अन्नदाता बदहाल, प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना का नहीं मिल रहा लाभ

Abhishek Srivastava

Publish: Apr, 13 2018 08:33:57 PM (IST)

Varanasi, Uttar Pradesh, India
अन्नदाता बदहाल, प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना का नहीं मिल रहा लाभ

एक भी किसान को नहीं मिला लाभ, बड़ी संख्या में किसान हैं अनजान

प्रतापगढ़. कुदरत के कहर से परेशान किसानों को राहत पहुंचाने के लिए केंद्र सरकार द्वारा शुरू की गई प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना भी बेमानी सिद्ध हो रही है। इस योजना का लाभ किसानों को नहीं मिल पा रहा। कुछ जानकारी के अभाव में दावा ही नहीं करते, वहीं जिन्होंने दावा किया भी है उनके दावे का बीमा कंपनी ने निस्तारण नहीं किया। बीमा योजना के तहत जिले में 82,693 किसानों ने बीमा प्रीमियम के रूप में लगभग छह करोड़ रुपये का भुगतान किया है, लेकिन एक भी किसान को क्षतिपूर्ति नहीं मिली है।

जिला कृषि अधिकारी डॉक्टर अश्विनी सिंह के अनुसार एक भी किसान को बीमा योजना का लाभ नहीं मिला है। उन्होंने कहा कि बीमा कंपनी ने बीमित किसानों द्वारा किए गए क्लेम का आंकड़ा भी छिपा रखा है। वहीं, एसबीआइ जनरल इंश्योरेन्स के प्रसार अधिकारी तुषार कुमार ने कहा कि जनपद के कितने किसानों ने क्षतिपूर्ति के लिए दावा किया है, इसकी सूचना मेरे पास नहीं है। उन्होंने पीड़ितों को लाभ मिलने संबंधी आरोपों का खण्डन करते हुए कहा कि अभी हाल ही में लगभग सात लाख रूपये का भुगतान क्षतिपूर्ति के रूप में किया गया है। गौरतलब है कि इस योजना के तहत किसान क्रेडिट कार्ड बनवाने वाले किसानों का बीमा स्वयं बैंक करा किश्त नामित संस्था को भेज देते हैं। बीते वित्तीय वर्ष में खरीफ और रबी के सीजन में बैंकों से रुपये निकालने वाले 82,693 किसानों का बीमा कराया गया था। जिसमें खरीफ की फसल के लिए 39,372 और रबी की फसल के लिए 43,321 किसान शामिल हैं। इन किसानों ने एसबीआइजनरल इंश्योरेन्स को फसल का बीमा कराने के लिए लगभग छह करोड़ रुपये प्रीमियम के तौर पर भुगतान किया। आगलगी, अतिवृष्टि और ओलावृष्टि से बर्बाद हुई किसानों की फसल के लिए क्षतिपूर्ति का दावा भी किया गया, मगर अभी तक बीमा कंपनी ने एक भी किसान के दावे का भुगतान नहीं किया है। बीमा कंपनियों पर जिला प्रशासन का कोई दबाव नहीं रहता, जिसके कारण वह मनमाने ढंग से दावे का निस्तारण करती हैं।


लागत पर निर्भर करता है प्रीमियम

प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के तहत प्रीमियम फसल की लागत पर निर्भर करता है। खरीफ की फसल के लिए लागत का दो प्रतिशत, रबी की फसल के लिए लागत का डेढ़ प्रतिशत और आलू की फसल के लिए लागत का तीन प्रतिशत प्रीमियम के तौर पर चुकता करना होता है। किसान स्वयं भी अपनी फसल का बीमा करा सकता है।


रबी और खरीफ में चिन्ह्ति हैं फसलें

खरीफ के सीजन में धान, ज्वार, बाजरा और अरहर, रबी के सीजन में गेहूं, चना, मटर और आलू की फसल का ही बीमा होता है। फसलें और भी हैं, मगर प्रतापगढ़ के लिए अधिकृत फसलों की सूची में इनका ही नाम है।

 

By: Sunil Somvanshi

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