पृथ्वीराज नगर के लाखों लोगों को किस्तों में मिलेगी सीवरेज

पृथ्वीराज नगर में सीवरेज सुविधा उपलब्ध कराने का काम किस्तों में होगा। जेडीए ने 50 करोड़ सालाना खर्च कर कार्य करवाने का मसौदा बनाया है। 11370 बीघा...

By: Deovrat Singh

Published: 10 Feb 2018, 08:12 AM IST

पृथ्वीराज नगर में सीवरेज सुविधा उपलब्ध कराने का काम किस्तों में होगा। जेडीए ने 50 करोड़ सालाना खर्च कर कार्य करवाने का मसौदा बनाया है। 11370 बीघा क्षेत्रफ ल में फैले पृथ्वीराज नगर में सीवरेज के लिए करीब 500 करोड़ रुपए चाहिए। जेडीए के मौजूदा वित्तीय हालात में मौजूदा प्लानिंग से काम हो तो यहां सीवर सुविधा में 8-10 वर्ष का समय लगेगा। राज्य सरकार की बजट प्लानिंग के तहत जेडीए ने यह प्रस्ताव भेजा है। इसमें सीवर लाइन बिछाने से लेकर सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट (एसटीपी) शामिल है। हाईकोर्ट पृथ्वीराज नगर में विकास कार्य की धीमी गति पर नाराजगी जताता रहा है।

किसानों से हो बातचीत
सीवर लाइन बिछाने के लिए कई इलाकों में 174 एमएलडी क्षमता के सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट (एसटीपी) के निर्माण की जरूरत है। इनमें सात एसटीपी ऐसी जगह प्लान किए गए, जहां आस-पास बड़े उद्यान या हरियाली है। परिशोधित पानी के उपयोग के लिए किसानों से बातचीत की जानी चाहिए थी।


यहां सीवर लाइन बिछाने का था प्लान
इलाका लागत एसटीपी क्षमता
(करोड़ रु.) (एमएलडी)
हरमाड़ा बढ़ारना व आसपास का क्षेत्र 92.61 13
गोविन्दपुरा,बक्सावाला व आस-पास 80.69 08
मदरामपुरा व मुहाना मण्डी का उत्तर-पूर्वी क्षेत्र 143.22 17
कालवाड़ रोड से मुहाना मण्डी तक 462.16 54
आगरा रोड के उत्तर-दक्षिण क्षेत्र 88.40 20
इंदिरा गांधी नगर तक—झालाना संस्थनिक क्षेत्र 6.34 01
शहर के 4 इलाकों में एसटीपी निर्माण 27.34 07
पृथ्वीराज नगर 444.64 54


क्योंकि सरकार के लिए प्राथमिकता में ही नहीं
जेडीए ने शहर के 30 फीसदी इलाकों में सीवरेज सुविधा पहुंचाने की विस्तृत रिपोर्ट बनाई थी। इसमें 1445 करोड़ रुपए लागत आंकी गई, जिसमें पृथ्वीराज नगर के लिए 444 करोड़ रुपए लागत का आकलन किया गया।
लोन लेने के लिए रिपोर्ट एनसीआरपीबी (राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र योजना बोर्ड) को दिल्ली भेजी। एनसीआरपीबी ने लोन के लिए राज्य सरकार की गारंटी चाही।
जेडीए ने सरकार को गारंटी देने के लिए कहा। इसके लिए प्रस्ताव नगरीय विकास विभाग भेजा गया।
सरकार ने गारंटी देने की बजाय जेडीए स्तर पर ही वित्तीय स्रोत के दूसरे विकल्प तलाशने की सलाह दे डाली। इसके बाद डीपीआर ठण्डे बस्ते में डाल दी गई।
जबकि, सरकार ने अपने ड्रीम प्रोजेक्ट द्रव्यवती नदी के लिए तत्काल लोन स्वीकृति दे दी।

11370 बीघा क्षेत्रफ ल में फैली है योजना
850 से ज्यादा हैं कॉलोनियां

440 कॉलोनियों के नियमन का कैम्प लग चुका
31460 हजार से ज्यादा पट्टे जारी किए हैं अभी तक

Deovrat Singh
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