यूपी के प्रतापगढ़ में घर में घुसकर लड़की को जिंदा जलाया, मौत के बाद टूटा मां का सब्र- देखें वीडियो

Jyoti Mini

Publish: Jan, 23 2018 03:51:32 PM (IST)

Varanasi, Uttar Pradesh, India

प्रतापगढ़. यूपी में अपराध की घटनाएं थमने का नाम नहीं ले रही हैं। प्रतापगढ़ जिले में दिल को दहला देने वाली घटना सामने आई है। दबंगों ने घर में घुसकर एक युवती को जिंदा जला दिया। दबंगों ने इस घटना को तब अंजाम दिया जब वह घर में अकेली थी। प्रतापगढ़ के लालगंज कोतवाली इलाके के अजगरा गांव में घर पर अकेली रही दलित युवती को बेख़ौफ़ दबंगों ने जिन्दा जला दिया और फरार हो गए। घटना के बाद आनन-फानन में परिजन अस्पताल लेकर भागे जहां डाक्टरों ने प्राथमिक उपचार बाद उसकी गंभीर हालत को देखते हुए इलाहबाद रेफर कर दिया। घटना के कई घंटो बाद भी पुलिस घटना स्थल पर नहीं पहुंच सकी।

उत्तर प्रदेश योगी सरकार बनते ही महिलाओं की सुरक्षा को लेकर एंटी रोमियो स्क्व़ॉयड का गठन किया गया और जबरदस्त प्रचार भी किया गया। बावजूद इसके सूबे में महिलाएं और बच्चियां कहीं भी सुरक्षित नहीं है। लड़कियों और महिलाओं की आबरू पर लगातार हमला हो रहा है। बलात्कार और महिला उत्त्पीड़न के मामले को लेकर प्रदेश इन दिनों सुर्ख़ियों में है। पुलिस पर इस समय ये कहावत सटीक बैठती है की "अंधेर नगरी चौपट राजा टका सेर पूड़ी टका सेर खाजा।" एक बार फिर प्रतापगढ़ में पुलिस की लापरवाही उजागिर हुई है। ताजा मामले में पीड़ित युवती की मां का आरोप है कि, डॉक्टर बंगाली से पुराणी रंजिश है। इसी रंजिश के चलते इलाके का झोलाछाप डॉक्टर बंगाली अपने बेटे कल्लू के साथ मिलकर गांव की उन्नीस वर्षीय दलित युवती अंजू को जिन्दा आग के हवाले कर दिया और बाहर से दरवाजा बंद कर बाप बेटे फरार हो गए। घर के सामने से गुजर रहे युवक ने घर के भीतर से आ रही चीख को सुनकर घर में घुस गया तो वहां अंजू आग की लपटों में घिरी मदद के लिए चीख रही थी।

युवक ने जान की परवाह किये बगैर अंजू को आग की लपटों से बचाने में जुट गया। जिसके चलते वह खुद भी झुलस गया। चीख पुकार सुनकर पड़ोस में गई, अंजू की मां को सूचना दी गई तो उसकी मां भी बदहवास घर की और भागी और बेटी की हालत देख बदहवास सी हो गई। आनन-फानन में उसे जिला अस्पताल ले जाया गया। जहां डॉक्टरों ने प्राथमिक उपचार के बाद अस्सी प्रतिशत जल चुकी अंजू के साथ ही बचाव को उतरे युवक को भी इलाहबाद रेफर कर दिया। पीड़ित मां का आरोप है कि, उसके बेटे बच्चन और बंगाली में साल भर पहले मारपीट हुई थी। इस मारपीट में बच्चन ने बंगाली को चाकू मर दिया था। जिसके बाद पुलिस ने आठ माह पहले उसे गिरफ्तार कर जेल भेज दिया और बच्चन आज जेल में बंद है। जिसके बाद से ही बंगाली उसके परिजनों को आए मारता पीटता है।

जिसकी शिकायत उसने स्थानीय पुलिस से भी कर चुकी है, लेकिन पुलिस ने कोई कार्रवाई नहीं की और दबंग बंगाली का मनोबल बढ़ता गया और नतीजा अंजू जीवन और मौत की जंग लड़ते हुई काल के गाल में समा गई। अगर इस मामले में पुलिस ने संजीदगी दिखाई होती और बंगाली के खिलाफ कोई ठोस कार्यवाही की होती तो आज इतनी बड़ी दिल को दहला देने वाली वारदात न होती। ये कोई पहली घटना नहीं हुई जिसमे पुलिस की लापरवाही सामने आई है।इससे पहले भी पुलिस की लापरवाही के चलते जिले में कई जाने जा चुकी है।

इन दिनों जिले में अपराध का ग्राफ दिन दूना रात चौगुना बढ़ता जा रहा है। इस बाबत हमने पुलिस के अलाधिकारियो से बात की तो उनका कहना है कि, युवती की इलाज के दौरान मौत हो गई। युवती के परिजनों की तहरीर के मुताबिक मुकदमा दर्ज कर् लिया गया है। दो आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है मामले की जांच की जा रही है।

 

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