कांग्रेस विधायक ने सदन में उठाई सरकारी विद्यालयों की जर्जर स्थिति पर आवाज

कांग्रेस विधायक ने सदन में उठाई सरकारी विद्यालयों की जर्जर स्थिति पर आवाज

Ashish Kumar Pandey | Publish: Feb, 15 2018 09:31:07 PM (IST) Lucknow, Uttar Pradesh, India

अदिति सिंह ने कहा-स्कूलों की मरम्मत, विकास एवं रखरखाव हेतु अनुदान की धनराशि में अपेक्षित बढ़ोतरी करेगी।

 

रायबरेली. सदर से कांग्रेस विधायक अदिति सिंह ने विधानसभा के प्रथम सत्र 2018 में सरकारी विद्यालयों की जर्जर स्थिति का मुद्दा उठाया। अदिति सिंह ने सदन में पूछा कि क्या प्रदेश के बेसिक शिक्षा मंत्री ये बताने की कृपा करेंगी कि प्रदेश के अधिकांश जनपदों के सरकारी विद्यालयों की स्थिति को देखते हुए प्रदेश के प्राथमिक विद्यालयों एवं उच्च प्राथमिक विद्यालयों के भवन मरम्मत, पुताई एवं अन्य शिक्षण सामग्री के क्रय हेतु सरकार द्वारा कितनी धनराशि प्रतिवर्ष विद्यालयों को दी जाती है।

विधायक अदिति सिंह ने बेसिक शिक्षा मंत्री से पूछा कि क्या सरकार प्रदेश के विद्यालयों की संख्या एवं अधिकांश विद्यालयों की जर्जर स्थिति को देखते हुए उनकी मरम्मत, विकास एवं रखरखाव हेतु उक्त अनुदान की धनराशि में अपेक्षित बढ़ोतरी करेगी। अदिति सिंह के सवाल पर राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) अनुपमा जायसवाल ने स्वीकारा की वित्तीय वर्ष 2007.08 में सर्व शिक्षा अभियान के अंतर्गत भारत सरकार द्वारा वर्तमान में प्रदेश के प्राथमिक विद्यालय एवं उच्च प्राथमिक विद्यालयों की रंगाई-पुताई तथा छोटी-छोटी मरम्मत एवं रखरखाव के मद में रु0 7500. प्रति विद्यालय की दर से धनराशि का प्रावधान है।

कोई धनराशि नहीं दी जाती है
राज्य मंत्री अनुपमा जायसवाल ने विधायक अदिति सिंह के सवाल पर बताया कि शिक्षण सामग्री के क्रय हेतु पृथक से विद्यालयों को कोई धनराशि नहीं दी जाती है।
राज्य मंत्री ने कहा कि प्रदेश के सरकारी विद्यालयों की संख्या को देखते प्राथमिक विद्यालयों एवं उच्च प्राथमिक विद्यालयों की मरम्मत एवं विकास हेतु उक्त अनुदान की धनराशि में बढ़ोतरी की योजना को प्रस्तावित करने का आश्वासन दिया।
धनराशि स्वीकृति की गई थी
विधायक अदिति सिंह ने कहा कि केंद्र में कांग्रेस सरकार के शासनकाल में प्रदेश के प्राथमिक विद्यालय एवं उच्च प्राथमिक विद्यालयों की रंगाई-पुताई तथा छोटी-छोटी मरम्मत एवं रखरखाव के मद में रु0 7500 प्रति विद्यालय की दर से धनराशि स्वीकृति की गई थी। इस क्रम में उन्होंने कहा कि शिक्षण व्यवस्था में सुधार हेतु पृथक से विद्यालयों को शिक्षण सामग्री के क्रय में प्रदेश सरकार से प्राथमिक विद्यालय एवं उच्च प्राथमिक विद्यालयों हेतु अपेक्षित धनराशि की आवश्यकता है।

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