चलाए जा रहे ऑपरेशन फ्लैश आउट के तहत सोमवार को जेल के उप महानिरीक्षिक कैलाश त्रिवेदी ने जिला कारागार का निरीक्षण किया। साथ ही जेल स्टाफ की समस्याओं को जाना और जेल कर्मियों को सम्मानित भी किया। डीआईजी कैलाश त्रिवेदी ने बताया कि जेलों में बंद बंदियों द्वारा गैंग ऑपरेट करने या फिर जेलों में मोबाइल मादक पदार्थ या अन्य प्रतिबंधित सामग्री मिलने की खबरों को देखते हुए जेल प्रशासन की ओर से विशेष अभियान ‘ऑपरेशन फ्लैश आउट’ चलाया जा रहा है। इस अभियान के तहत प्रदेश की जेलों में औचक निरीक्षण कर बंदियों की बैरकों और जेल परिसरों को खंगाला जा रहा है। प्रदेश भर में जेलों में पहुंच रही प्रतिबंधित सामग्री के खिलाफ जेल प्रशासन द्वारा कड़ी कार्रवाई भी की जा रही है। प्रदेश के कई जिलों में बंधुओं तक प्रतिबंधित सामग्री पहुंचाने वाले जेल कर्मियों के ऊपर भी कार्रवाई की जा चुकी है। डीआईजी त्रिवेदी ने बताया कि प्रतापगढ़ जेल के साथ उन्होंने छोटी सादड़ी उप जेल का भी औचक निरीक्षण किया है और वहां के हालातों को जाना है। जिला कारागार के अधीक्षक प्रदीप लखावत ने बताया कि जेल की समस्याओं और सुविधाओं के बारे में डीआईजी बताया।

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