भूमिपुत्रों के अरमानों पर फिरा पानी


प्रतापगढ़- इस वर्ष जाते हुए मानसून से किसानों के अरमानों पर पानी फेर दिया है। पक चुकी खरीफ की फसल पानी में गल गई है। जो कुछ फलियां पकी थी। वो भी लगातार बारिश के कारण अंकुरित हो गई है। ऐसे में किसानों के सामने अब अपनी फसल को पानी में खत्म होने के देखने के सिवा कोई चारा नहीं है।

By: Devishankar Suthar

Published: 27 Sep 2021, 08:03 AM IST


प्रतापगढ़- इस वर्ष जाते हुए मानसून से किसानों के अरमानों पर पानी फेर दिया है। पक चुकी खरीफ की फसल पानी में गल गई है। जो कुछ फलियां पकी थी। वो भी लगातार बारिश के कारण अंकुरित हो गई है। ऐसे में किसानों के सामने अब अपनी फसल को पानी में खत्म होने के देखने के सिवा कोई चारा नहीं है। कांठल में इस वर्ष भूमिपुत्रों पर दोहरी मार पड़ रही है। इस वर्ष खरीफ की फसल में पहले कीटों का प्रकोप के कारण फसलें नष्ट हो गई। वहीं अब फसल पकने की अवस्था में मानसूनी बारिश गत एक सप्ताह से रोजाना हो रही है। ऐसे में सोयाबीन, मक्का, उड़द के दाने फिर से अंकुरित हो गए है। जिससे बची फसलों से भी आस नहीं बची है।
गौरतलब है कि जिले में इस वर्ष खरीफ की फसल में शुरू से ही प्रकृति की मार पड़ रही है। बुवाई के बाद फसलों में कीटों ने प्रकोप हो गया। इसके बाद लगातार बारिश के कारण फसलों में गलन और सूखने की समस्या हो गई। वहीं इस वर्ष कई इलाकों में खेतों में सफेद लट के कारण पूरे के पूरे खेत भी सूख गए। वहीं अब जिन खेतों में फसल पकने की अवस्था में चल रही है। गत दिनों से लगातार बारिश के कारण सूखी फसलों में फिर से अंकुरण होने लगा है। ऐसे में किसानों को इस खरीफ से बची आस भी खत्म होने लगी है। हालात यह है कि सोयाबीन की पकी फलियों में फिर से अंकुरण हो गया है। यही हाल मक्का की फसल का भी है। मक्का के भुट्टे में भी अंकुरण हो गया है। ऐसे में यह फसल अब किसानों के लिए कोई काम की नहीं बची है।
मोवाई. क्षेत्र में गत दिनों से अधिक बारिश होने से खेतों में पानी भरा हुआ है। वहीं पकी फसलों में नुकसान होने लगा है। जबकि दूसरी ओर सोयाबीन पकने के बावजूद भी बारिश अधिक होने से फली के अंदर से फिर से अंकुरण होने लगा है।
इससे किसानों को काफी नुकसान हो रहा है। किसानों ने बताया कि बारिश होने से फसलें खत्म हो गई है। सरकार से मुआवजा दिलाने के लिए मांग की है। मोहेड़ा गांव के मोहनलाल गायरी, रामलाल मालवीय, नानूराम गायरी, मांगीलाल मीणा, मोहनलाल, लक्ष्मण गायरी आदि किसानों ने बताया कि सोयाबीन की फसल खराब हो गई है।
करजू. क्षेत्र मे लगातार हो रही बारिश से खेतों में पानी भरा गया है। काफी हिस्से में फसलें नष्ट हो गई। कई खेतों में फसलों में दाना पुन: अंकुरित होने लगा। करजू, साठोला, मानपुरा जागीर, जलोदा जागीर पंचायत के गावों से जुड़े खेतों में भरे पानी में नुकसान को लेकर आशंकित हैं। काश्तकारों ने बताया कि लगातार बारिश के कारण बीज अंकुरित होने लगे हैं। फसल खराब हो चुकी है। किसानों कि मानें तो मूंगफली की फसल में बीमारी लगने से सूख गई। मंहगी दवाओं का छिडक़ाव के बावजूद फसल खराब हो गई। खेत खाली हो गए। पूरे खेतों में बोई गई मक्का, सोयाबीन की फसल सड़, गलकर आड़ी पड़ गई। जिससे किसानों को नुकसान हुआ। सोयाबीन की फसल में पानी भरा हुआ है। फसल सडक़र बदबू मारने लगी है। पहले तो सोयाबीन का बीज बहुत मंहगा मिला। अधिक बारिश ने फसलों को चौपट कर दिया। काश्तकारों ने प्रशासन से गिरदावरी करके मुआवजे की मांग की है।फसल खराबे को लेकर खेतों का मौका मुआयना किया, भाजपा नेता मंत्री कृपलानी पहुंचे खेतों में
छोटीसादड़ी. फसल खराबे का नुकसान को लेकर भाजपा नेता श्रीचंद कृपलानी ने छोटीसादड़ी क्षेत्र का दौरा किया। पीलीखेडा, कालाकोट, साटोला, मानपुरा जागीर आदि गांव में जाकर खेतों में खराब हुई फसल का मौका मुआयना किया। अत्यधिक बारिश होने पर हुए फसल में नुकसान को लेकर उपखंड अधिकारी को भी ज्ञापन दिया गया। वहीं, खराब हुई फसल की गिरदावरी कर किसानों को मुआवजा दिलाने की मांग की है। वहीं दूसरी ओर क्षेत्र में बारिश से हुई फसल खराबे का केन्द्रीय दल भेजकर सर्वे करवा कर मुआवजा दिलाने की मांग को लेकर किसानों ने राष्ट्रपति के नाम एसडीएम विनोद कुमार मल्होत्रा को ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में बताया कि छोटीसादड़ी क्षेत्र में इस वर्ष सितम्बर माह के उत्तराद्र्ध में अत्यधिक वर्षा होने से सोयाबीन की फसल खेतों में ही सड़ कर नष्ट हो गई है। मूंगफली की फसल भी खेतो में अंकुरित हो गई है। खेतों में ही नष्ट होकर अंकुरित हो गई है। जिनसे किसान ठगा सा रह गया है। उसके सामने भुखमरी की स्थिति उत्पन्न हो गई है। इस दौरान मुकेश जाट, राहुल पाटीदार, अनिल धाकड़, बंसीलाल, उदयलाल, गोपाल जणवा, शांतिलाल, राकेश अहीर, प्रवीण मीणा, कमल आदि मौजूद थे।

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