वीडियो: प्रतापगढ़ के तीर लगे निशाने पर, उदयपुर के कदमों ने भरी उड़ान

Rakesh kumar Verma

Publish: Jan, 06 2018 10:38:26 AM (IST) | Updated: Jan, 06 2018 06:35:03 PM (IST)

Pratapgarh, Rajasthan, India

तीरंदाजी में मिला गोल्ड मेडल


3 तीन
19 जिले
820 खिलाड़ी
462 बालिकाएं
358 बालक

कबड्डी व तीरंदाजी में रहा अव्वल
वालीवाल, खो-खो में कोच की कमी खली
प्रतापगढ़. यहां खेल गांव में जनजाति विभाग की ओर से आयोजित तृतीय राज्य स्तरीय खेलकूद प्रतियोगिता में तीन दिन तक जिला मुख्यालय के खेल गांव में जनजाति जिलों के आठ सौ से अधिक बालक बालिकाओं ने यहां अपनी प्रतिभा का परिचय दिया। प्रतियोगिता के समापन पर कोई यहां से उल्लास एवं जोश से लबरेज था तो कोई अपनी नाकाम होने पर अपनी कमियां खोज रहा था। कुल मिलाकर तीन दिन तक जिला मुख्यालय पर जनजाति वर्ग की इस खेल प्रतियोगिता से कई प्रतिभाएं उभरी हैं । प्रतियोगिता में तीरंदाजी में प्रतापगढ़ जिले के खिलाडिय़ों ने अपने सभी तीर निशाने पर लगाएं। वहीं उदयपुर के खिलाडिय़ों के कदमों ने उड़ान भरी। जिन्हें अपने अगले लक्ष्य को बींधना है। शुक्रवार को आयोजित समापन समारोह आयोजित हुआ, जिसमें जनजाति महकमे के मंत्री नन्दलाल मीणा मौजूद रह कर खिलाडिय़ों का उत्साहवद्र्धन किया। इस दौरान जिले के खेल एवं जनजाति विभाग समेत जिले के उच्चाधिकारी मौजूद थे। करीब दो घंटे तक चले समापन समारोह में विजेता खिलाडिय़ों को पारितोषिक वितरण कर सम्मानित किया गया। इस मौके पर मंत्री मीणा ने खिलाडिय़ों को सम्बोधित करते हुए कहा कि हार जीत जीवन का अहम हिस्सा है। जो खिलाड़ी इस प्रतियोगिता में विजेता रहे है। उनका सफर यही रूकना नहीं चाहिए। आगे का लक्ष्य तय कर तैयारी करें। वहीं हारने वाले खिलाड़ी अगली जीत की तलाश में तैयारी जारी रखें। सभापति कमलेश डोसी ने भी सभी खिलाडिय़ों को उज्जवल भविष्य की कामना करते हुए कहा कि अपने प्रदर्शन में निरंतरता बनाएं रखे एवं राष्ट्रीय स्तर पर कांठल का नाम रोशन करें।

ये प्रतियोगिताएं हुई
प्रतियोगिता में कबड्डी, खो-खो, तीरंदाजी, वॉलीवाल, दौड़ के खेल प्रमुख रूप से हुए।

कितने खिलाड़ी हुए शामिल
खेल गांव प्रतापगढ़ में हुआ। तीन दिन तक चलने वाली जनजाति आश्रम खेल छात्रावास प्रतियोगिता में जनजाति क्षेत्र के 19 जिलों के तकरीबन 820 खिलाडी इसमें शामिल हुए। जिनमें 462 बालिकाएं व 358 बालक शामिल हुए।
जिला खेल कबड्डी में मेजबान रहे हावी
राज्य स्तरीय प्रतियोगिता में प्रतापगढ़ जिले का खेल कबबड्डी आकर्षण का केन्द्र रहा । जिले के बालक एवं बालिकाओं ने अपने जिले के खेल में पूरा दमखम दिखाते हुए मेहमान टीमों को अपने पाले में सेंध मारते हुए अपने पाले के पास फटकने तक नहीं दिया। खेल छात्रावास बालिका ने राजसमन्द एवं बालकों ने उदयपुर को हरा प्रथम स्थान पर रहा। निवाई टोंक तीसरे स्थान पर संतोष करना पड़ा

इनके तीर लगे निशाने पर
प्रतियोगिता का मुख्य आकर्षण क्षेत्र का प्रमुख खेल तीरंदाजी रहा। जिसमें जिले के खिलाडिय़ों ने तीरंदाजी के सभी राउण्ड में बाजी मारी। प्रमुख रूप से आवासीय छात्रावास प्रतापगढ़ के विष्णु मीणा एवं विकास मीणा तीरंदाजी प्रतियोगिता में आकर्षण का केन्द्र रहे। इन्होंने 30,40,50 एवं 70 मीटर ओवरऑल तीरंदाजी प्रतियोगिता में गोल्ड एवं सिल्वर मेडल अपने नाम किए। वहीं तीरदांजी के 70 मीटर एलेक्स हीरो राउण्ड में राहुल मीणा प्रथम, अखिल भारतीय वनवासी तीरांदाजी राहुल मीणा प्रथम एवं द्वितीय स्थान एवं अशीष चरपोटा तृतीय प्राप्त हुआ।

इनके कदमों ने भरी उड़ान
प्रतियोगिता के अंतिम दिन 800 मीटर, 400 मीटर रिले एवं 100 मीटर की दौड़ हुई। जिनमें 400 मीटर रिले बालिका में खेल छात्रावास मधुबन उदयपुर की सिम्पल मीणा प्रथम रही वहीं द्वितीय व तृतीय स्थान पर खेलछात्रावास प्रतापगढ़ की बालिकाओं ने बाजी मारी
बालक वर्ग में खेल छात्रावास लीजवड डूंगरपुर 400 मीटर दौड़ में हरीश प्रथम, भरत खेलछात्रावास सरदारपुर द्वितीय, सूरजमल तृतीय, वहीं 800 मीटर दौड़ में बलवीर व बंशीलाल क्रमश: प्रथम व द्वितीय रहे।
अन्य खेलों में इस प्रकार रहा परिणाम
इनका रहा योगदान
प्रतियोगिता में महेश जाड़ावत, हरीश बारोलिया, धर्मचंद जैन, आजाद गौड, शरद दवे, पवन जैन, चन्द्रप्रकाश गहलोत, तथा आश्रम खेल छात्रावास अधीक्षक रामलाल मीणा, जनजाति आवासीय खेल छात्रावास नीरज मीणा आदि का योगदान सराहनीय रहा। जिनके बेहतर प्रशिक्षण के दम पर जिले की प्रतिभाओं ने अपना बेहतर खेल दिखाते हुए जिला खेल में प्रतापगढ़ को प्रथम स्थान और तीरंदाजी के ओवरऑल में गोल्ड मेडल दिला कर जिले का नाम रोशन किया।

डाउनलोड करें पत्रिका मोबाइल Android App: https://goo.gl/jVBuzO | iOS App : https://goo.gl/Fh6jyB

राजस्थान पत्रिका लाइव टीवी

Ad Block is Banned