सालों से दर्द झेल रहे 15 बच्चों की सर्जरी, अब फिर मुस्कुराएंगे

सालों से दर्द झेल रहे 15 बच्चों की सर्जरी, अब फिर मुस्कुराएंगे

By: Rakesh Verma

Published: 24 May 2018, 10:38 AM IST

प्रतापगढ़. सालों से जन्मजात विकृति एवं शारीरिक अक्षम्यता से पीडि़त 15 बच्चों के चेहरे फिर खिल खिलाएंगे। उन्हें दर्द से राहत मिलेगी। इसके लिए बुधवार को जिला चिकित्सालय से इलाज एवं सर्जरी के लिए चयनित बच्चों एवं उनके अभिभावक को उदयपुर के निजी चिकित्सालय में भेजा गया। जहां इन बच्चों की नि:शुल्क सर्जरी और उपचार होगा।
मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ दिनेश खराड़ी ने बताया कि राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम सभी बच्चे नि:शुल्क उपचार के लिए चयनित किए गए हैं। योजना के नोडल अधिकारी आरसीएचओ डॉ. दीपक मीणा ने बताया कि आरबीएसके में 38 प्रकार की बीमारियों का नि:शुल्क उपचार किया जा रहा है। बुधवार को जो बच्चे सर्जरी और इलाज के लिए भेजे गए है, उनमें 4 बच्चे अरनोद ब्लॉक एवं 11 बच्चे प्रतापगढ़ ब्लॉक से चयनित किए गए है। इन बच्चों को क्लब फुट, आंखों की बीमारी के साथ ही जन्मजात विकृति थी। इसके लिए टीमों ने स्कूल-आगंनबाड़ी में सर्वे और स्क्रीनिंग की। जिसके बाद बच्चे नि:शुल्क उपचार के लिए रवाना किए गए हैं। उन्होंने बताया कि योजना में सरकार की तरफ से सर्जरी से लेकर उपचार तक नि:शुल्क होगा। इस अवसर पर जिला चिकित्सालय से शिशु रोग विशेषज्ञ डॉ. धीरज सेन की अगुवाई में आरबीएसके टीम डॉ. रईश, डॉ. विश्वनाथ, डॉ. ओमप्रकाश, डॉ. शिवसहाय, फार्माशिस्ट उमाशंकर कौशिक, सुप्रिया नागौरी की देखरेख में बच्चों को निजी चिकित्सालय बस से रवाना किया गया।

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सभापति के साथ ट्रेन के सैकंड क्लास में हुई थी लूट और मारपीट
घायल हालत में सातवें दिन घर पहुंचे नगर परिषद सभापति कमलेश डोसी
घर पर मिलने वालों का लगा तांता
इशारों और दबी आवाज में कर रहे बात
थोड़ी-थोड़ी देर में हो रहे भावुक
प्रतापगढ़. नगर परिषद सभापति कमलेश डोसी के साथ 18 मई रात को ट्रेन के सैकंड क्लास में लूट और मारपीट की वारदात हुई थी। इसके बाद 21 मई सुबह वे किसी तरह बेंगलूरु रेलवे स्टेशन पर पहुंचे और लोगों से मदद मांगी। इस तरह से वे अहमदाबाद होते हुए घर पहुंचे। कमलेश डोसी के शरीर पर कई चोटों के निशान हैं। डोसी को ट्रेन में होश आते ही नशीला पदार्थ सुंघाया गया। मुंह, गले, हाथ पर चाकू से कट लगाए गए है। हालत इतनी खराब है कि अभी तक वे स्पष्ट नहीं बोल पा रहे हैं।

सभापति के भाईकी जुबानी, सभापति के साथ लूट की कहानी
सभापति कमलेश डोसी के भाई अल्पेश डोसी ने बताया कि सभापति कमलेश डोसी को मुम्बई कुर्ला स्टेशन से बुरहानपुर जाना था। इस पर उन्होंने टुकड़ों में जाना उचित समझा। कुर्ला रेलवे स्टशेन पर भुसावल जाने के लिए सैकंड क्लास का तत्काल टिकट लेकर ट्रेन में बैठे। इस बोगी में पहले से ही तीन अज्ञात लोग मौजूद थे। उन लोगों ने 10 मिनट बाद ही हमला कर दिया। लुटेरों ने सोने का कड़ा, गले में पहनी सोने की चैन, नकदी व सभी आईडी प्रूफ तक ले लिए। इसके बाद कुछ पदार्थ सुंघा दिया, जिससे वे अचेत हो गए। इसके बाद जैसे ही डोसी को होश आता। वे फिर से मारपीट कर नशीला पदार्थ सुंघा देते। इस तरह से बेंगलूरु पहुंच गए। जहां किसी तरह से अज्ञात लोगों से बचते हुए रेलवे स्टेशन पर उतरे। जहां लोगों से मदद मांगी। इस दौरान चित्तौडगढ़़ के एक व्यवसायी ने उनकी मदद की। इसके बाद उन्हें अहमदाबाद भेजा गया। जहां परिजन भी पहुंच गए। एक दिन चिकित्सालय में भर्ती रहने के बाद मंगलवार रात एक बजे प्रतापगढ़ घर लाया गया।

सभापति के साथ ट्रेन के सैकंड क्लास में हुई थी लूट और मारपीट
जिद के कारण जल्दी आए प्रतापगढ़
परिजनों के अनुसार चिकित्सकों ने अभी दो-तीन दिन और अहमदाबाद चिकित्सालय में भर्ती रहने की सलाह दी थी। लेकिन नगर परिषद सभापति डोसी ने घर जाने की जिद की। इस कारण परिजनों को मंगलवार शाम को ही अहमदाबाद से निकलना पड़ा और मंगलवार रात एक बजे प्रतापगढ़ अपने घर पहुंचे। सभापति के देर रात घर पहुंचने पर परिजनों ने उनकी आरती उतारी और घर में प्रवेश किया। जिसके बाद डोसी ने अपने ईष्टदेव का स्मरण कर परिजनों से मिलकर भावुक हो गए। सुबह से ही उनके घर पर मिलने वालों का तांता लगा हुआ है।

जनता की सेवा के लिए भेजा है
हालांकि कमलेश डोसी अभी स्पष्ट और अधिक नहीं बोल पा रहे है। लेकिन इशारों में कम बोलकर बात कर रहे है। पत्रिका रिपोर्टर को उन्होंने इशारों से अपनी तरफ बुलाया।और कहा...आप सभी की दुआ और ऊपर वाले के आशीर्वाद से वे वापस आए हैं। प्रतापगढ़ जनता की सेवा के लिए ऊपर वाले ने उन्हें वापस भेजा है। आखिर मैंने उनका क्या बिगाड़ा था ? जो ऐसा सलुक किया। यह कहते हुए भावुक हो गए और होठों से शब्द भी नहीं निकल पाए।

यह रहा घटनाक्रम
नगर परिषद सभापति कमलेश डोसी प्रतापगढ़ से 16 मई को रवाना हुए थे। जो जयपुर गए और वहां से रात को मुम्बई के लिए निकले। मुम्बई में 17 मई को एक होटल में ठहरे, जहां से पौने आठ बजे होटल को छोड़ा। इसके बाद मुम्बई के कुर्ला रेलवे स्टेशन पर रात 11 बजे तक सीसीटीवी फुटेज में दिखे। इसके बाद पुलिस व परिजनों की ओर से प्रयास किए। वहीं 21 मई सुबह वे बदहवास हालत में बेंगलूरु में मिले।

Rakesh Verma Bureau Incharge
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