राजा भइया के पिता को मुहर्रम पर भंडारा कराने की योगीराज में नहीं मिली इजाजत, अखिलेश सरकार ने करवाया था हाउस अरेस्ट

राजा भइया के पिता को मुहर्रम पर भंडारा कराने की योगीराज में नहीं मिली इजाजत, अखिलेश सरकार ने करवाया था हाउस अरेस्ट

Rafatuddin Faridi | Publish: Sep, 17 2018 03:19:51 PM (IST) | Updated: Sep, 17 2018 03:19:52 PM (IST) Allahabad, Uttar Pradesh, India

हाईकोर्ट के फैसले के बाद तत्कालीन अखिलेश सरकार में रोका गया था भंडारा।

सुनील सोमवंशी

प्रतापगढ़. बाहुबली राजा भइया के पिता की वर्षों पुरानी भंडारे की परंपरा योगी सरकार में इस बार भी टूट जाएगी। एससी/एसटी एक्ट के विरोध में खुलकर आने वाले राजा भइया के पिता को मुहर्रम के दिन उनकी ओर से कराए जाने वाले भंडारे की अनुमति प्रशासन ने नहीं दी है। इसको लेकर इलाके में नाराजगी बतायी जा रही है। इसी वजह से कुंडा के बाजार भी बंद हैं। पुलिस पूरे मामले पर नजर बनाए हुए है। जिलाधिकारी ने कहा है कि इस बार भी भंडारे की अनुमति नहीं दी जाएगी। हालांकि इस बाबत राज परिवार की ओर से कोई बयान नहीं आया है।

 

Raja Bhaiya Ke Pita  Ka Bhandara

 

अखिलेश यादव सरकार हाउस अरेस्ट किये गए थे राजा भइया के पिता

राजा भइया के पिता महाराज उदय प्रताप सिंह की ओर से कराए जाने वाले भंडारे की पर अदालती आदेश के बाद सबसे पहले अखिलेश यादव राज में रोक लगी थी, जब खुद बेटे रघुराज प्रताप सिंह राजा भइया सरकार में मंत्री भी थे। उस समय कोर्ट के आदेश के बाद सरकार ने भंडारे की अनुमति नहीं दी तो उदय प्रताप सिंह हर हाल में इस कराने पर अड़ गए। पूरी तैयारियां हुईं और मुहर्रम के दिन ही भंडारे के लिये हलवई भी बुलवा लिये गए। पर प्रशासन को किसी भी कीमत पर कोर्ट के आदेश का पालन कराना था, सो उनके महाराज उदय प्रताप सिंह को हाउस अरेस्ट कर लिया गया। कड़ी सुरक्षा के बीच मुहर्रम का जुलूस उसी रास्ते से गुजरा। तत्कालीन एडीजी कानून व्यवस्था दलजीत सिंह चौधरी ने भी स्वीकार किया गया था कि प्रतापगढ़ में किसी तरह का तनाव न हो इसके लिये उदय प्रताप सिंह और उनके कुछ समर्थकों को हाउस अरेस्ट किया गया है। हाईकोर्ट ने हनुमान मंदिर पर उनकी ओर से कराए जाने वाले भंडारे पर रोक लगा दी थी।

 

 

 

दरअसल राजा भइया के के पिता की ओर से हनुमान मंदिर पर एक विशेष भंडारा कराया जाता है। पर यह भंडारा ठीक मुहर्रम के दिन अखाड़े के जुलूस के रास्ते में पड़ने वाले हनुमान मंदिर पर कराया जाता है। इसमें बड़ी तादाद में लोग भी जुटते रहे हैं ऐसा कहा जाता है। तारीख और स्थान को लेकर आपत्ति हुई और मामला हाईकोर्ट पहुंच गया। इसके बाद कोर्ट ने भंडारे पर रोक लगा दी।

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