योगी सरकार का 24 घंटे बिजली देने का दावा फेल, ट्रांसफर्मर नहीं होने से अंधेरे में डूबे हैं कई मुहल्ले

योगी सरकार का 24 घंटे बिजली देने का दावा फेल, ट्रांसफर्मर नहीं होने से अंधेरे में डूबे हैं कई मुहल्ले
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महीनों बाद भी नही बदला गया ट्रांसफार्मर, ट्रांसफार्मर के नाम पर धन उगाही के आरोप

प्रतापगढ़. योगी सरकार गठन के बाद सूबे में 24 घंटे बिजली देने के वायदे किये गये थे. मगर हालात यह है कि सूबे में आज भी लोगों को गंभीर बिजली संकट का सामना करना पड़ रहा है। पखवारे भर पहले हुई बारिश के दौरान शहर में करीब आधा दर्जन ट्रांसफार्मर जले थे, विभाग ने किसी तरह ट्रांसफार्मर की व्यवस्था करके बिजली सप्लाई बहाल कराया था, मगर अब स्टॉक में ट्रांसफार्मर खत्म हो गए थे। ऐसे में यह तंगी शहर के लिए मुसीबत बन सकती है।

रविवार की रात काशीराम कॉलोनी जोगापुर में लगा 400 केवीए का ट्रांसफार्मर अचानक जल गया। कुछ घंटो बाद ही शहर स्थित सदर बाजार में लगा 400 केवीए का ट्रांसफार्मर जल गया। इससे रात से ही सप्लाई बंद हो गई है। उपभोक्ताओं ने इस समस्या को अफसरों को अवगत कराया। लेकिन विभाग के पास अतिरिक्त ट्रांसफार्मर न होने से उसे अब तक बदला नही गया। इससे मोहल्ले के लोग अंधेरे में हैं।


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ट्रांसफार्मर की किल्लत को लेकर जिले के बिजली अफसर बेहद परेशान हैं। अफसरों ने इस समस्या को विभाग के शीर्ष अधिकारियों के संज्ञान में मामला डाल दिया है लेकिन समस्या जस की तस बनी हुई है। मोहल्ले के लोग बिजली की समस्या को लेकर परेशान हैं, लोग समस्या से निजात पाने के लिए उपभोक्ता बिजली दफ्तरों के चक्कर काट रहे हैं।

कई दिनों तक रहेगा बिजली संकट
शहर में जले ट्रांसफार्मर को बदलने के लिए कई दिन लग सकते हैं। विभाग के पास अतिरिक्त ट्रांसफार्मर न होने से यह समस्या कई दिनों तक रह सकती है। हालांकि विभाग ने सदर बाजार में लगे ट्रांसफार्मर को की देर शाम तक दुरुस्त कराने का दावा कर रहा है। जबकि काशीराम कालोनी में जले ट्रांसफार्मर को बदलना पड़ेगा। नया ट्रांसफार्मर आने के बाद ही यह समस्या खत्म हो सकती है।

महीनों बाद भी नही बदला गया ट्रांसफार्मर
जोगापुर स्थित काशीराम कालोनी में लगा 250 केवीए का ट्रांसफार्मर महीनों पहले जला था। लेकिन अफसरों ने जले ट्रांसफार्मर को अब तक नही बदला। 400 केवीए के ट्रांसफार्मर के जलने से लोगो की समस्याएं और बढ़ गई। मुख्य अभियंता विद्युत अश्विनी कुमार ने कहा कि मामला मेरे संज्ञान में है, अतिरिक्त ट्रांसफार्मर की व्यवस्था की जा रही है। जल्द ही नए ट्रांसफार्मर लगाकर बंद सप्लाई को बहाल कर दिया जाएगा।


एक ओर जहां अभी तक जिले में ट्रांसफार्मर की किल्लत होने से सैकड़ो गांवों में अंधेरा छाया हुआ है, वहीं दूसरी ओर वाहनों के अभाव में वर्कशाप में डंप पड़े सैकड़ों ट्रांसफार्मर केवल कार्यशाला की शोभा बढ़ा रहे हैं। वाहनों के अभाव में गांवों तक ट्रांसफार्मर नही पहुंच पा रहे हैं। इससे गांवों में अंधेरा छाया हुआ है। वर्कशाप के अफसरों ने इस संबंध में अफसरों को पत्र लिखा है।

विद्युत वितरण खंड प्रथम में कुल तीन उपकेंद्र हैं। इसमें सदर, पट्टी व रानीगंज शामिल हैं। बिजली विभाग ने इन उपकेंद्रो के अंतर्गत जले ट्रांसफार्मरों को स्टोर में ले आने व ले जाने की जिम्मेदारी ठेकेदारों को सौंपी है। ठेकेदारों ने अपने वाहनों को लगाकर जले ट्रांसफार्मरों को वर्कशाप में लाकर रख देते हैं और वहां से दूसरा ट्रांसफार्मर ले जाकर गांवों में लगा देते हैं। लेकिन यहां ऐसा नही हो रहा है। ठेकेदार केवल एक, दो गाड़ियों को लगाकर ट्रांसफार्मरों को ले आने जाने का काम कर रहें है। हालात यह है वर्कशाप में ट्रांसफार्मर अधिक हैं और वाहन कम है। इससे एक दिन में दो से तीन ट्रांसफार्मर गांवों में भेजे जा रहे हैं। वाहन की संख्या अधिक होती तो वर्कशाप से जल्द ट्रांसफार्मर गांवों तक पहुंचा दिए जाते। इससे गांवों में जल्द बिजली सप्लाई बहाल कर दिया जाता। इस बारे में अधीक्षण अभियंता विनय चंद्र कुमार ने बताया कि वाहनों के बढ़ाने को लेकर विभाग में कवायद चल रही है। जल्द ही वाहन बढ़ा दिए जाएंगे।

ट्रांसफार्मर के नाम पर धन उगाही के आरोप
ट्रांसफार्मरों की तंगी का फायदा वर्कशॉप के कर्मचारी भी उठा रहे हैं। वे इसके नाम पर धनउगाही कर रहे हैं। यह शिकायतें लगातार अफसरों तक पहुंच रही हैं। लेकिन अभी तक किसी भी कर्मचारी के खिलाफ कार्रवाई नहीं हुई है। चिलबिला वर्कशाप में इन दिनों 25 केवीए के ट्रांसफार्मरों का काफी स्टॉक है। दूर दराज गांवों से जो उपभोक्ता ट्रांसफार्मर लेने के लिए आते हैं। आरोप है कि उनसे वर्कशाप के कर्मचारी सुविधा शुल्क की मांग करते हैं। जो सुविधा शुल्क नही देता है तो कर्मचारी उन्हें कोई कारण बताकर ट्रांसफार्मर देने से मना कर देते हैं। पैसे की बात को लेकर शुक्रवार को ग्रामीणों व कर्मचारियों में काफी झड़प हुई थी। मामले को बढ़ता देख मौजूद स्टोर के कर्मचारियों के हस्तक्षेप के बाद मामला शांत हुआ। इस बारे में अधिशासी अभियंता वर्कशाप दयाशंकर राय का कहना है कि मामला मेरे संज्ञान में आया है। जो कर्मचारी धन उगाही कर रहे हैं। उन पर जांच कर कार्रवाई की जाएगी।
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