
बृजभूषण शरण सिंह (Photo IANS)
Brijbhushan Sharan Singh Latest News: पूर्व भाजपा सांसद बृजभूषण शरण सिंह शनिवार को बलरामपुर पहुंचे, जहां उन्होंने एक निजी कार्यक्रम में हिस्सा लिया। गैंडासबुजुर्ग थाना क्षेत्र में स्थित एक निजी रेस्टोरेंट के उद्घाटन समारोह में शामिल होने पहुंचे पूर्व सांसद का स्थानीय व्यापारियों, समर्थकों और क्षेत्रीय लोगों ने गर्मजोशी से स्वागत किया। कार्यक्रम के दौरान बृजभूषण शरण सिंह ने मीडिया से भी खुलकर बातचीत की और कई मुद्दों पर अपनी राय रखी।
मीडिया ने जब इलाहाबाद हाईकोर्ट द्वारा प्रदेश के शस्त्र लाइसेंस धारकों का पूरा रिकॉर्ड तलब किए जाने को लेकर सवाल पूछा, तो बृजभूषण शरण सिंह ने इसे सामान्य प्रशासनिक प्रक्रिया बताया। उन्होंने कहा कि अगर सरकार या न्यायालय किसी मामले में जानकारी मांग रहे हैं, तो इसमें किसी को भी आपत्ति नहीं होनी चाहिए।
उन्होंने कहा, “आज के दौर में लोग असलहे रखने से ऊब चुके हैं। आज के जमाने में असलहा लेकर चलता कौन है? अब कोई खुलेआम हथियार लेकर नहीं घूमता। पहले एक समय था जब लोग इसे रसूख और प्रतिष्ठा का प्रतीक मानते थे, लेकिन अब समाज की सोच बदल रही है। असलहों का प्रदर्शन अब लोगों को पसंद नहीं आता।”
कार्यक्रम के दौरान पूर्व सांसद भावुक भी नजर आए। उन्होंने बलरामपुर, उतरौला, गैसड़ी और पचपेड़वा क्षेत्र से अपने पुराने रिश्तों को याद करते हुए कहा कि यह इलाका हमेशा उनके दिल के करीब रहा है।
उन्होंने कहा कि अपने राजनीतिक जीवन के सबसे कठिन दौर में इसी क्षेत्र की जनता ने उनका साथ दिया था। बृजभूषण शरण सिंह ने कहा, “जब मैं बड़े राजनीतिक संकट से गुजर रहा था, तब मैंने इसी क्षेत्र की जनता के भरोसे चुनाव लड़ा। महज 20 से 22 दिनों की मेहनत में मुझे ऐतिहासिक जीत मिली थी। उस समय यहां की जनता ने जो समर्थन दिया, उसे मैं जिंदगीभर नहीं भूल सकता।”
गौरतलब है कि इलाहाबाद हाईकोर्ट ने उत्तर प्रदेश में बाहुबलियों और आपराधिक पृष्ठभूमि वाले लोगों को जारी किए गए शस्त्र लाइसेंसों को लेकर सख्त रुख अपनाया है। कोर्ट ने प्रदेश सरकार और सभी जिलों के पुलिस अधिकारियों से विस्तृत रिपोर्ट मांगी है।
इस सूची में बृजभूषण शरण सिंह, राजा भइया, धनंजय सिंह, सुशील सिंह और विनीत सिंह समेत 19 चर्चित लोगों के नाम शामिल बताए जा रहे हैं। अदालत ने यह जानना चाहा है कि किन परिस्थितियों में इन लोगों को शस्त्र लाइसेंस जारी किए गए और वर्तमान में उनकी स्थिति क्या है।
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने हथियारों के सार्वजनिक प्रदर्शन और आपराधिक मामलों में शामिल लोगों को लाइसेंस दिए जाने पर गंभीर चिंता जताई है। कोर्ट ने राज्य सरकार से लाइसेंस जारी करने की प्रक्रिया, नियमों और सुरक्षा व्यवस्था को लेकर भी जवाब मांगा है। जस्टिस विनोद दिवाकर की अदालत ने निर्देश दिया है कि सभी लाइसेंस धारकों का सही पता, उनके खिलाफ दर्ज मुकदमे, लाइसेंस की वैधता और उन्हें मिली सुरक्षा से जुड़ी पूरी जानकारी प्रस्तुत की जाए। यह आदेश संतकबीर नगर निवासी जयशंकर की याचिका पर सुनवाई के दौरान दिया गया।
Published on:
24 May 2026 12:44 pm
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