चैक अनादरण के मामले में दो वर्ष की सजा

प्रतापगढ़.
अतिरिक्त मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट विक्रम सांखला ने चैक अनादरण के एक प्रकरण में निर्णय पारित करते हुए अभियुक्त को दो वर्ष के कारावास की सजा सुनाई है। इसके साथ ही एक लाख 20 हजार रुपए का अर्थदंड भी लगाया गया है। यह राशि प्रतिकर के रूप में परिवादी को दिलाए जाने के आदेश दिए है।

By: Devishankar Suthar

Updated: 18 Dec 2020, 08:26 AM IST


=एक लाख 20 हजार रुपए का अर्थदंड भी लगाया
= भूमि विकास बैंक से लिया था लोन
प्रतापगढ़.
अतिरिक्त मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट विक्रम सांखला ने चैक अनादरण के एक प्रकरण में निर्णय पारित करते हुए अभियुक्त को दो वर्ष के कारावास की सजा सुनाई है। इसके साथ ही एक लाख 20 हजार रुपए का अर्थदंड भी लगाया गया है। यह राशि प्रतिकर के रूप में परिवादी को दिलाए जाने के आदेश दिए है।
जिला सहकारी भूमि विकास बैंक लि. प्रतापगढ़ के सचिव सुनीलकुमार व्यास ने एक परिवाद 5 फरवरी 2019 को अमृतराम पुत्र रुपाजी मीणा निवासी गंधेर तहसील व जिला प्रतापगढ़ के विरूद्ध पेश किया था। जिसमें बताया था कि बैंक से अमृतराम ने 2017 में टेन्ट हाउस का व्यवसाय के लिए दो लाख रुपए का ऋण लिया था। जिसे अनुबन्ध के अनुसार पांच वर्ष की समान मासिक किश्तों में 12.10 प्रतिशत वार्षिक ब्याज के साथ भुगतान करना था। ऋण लेते समय उक्त किश्तों की अदायगी में चूक हो जाने पर इस इकरार के साथ अपने बैंक चित्तौडगढ़़ केन्द्रीय सहकारी बैंक लिमिटेड, शाखा प्रतापगढ़ के बचत खाते के चेक भी अपने हस्ताक्षर कर परिवादी बैंक को दिया था। किश्तों में चूक हो जाने पर परिवादी उक्त अभियुक्त द्वारा दिए गए चेक को संबंधित बैंक में ओवर ड्यू हो गई राशि के लिए पेश करके उक्त रकम प्राप्त कर ऋण के पेटे जमा करेगा। अभियुक्त द्वारा अनुबन्ध अनुसार नियत अवधि में किश्तें नहीं जमा कराने की वजह से मय ब्याज के 67 हजार 260 रुपए की राशि ओवर ड्यू हो गई। उक्त राशि अभियुक्त ने परिवादी बैंक को ऋण के पेटे जमा नहीं कराई। इस कारण उक्त देय ओवर ड्यू राशि 67 हजार 260 रुपए का अभियुक्त का हस्ताक्षरित किया हुआ चेक चित्तौडगढ़़ केन्द्रीय सहकारी बैंक लि प्रतापगढ़ में 6 जुलाई 2018 को प्रस्तुत किया। परन्तु अभियुक्त के खाते में पर्याप्त राशि नहीं होने के कारण चेक अनादरित हो गया। जिस पर प्रकरण न्यायालय में दर्ज कराया गया। इस मामले में न्यायालय ने अभियुक्त अमृतराम को 2 वर्ष के साधारण कारावास से दंडित किया है। अर्थदण्ड एक लाख 20 हजार रुपए लगाए गए है।

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बेड शीट गन्दी, सफाई भी नहीं, लगाई फटकार
-उपखण्ड अधिकारी ने किया अचनेरा स्वास्थ्य केंद्र का निरक्षण
बरखेड़ी/अरनोद.
अरनोद ब्लॉक के अचनेरा प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पर उपखंड अधिकारी प्रकाशचंद्र रेगर ने कोविड-19 को लेकर निरीक्षण किया। यहां की व्यवस्थाओं का भी जायजा लिया। उपखंड अधिकारी ने महिला वार्ड में डिलीवरी रूम में बेडशीट गंदी देखकर स्टाफ को फटकार लगाई और कोविड-19 के सैंपल के बारे जानकारी ली।
निरीक्षण में सामने आया कि यहां पर चिकित्साकर्मियों की कमी के चलते मरीजों को समय पर इलाज नहीं मिल पा रहा है। गौरतलब है कि अचनेरा प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पीपीपी मोड होने की वजह से यहां पर समय पर मानदेय भी नहीं मिल पा रहा है। अचनेरा के अधीन चल रहे उप स्वास्थ्य केंद्र भी भगवान भरोसे संचालित हो रहे है। उपखण्ड अधिकारी ने यहां पर व्यवस्था को सुधारने के निर्देश दिए। इस दौरान यहां स्टाफ में राहुल देवड़ा, भारतेंदु शर्मा आदि मौजूद थे।

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