बाहुबली राजा भइया ने कराई 101 जोड़ों की शादी, एक ही मण्डप के नीचे गूंजे मंत्र और कुरआन की आयतें

Pratapgarh, Uttar Pradesh, India
 बाहुबली राजा भइया ने कराई 101 जोड़ों की शादी, एक ही मण्डप के नीचे गूंजे मंत्र और कुरआन की आयतें

विशाल मण्डप में एक साथ हिन्दु और मुस्लिम लड़कियों की हुई शादी। 22 सालों से लगातार कराते आ रहे हैं विशाल सामूहिक विवाह कार्यक्रम।

प्रतापगढ़. बाहुबली पूर्व कैबिनेट मंत्री राजा भइया ने हर बार की तरह इस बार भी सामूहिक विवाह का आयोजन किया। पर इस बार यह आयोजन अपने आप में काफी भव्य था। भव्यता का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि 25 हजार लोगों के रूकने, रहने और खाने पीने की व्यवस्था की गयी थी। कुल 101 लड़कियों का विवाह कराया गया, जिसमें हिन्दु और मुसलमान दोनों शामिल थीं। पूरे कार्यक्रम की अगुवाई खुद राजा भइया ने की यहां तक कि बारात का स्वागत करने के लिये वह खुद द्वार पर खड़े हुए और अपने हाथों से लोगों को माला पहनाते रहे। आयोजन इतना बड़ा था कि इसके लिये तकरीबन पांच-पांच बीघे से बड़े मैदान बजरंग इंटर कॉलेज ओर टीपी इंटर कॉलेज में पूरा प्रबन्ध किया गया था इन दोनों के साथ ही रानी गिरजा देवी इंटर कॉलेज में भी प्रबंध किये गए थे। तीनों स्कूलों को दुल्हन की तरह सजाया गया था। आयोजन में गंगा-जमुनी तस्वीर भी देखने को मिली, क्योंकि यहां एक ही मंडप के नीचे उधर पण्डित विवाह संपन्न करा रहे थे तो दूसरी ओर मौलवी मुस्लिम लड़कियों का निकाह पढ़ा रहे थे। एक ही छत के नीचे मंत्र और कुरआन की आयतें दोनों पढ़ी जा रही थीं। आयोजन योगीराज देवरहा बाबा चैरिटेबल ट्रस्ट के सौजन्य से किया गया था, राजा भइया यूथ ब्रिगेड पूरा मोर्चा संभाल रखा था। राजा के करीबी बाबागंज विधायक विरोद सरोज और सचिव हरिओम शंकर श्रीवास्तव के जिम्मे पूरा आयोजन रहा। इसकी तैयारियां पिछले एक सप्ताह से चल रही थीं। कई थानों की फोर्स आयोजन स्थल व आस-पास तैनात की गयी थीं।



बैंड बाजे के साथ निकली बाराज, राजा भइया ने खुद किया स्वागत
गरीब लड़कियों का सामूहिक विवाह भी अमीरों की तर्ज पर कराया गया था। बैंड बाजे और डीजे की धुन पर थिरकते हुए बारातियों संग बारात निकाली गयी। कुण्डा में माहौल शादियाना हो गया। बाराज बजरंग डिग्री कॉलेज पहुंची तो खुद राजा भइया ने एक-एक दूल्हे को माला पहनाकर बारात का स्वागत किया। इस मौके पर मेहमान भी राजनेता और अधिकारिगण जैसे वीआईपी आए थे। कुल मिलाकर आयोजन को फाइफ स्टार बनाने में कोई कोर कसर नहीं छोड़ी गयी थी।



ये हस्तियां बनीं साक्षी
इस विशाल सामूहिक विवाह के साक्षी वैसे तो 25 हजार लोग थे पर इनमें मुख्य रूप से विधान परिषद् सदस्य कुवंर अक्षय प्रताप सिंह (गोपाल भैया), पूर्व सांसद शैलेन्द्र कुमार, विधायक विनोद सरोज, पूर्व मंत्री राजेंद्र यादव, जिला पंचायत अध्यक्ष उमा शंकर यादव, अध्यक्ष जिला सहकारी बैंक डॉ कैलाश नाथ ओझा, प्रमुख हितेश प्रताप सिंह पंकज, सन्तोष सिंह बीएन सिंह, विराट सोमवंशी, अनुभव यादव प्रफुल्ल सिंह बबलू शुक्ला ब्राह्मण संघ के अध्यक्ष सुग्गा तिवारी, राहुल तिवारी, राजेश तिवारी, सोनी पहिलेपार, लल्ला तिवारी, प्रधान मुन्ना मिश्रा, राजू तिवारी, पंकज यादव, आनंद देव पाण्डेय, वरिष्ठ अधिवक्ता हनुमान प्रसाद पाण्डेय, एडवोकेट वैभव पाण्डेय, धीरज सिंह, केशव पटेल, राम नरेश मौर्या, फौजी रोहित सिंह, छविनाथ यादव, इंद्रदेव पटेल, घनश्याम यादव, जगदेव गौतम, मीडिया प्रभारी सत्येन्द्र सिंह आदि लोग मौजूद रहे।




दहेज मे सोने के जेवर, कुरआन और भागवत गीता
शादी का सूट, सोने का टप्स, कील, मठिया, चांदी की पायल, बिछिया, आगूठी, सोने की नथिया, चांदी की थाल, कटोरा, इसके अलावा कटोरा, थाल परात समेत गृहस्थी का सारा सामान, साड़ी, सलवार सूट व नकाब के सेट, टीवी, दूल्हा-दूल्हन को हाथ की घड़ी, साइकिल, बेड, बक्स, पंखा, ट्रांजिस्टर, अनाज ट्रंक, मेकअप बॉक्स, किसन का सामान, वाटर कूलर आदि शामिल रहे। इसके अलावा मुस्लिमों को कुरआन और हिन्दु जोड़ों को भागवत गीता दी गयी।



समारोह में स्वच्छता, स्वास्थ्य और शिक्षा के लिेय जागरूकता
विवाह समारोह के दौरान एक और अनोखी चीज देखने को मिली। आयोजन यूं तो अपने आप में भव्य और अलग था। पर एक और चीज थी जो इसे और अलग बना रही थी। वैवाहिक समारोह में लोगों को स्वच्छता, शिक्षा और स्वास्थ्य के प्रति जागरूक भी किया गया। जगह-जगह इस आशय की तख्तियां लगाई गई थीं।



एक नजर में समारोह
- 25000 लोगों के लिये खाने और रहने की व्यवस्था
- तीन स्कूलों में था आयोजन, पांच बीघे से बड़े थे ग्राउण्ड
- 101 जोड़ों के लिये नंबर के हिसाब से कमरों का एलार्टमेंट
- जोड़ों के कमरों पर नंबर प्लेट और वर वधू की नंबरिंग ताकि अदला-बदली न हो जाए
- लिस्ट के अनुसार 25 हजार लोगों के रहने की व्यवस्था
- चार सेक्टर में बांटकर खिलाया गया खाना



आयोजन एक नजर में
- 22 साल से लगातार हो रहा है आयोजन
- राजा भइया ने पहला चुनाव 1991 में जीतने के बाद 1993 में कराया आयोजन
- पहली बार 25 जोड़ों का कराया गया विवाह
- दूसरी बार से 60 जोड़ों का होता रहा विवाह
- पहली बार 101 जोड़ों के लिेये हुआ आयोजन
- 22 साल में अब तक 1326 जोड़ों का हो चुका विवाह




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