बांधों में अब तक नहीं पहुंचा पानी

जिले के 4 बांध खाली तो 13 बांधों में काफी कम मात्रा में पानी

By: Rakesh Verma

Published: 20 Jul 2018, 10:34 AM IST

प्रतापगढ़. जिले में गर्मियों के बाद रीते अधिकांश बांधों में अब तक हुई बारिश के बाद भी पर्याप्त पानी नहीं आया है। जिले के अधिकांश बांधों में काफी कम पानी रह गया है वहीं कई बिलकुल रीते हुए हैं। वर्तमान में जिले के 17 बांधों में से 4 बांधों में पानी बिलकुल नहीं है। वहीं 13 बांधों में भी ही पानी कम ही बचा है। हालांकि अभी मानसून में काफी समय है और हर किसी को अच्छी बारिश का इंतजार है ताकि बांधों में फिर से पानी भर सके और जिले में सिंचाई और पेयजल की उपलब्धता हो सके।
सारे बांध भरे थे
पिछली बार हुई बारिश में जिले के सारे बांध लबालब भर गए थे। जिनसे वर्ष पर्यंत सिंचाई और पेयजल की उपलब्धता रही। यहां तक की गर्मियों के मौसम में भी किसी प्रकार की विशेष परेशानी का सामना नहीं करना पड़ा लेकिन अब बांधों में पानी खाली होने से फिर से अच्छी बारिश की दरकार है।
कुछ बांधों से राहत
जिले का सबसे बड़ा जाखम बांध पेयजल का बड़ा स्त्रोत है। 31 मीटर भराव क्षमता का यह बांध पिछली बारिश में लबालब होकर छलक गया था और इस पर चादर भी चली थी। यही कारण है कि पिछली बारिश को लम्बा समय बीत जाने और गर्मियां भी निकल जाने के बावजूद बांध अब भी 20 मीटर से ज्यादा भरा हुआ है। वहीं सिंचाई के लिए कुछ वर्ष पहले ही बनाया गया 14.70 मीटर भराव क्षमता वाला दूसरा बड़ा बांध भंवरसेमला भी 10 मीटर भरा हुआ है। तो 9.20 मीटर भराव क्षमता वाला बोरिया बांध 8.70 और 10.50 मीटर क्षमता वाला मेल बांध 9.50 मीटर भरा हुआ है, जो राहत का विषय है।


यह है बांधों की स्थिति
बांध भराव क्षमता वर्तमान स्थिति
हमजाखेड़ी 7 मीटर -
गादोला 5.49 मीटर -
बोरिया 9.20 मीटर 8.70 मीटर
मचलाना 10 मीटर 2 मीटर
बजरंगगढ़ 4.60 मीटर 2.60 मीटर
बरडिया 6.70 मीटर 1.05मीटर
चाचाखेड़ी 4 मीटर -
बसेड़ा लोवर 3.66 मीटर 1.05मीटर
बागदरी 3.80 मीटर -
भंवरसेमला 14.70 मीटर 10.00 मीटर
जाखम 31 मीटर 20.00 मीटर
गागरी 7.92 मीटर 3.60 मीटर
वाजना 10 मीटर 5.50 मीटर
मेल 10.50 मीटर 9.50 मीटर
वोरी वानगढ़ी 11 मीटर 3.40 मीटर
बख्तोड़ 9.60 मीटर 4.70 मीटर
काली घाटी 7.75 मीटर 2.40 मीटर


अच्छी बारिश का इंतजार
&जाखम, भंवरसेमला, बोरिया, मेल के अलावा अधिकांश बांधों पानी काफी कम हो गया है। अब तक की बारिश से बांधों में पानी की काफी कम आवक हुई है। ऐसे में बांधों में फिर से पानी भरने के लिए मानसून की अच्छी बारिश का इंतजार रहेगा। ताकि वर्ष पर्यंंत पीने और सिंचाई के पानी की उपलब्धता बनी रहे।
उमाशंकर यादव, , ्रअधिशाषी अभियंता, जल संसाधन विभाग, प्रतापगढ़

Rakesh Verma Bureau Incharge
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