जिन किसानों का पहले माफ हुआ था ऋण, अब उन्हें नहीं मिल पा रहा दोबारा


प्रतापगढ़. किसानों को गत दो वर्ष में अवधिपार ऋण को माफ किया गया था। लेेकिन अब इन किसानों को दुबारा ऋण नहीं मिल पा रहा है। पोर्टल पर इन किसानों के लिए बंद कर दिय गया है। ऐसे में किसानों को काफी समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है।

By: Devishankar Suthar

Published: 03 Mar 2021, 08:36 AM IST


पोर्टल पर नहीं मिल पा रही सुविधागत दो वर्ष से अधिक समय से बंद है पोर्टल
प्रतापगढ़. किसानों को गत दो वर्ष में अवधिपार ऋण को माफ किया गया था। लेेकिन अब इन किसानों को दुबारा ऋण नहीं मिल पा रहा है। पोर्टल पर इन किसानों के लिए बंद कर दिय गया है। ऐसे में किसानों को काफी समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है।
गौरतलब है कि जिले में अवधिपार ऋण सदस्य ऐसे काश्तकार एवं किसान जिनका पूर्व में ऋण माफी हो चुकी है। लेकिन अब दुबारा नया ऋण नहीं मिल रहा है। ऐसे में अवधिपार काश्तकारों एवं किसानों की दुबार ऋण संबंधी परेशानी का लम्बे समय से समाधान नहीं हो रहा है। अवधिपार काश्तकारों के अनुसार गत दो वर्ष में उनका विभिन्न समितियों द्वारा ऋण माफ कर माफी पत्रक दिए गए थे। इसके बाद जब काश्तकार नए सिरे से दुबारा ऋण लेेने के लिए समितियों में गए तो वहां ऋण पोर्टल बंद होने का हवाला दिया गया। जिससे इन किसानों को ऋण नहीं मिलने से आर्थिक परेशानी उठानी पड़ रही है।
धरियावद. क्षेत्र में अवधिपार किसानों को अब नए सिरे से ऋण नहीं मिल पा रहा है। जबकि ये किसान ऋण के लिए कई बार सहकारी समितियों में चक्कर लगा चुके है। केवल धरियावद लेम्पस में ही इस वर्ग के दो सौ से अधिक किसान है। इधर धरियावद लेम्पस के व्यवस्थापक भैरूलाल मीणा के अनुसार सरकार द्वारा अवधिपार ऋण काश्तकारों के लिए बनाया गया पोर्टल अब तक नहीं खुला है। इस संबंध में उच्चाधिकारियों को अवगत करवा दिया है। अवधिपार काश्तकारों के लिए बनाए गए पोर्टल को दुबारा खोले जाने की मांग को लेकर ऋणी काश्तकार एवं लैम्पस चैयरमैन धनपाल वक्तावत सहित जनप्रतिनिधियों ने सहकारिता मंत्री उदयलाल आंजना को पत्र लिखकर मामले में दखल देकर बंद पड़े ऋणी पोर्टल को जल्द से जल्द दुबारा शुरू करने की मांग की है। जिससे अवधिपार काश्तकारों को राहत मिल सकें।
अरनोद. क्षेत्र में दो वर्ष से अवधिपार ऋणी किसानों को पुन: ऋण नहीं मिल पा रहा है। जिससे किसानों को आर्थिक संकट से गुजरना पड़ रहा है। किसानों ने बताया कि यहां अरनोद लेम्पस में करीब दो सौ किसान है। जो अवधिपार ऋणी किसान है। जिनको दुबारा से ऋण नहीं मिल पा रहा है। किसानों ने बताया कि इस प्रकार के ऋणी किसानों को पोर्टल खोला जाए। जिससे इन किसानों को फिर से ऋण मिल सके।

जिले में पांच हजार से अधिक किसान
प्रतापगढ़. अवधि पार ऋण किसानों की संख्या जिल में पांच हजार से अधिक है। जिन किसानों का ऋण माफ हुआ था। उनकी ऋण का निवेदन पोर्टल के माध्यम से अब संभव नहीं हो पा रहा है। जिले के मात्र अरनोद एवं दलोट मे इस प्रकार से वंचित किसानों की संख्या 2850 है।

खोला जाए पोर्टल, दी जाए राहत
किसानों को ऋण देकर राहत दी जानी चाहिए। दो वर्ष से अधिक समय से अवधिपार ऋणी किसानों को दुबारा ऋण नहीं दिया जा रहा है। जबकि इन किसानों को भी सरकार ने ऋण माफ किया था। अवधिपार ऋणी किसानों को भी दुबारा से ऋण देने की सुविधा दी जाए।
कर्नल जयराजसिंह, सरंक्षक, भारतीय किसान संघ, प्रतापगढ़.

Devishankar Suthar
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