स्टोप ब्लास्ट से हुआ बड़ा हादसा, मां बेटे की मौत, मचा हड़कम्प

स्टोप ब्लास्ट से हुआ बड़ा हादसा, मां बेटे की मौत, मचा हड़कम्प

Mahendra Pratap | Publish: Sep, 12 2018 08:10:46 PM (IST) Lucknow, Uttar Pradesh, India

देवानन्दपुर गांव में खाना बनाते समय अचानक स्टोव फट जाने से हादसे में महिला व एक बच्चा चपेट में आ गया।

रायबरेली. मिल एरिया थाना क्षेत्र के देवानन्दपुर गांव में खाना बनाते समय अचानक स्टोव फट जाने से हादसे में महिला व एक बच्चा चपेट में आ गया। पत्नी व बच्चे को बचाने के लिए पति दौड़ा लेकिन तीनों गंभीर रूप से काफी झुलस गए। मोहल्ले के आस पास के लोगों ने पुलिस को सूचना दी। इसके बाद एम्बुलेन्स से तीनों को जिला अस्पताल पहुंचाया गया जहां इलाज के दौरान मां-बेटे की मौत हो गई। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है।

मामले की जांच पड़ताल शुरू

अमावां क्षेत्र के देवानंदपुर गांव में मालती 30 स्टोव पर खाना बना रही थी। पास में उसका बेटा प्रिंस 5 वर्षी भी बैठा था। तभी अचानक स्टोव फटने से आग लग गई। पास में बैठी मालती व प्रिंस आग चपेट में आ गए। पत्नी व बेटे की चीख सुनकर पति सुधीर 35 वर्षीय बचाने पहुंचा लेकिन आग की लपटों में वह भी झुलस गया। तभी आस-पास के लोगों ने जल्दी ही पुलिस को सूचना दी साथ ही एम्बुलेंस के आने पर तीनों घायलों को जिला अस्पताल पहुंचाया गया लेकिन तभी डाक्टरों के उपचार करते समय प्रिंस और मालती ने दम तोड़ दिया। पुलिस ने शवों को कब्जे में लेकर मामले की जांच पड़ताल शुरू कर दी है।

दोनों बच्चों की मां से आखिरी मुलाकात

एसओ जय प्रकाश यादव ने बताया कि परिजनों से तहरीर अभी नहीं मिली है जैसे ही तहरीर मिलती है तभी मामला दर्ज कर आगे की कार्रवाई की जाएगी। पूरा मामला यह है कि सुबह घर से स्कूल के लिए जाते समय भाई बहन के अलावा पिता सुधीर ने ये सभी सपने में भी नहीं सोचना होगा कि दोनों बच्चों की अपनी मां से यह आखिरी मुलाकात होगी। वापस लौटने पर अब कभी बच्चे अपनी मां व मुंहबोले भाई से नहीं मिल सकेंगे, लेकिन होनी के आगे किसी की नहीं चलती है। जो होना है वह होकर रहता है। खाना बनाते समय स्टोव फटने से झुलसे पति-पत्नी और बेटा गंभीर रुप से घायल हो गए थे। जिला अस्पताल में इलाज के दौरान मां-बेटे की मौत हो गई।

सुधीर का विवाह मालती के साथ दस वर्ष पहले हुआ था

पेशे से मजदूरी करने वाले सुधीर का विवाह मालती के साथ करीब दस वर्ष पहले हुआ था। तंगहाली में ही सही लेकिन बड़े बेटे प्रीत 8 वर्ष प्रिया 6 वर्ष व प्रिंस 5 वर्ष के साथ परिवार हंसी खुशी बसर कर रहा था। प्रीत व प्रिया को मालती ने जल्दी जल्दी तैयार करके स्कूल भेज दिया था, लेकिन घर का कुछ काम होने की वजह से खाना बनाने में देरी हो गई। इधर छोटे बेटे प्रिंस को भूख लगी और बच्चों के स्कूल से घर लौटने का समय होने से पहले ही मालती ने खाना बनाना शुरु कर दिया। छोटा बेटा प्रिंस के पास ही बैठा था। इस बीच आए काल ने स्टोप में धमाका कर दिया और फैली हुई आग ने मालती के अलावा प्रिंस को भी अपनी चपेट में ले लिया।

चीख पुकार ने मौजूद भीड़ को झकझोर दिया

स्टोव फटने की आवाज बच्चे की चीख सुनकर सुधीर जब तक कुछ समझ पाता दोनों के कपड़ों से लपटें उठने लगी थी। सुधीर ने किसी तरह दोनों की आग बुझाई। इस दौरान सुधीर भी बुरी तरह झुलस गया तब तक जमा हुए आस पास के लोगों ने तीनों को अस्पताल पहुंचाया, जहां इलाज के दौरान मालती व प्रिंस की मौत हो गई। इधर स्कूल से घर लौटे प्रीत व प्रिया ने घर पहुंचते ही मां को आवाज दी लेकिन घर पर सन्नाटा मिलने पर बच्चों की चीख पुकार ने मौजूद भीड़ को झकझोर कर रख दिया। लोग बच्चों को झूठी दिलासा देने का प्रयास करते रहे। उपस्थित लोगों के मुंह से बस एक ही बात बार-बार निकल रही थी। कि ईश्वर यह दिन किसी को ना दिखाए की इतनी छोटी सी उम्र में बच्चे मां के बिना बेसहारा हो जाए।

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