जल संरक्षण के लिए भरी नींव, उपेक्षा के चलते नींव बनकर ही रह गई

-15 साल पहले डाली गई थी नींव

By: Rakesh Verma

Published: 09 Dec 2017, 07:39 PM IST

-योजना पूरी हो तो वन भूमि हो सकती है हरी-भरी
छोटीसादड़ी. उपखंड क्षेत्र के सालरमारा क्षेत्र में दो ओर से बहकर आने वाले बड़े-बड़े नालों के पानी को एक विस्तृत क्षेत्र में रोक कर व्यर्थ बहकर जाने वाले पानी के संरक्षण के लिए चांदोली, बरवाड़ा देवल, हेरी-वेरी, बरवाड़ा गुजर, अचलपुरा सहित विभिन्न गांवो के किसानों को लाभ पहुंचाने की मंशा से पूर्व विधायक मधु दाधीच ने जल संरक्षण के लिए ऊटराघोड़ा स्थल पर एनीकट निर्माण के लिए भूमि पूजन कर नींव भरवाई थी। जिसे लेकर किसानो ने जश्न भी मनाया लेकिन यह उम्मीद दाधीच की मौत के साथ ही दब कर रह गई। निर्माण कार्य नींव तक ही धरा रह गया। दाधीच के निधन के बाद न जाने कितने ही जन प्रतिनिधि आए और चले गए लेकिन किसी ने भी किसानों व वन क्षेत्र को हरा-भरा करने वाले जल संरक्षण को बढ़ावा देने वाले इस निर्माण में रूचि तक नही दिखाई और किसी ने भी इस नीव को शिखर तक नहीं पहुंचाया। वर्तमान सरकार की ओर से जहां वर्षा के बहते जल के ठहराव के लिए जलस्वालम्बन योजना चलाकर करोडों रूपये खर्च किए जा रहे है लेकिन इस महत्वपूर्ण निर्माण को उपेक्षित रखते हुए इन ग्रामीणों के सपने को पूरा नही किया जा रहा। जिसके चलते मुकेश धाकड़, कैलाश धाकड़, रामनिवास सहित कई ग्रामीणों ने मांग की है की जल सरंक्षण के लिए जो कार्य पूर्व विधायक दाधीच ने प्रारम्भ किया वो जल स्वालम्बलन योजना में लेकर पूरा किया जाए।
ये होंगे लाभ
ऊटराघोड़ा स्थल पर एनीकट निर्माण होगा तो इस क्षेत्र में पहाडिय़ों का पानी व्यर्थ बहकर नही जाएगा, अधिक मात्रा में पानी का संचयन होगा, क्षेत्र में जलस्तर ऊपर उठेगा, जिसके चलते कुओं व नलकूपों में पानी की आवक बनी रहेगी व अधिक क्षेत्रफल में फसल सिंचाई लम्बे समय तक बनी रहेगी। साथ ही विस्तृत क्षेत्र में फैली खाली वन भूमि पर पौधे लगाकर क्षेत्र को हर भरा कर वन विकास में अति महत्व पूर्ण योगदान होगा। ग्रामीणों के पशुओं व जंगली जीवो के लिए भीषण गर्मी में पीने का पानी भी उपलब्ध होगा।
ग्रामीणों की अभी भी है आस
बरवाड़ा देवल गांव के कैलाश धाकड़ व अन्य ग्रामीणों ने बताया कि इस निर्माण की आस उन्हें जलस्वालम्बन योजना से फिर से बनी है। जिस के तहत जल संरक्षण के लिए अधूरे छूटे हुए कार्य को स्थानीय अधिकारी व जनप्रतिनिधि योजना के अंतर्गत स्वीकृति दिलाकर पूरा कर जलस्वालम्बन के लक्ष्य को पूरा करते हुए विभिन्न गांव के किसानो को लाभान्वित करेंगे।
कैप्सन- छोटीसादड़ी के सालरमारा क्षेत्र जहां निर्माण होना था

Rakesh Verma
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