कभी चुनाव नहीं हारे राजा भइया, बाहुबल का खौफ या जनता का प्यार

Pratapgarh, Uttar Pradesh, India
कभी चुनाव नहीं हारे राजा भइया, बाहुबल का खौफ या जनता का प्यार

जानिये राजा बाहुबली से कैसे माननीय बने राजा भइया।

SUNIL SOMVANSHI

प्रतापगढ़. जहां से कुंडा की सीमा शुरू होती है वहां से राज्य सरकार की सीमाएं समाप्त हो जाती हैं। यह किसी फिल्म का डायलॉग नहीं, बल्कि ये लाइनें कभी यूपी के बाहुबली विधायक और प्रतापगढ़ के भदरी स्टेट के राजा रघुराज प्रताप सिंह उर्फ राज भैया के लिये कही जाती थीं। इसे उनका खौफ कहें या फिर इलाके पर वर्चस्व पर ये बानगी भर है राजा भैया के बारे में कहे जाने वाले किस्सों की जो इलाके के लोगों की जबानजद है। वहज उनका खौफ हो या जनता में अपने राजा के लिये प्यार, वह जब से चुनाव लड़े, आज तक हार का मुंह नहीं देखा। कभी किसी पार्टी का सहारा नहीं लिया, तब भी वह बड़े अन्तर से चुनाव जीते। कहा जाता है कि जिस तरह से इलाके में उनका डंका बजता है उसी तरह उन्होंने राजनीति में भी अपना जलवा कायम रखा और मंत्री भी बने। कभी वह तेज तर्रार छवि के चलते तूफान सिंह के नाम से भी जाने जाते थे।




राजा भइया का सफर
- राजा भैया ने 1993 में महज 24 साल की उम्र में अपना राजनीतिक सफर शुरू किया।
- निर्दलीय प्रत्याशी के तौर पर चुनाव जीता।
- मुख्यमंत्री कल्याण सिंह ने कुंडा पहुंचकर उनके खिलाफ श्गुंडा विहीन कुंडा करौं, ध्वज उठाय दोउ हाथ।श् का नारा देकर प्रचार किया।
- पर बाद में कल्याण सिंह ने राजा भैया को अपने मंत्रिमंडल में जगह दी।
- मायावती ने जब कल्याण सिंह सरकार से समर्थन वापस लिया तब राजा भैया ने ही कल्याण सरकार की काफी मदद की।
- बसपा शासन में मायावती ने राजा भैया पर पोटा लगवा कर जेल भिजवा दिया।
- जब सपा सरकार शासन में लौटी तो एक बार फिर राजा भैया यूपी की राजनीति के केंद्र में आए।
- कहा जाता है कि राजमहल में हर रविवार उनका दरबार लगता है। वहां पुलिस ओर न्यायालय के बदले खुद न्याय देते हैं।
- कुछ लोग उनकी छवि को रॉबिनहुड की तरह बताते हैं।
- कहा जाता है कि जितने फरियादी कुंडा में बेंती कोठी पर आते हैं। उतने डीएम कार्यालय पर भी नहीं पहुंचते।
- राजा भैया के बेंती के तालाब की खुदाई में कई नरकंकाल मिल चुके हैं। विरोधी इसका जोरशोर से दावा करते हैं। हालांकि नर कंकाल मिलने की पुष्टी आज तक नहीं हो पायी।
- राजा भैया और उनके पिता के खिलाफ कई फर्जी अपराधिक मुकदमे ऑन रिकॉर्ड दर्ज हुए जिसमे न्यायालय ने राजा भैया को बाइज्जत बरी कर दिया।
- राजा भैया की कोठी के पीछे उनके 600 एकड़ का तालाब भी विवादों के केन्द्र में रहा।

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