बुर्का पहन नामांकन करने पहुंची सपा की बागी उम्मीदवार महिमा गुप्ता, बताया जान को खतरा

बुर्का पहन नामांकन करने पहुंची सपा की बागी उम्मीदवार महिमा गुप्ता, बताया जान को खतरा

Sunil Yadav | Publish: Nov, 07 2017 03:16:07 PM (IST) | Updated: Nov, 07 2017 03:24:08 PM (IST) Varanasi, Uttar Pradesh, India

सपा ने एक दिन पहले काट दिया था टिकट

प्रतापगढ. नगर पालिका अध्यक्ष पद के लिए समाजवादी पार्टी से टिकट कटने के बाद महिमा गुप्ता सोमवार को बुर्का पहनकर मौलाना के संग निर्दलीय उम्मीदवार के रूप में नामांकन कर लोगों को चौंका दिया। महिमा का टिकट सपा ने आखिरी समय में काट दिया था, जिसके बाद उन्होंने बागी तेवर अख्तियार कर लिया था। रविवार को सपा ने महिमा की जगह गीता मिश्रा को प्रत्याशी बना दिया। गीता मिश्रा भाजपा की बागी प्रत्याशी हैं, जिसका महिमा विरोध कर रही थीं।

 

सोमवार को गीता मिश्रा जब नामांकन करने पहंची, तो उसी दौरान एक महिला बुर्का पहने मौलाना संग नामांकन कक्ष में दाखिल हुई। नामांकन कक्ष में मौजूद लोग यह देख चौंक पड़े। बाद में लोगों को पता चला की बुर्का पहनकर पहुंची महिला कोई और नहीं बल्कि महिमा गुप्ता है। कुछ देर बाद सपा के कद्दावर नेता व पूर्व सांसद सीएन सिंह सहित अन्य प्रस्तावक भी महिमा गुप्ता के समर्थन में पहुंच गए। महिमा गुप्ता ने नामांकन के बाद कहा कि लखनऊ से आते समय ही उन्हें जानकारी मिल गई थी कि उनकी जान को खतरा है और उन्हें नामांकन से रोका जा सकता है। जिस कारण उन्हें बुर्का पहनकर नामांकन कक्ष तक आना पड़ा।

 

 

सपा नेता व पूर्व सांसद सीएन सिंह ने कहा महिमा गुप्ता अभी सपा में है और अधिकतर सपाई उनके साथ हैं। चुनाव जीतने के बाद भी सपा में रहेंगी। सपा नेता सी एन सिंह के इस बयान के बाद भी महिमा गुप्ता के साथ गिने-चुने सपाई ही नजर आए। वहीं दूसरी ओर सपा से नामांकन करने के बाद गीता मिश्रा के घर सपाईयों का तांता लगा रहा। सपा के पूर्व कैबिनेट मंत्री शिवकांत ओझा, पूर्व विधायक मुन्ना यादव, समेत जिले के तमाम पदाधिकारी गीता मिश्रा के साथ नजर आए। ऐसे में सपा में रहकर भी महिमा गुप्ता के लिए चुनाव जीतना आसान नहीं होगा।

 

Input by- सुनील सोमवंशी

 

Ad Block is Banned