डाॅक्टरों ने मरीजों को लूटने के लिए बनाया सोशल मीडिया को जरिया

Abhishek Gupta

Publish: Sep, 16 2017 08:30:26 (IST)

Lucknow, Uttar Pradesh, India
डाॅक्टरों ने मरीजों को लूटने के लिए बनाया सोशल मीडिया को जरिया

लिखित में पकड़ में न आ जाए सरकारी डाॅक्टर, इसलिए सोशल मीडिया का ले रहे हैं सहारा.

रायबरेली. रायबरेली में सरकार का डंडा चलने के बाद सरकारी अस्पतालों के डाॅक्टरों ने बाजार से दवा लिखने में अब सोशल मीडिया का सहारा लेना शुरू किया है। मरीजों को दवा की पर्ची न लिखकर सीधे दवा की दुकान पर भेज दे रहे हैं। वाहट्सऐप के माध्यम से सेटिंग वाले मेडिकल स्टोर पर दवा का नाम पहुंचा रहे हैं। शिवगढ़ सीएससी में डाॅक्टरों का यह कारनामा चर्चा में है। पूर्व में बाजार से दवा लिखने के मामले प्रकाश में आने पर सीएमओ ने कड़े निर्देष दिए थे जिससे बचने के लिए चिकित्सकों ने मनमानी का यह रास्ता निकाल लिया।

यूं तो जिले भर के सरकारी अस्पतालों में खुलेआम बाजार से दवाएं मरीजों को लिखी जा रही है। वर्षों से विभाग और सरकार डाॅक्टरों पर बाजार से दवा न लिखने का दबाव बना रही है, लेकिन चिकित्सक के पास जो भी रोगी पहुंचता है, उसे सेटिंग वाली दुकान पर दवा लिख कर भेज दिया जाता है।

शिवगढ़ सीएचसी की शिकायत होने के बाद सीएमओ ने बाजार से दवा लिखने वाले डाॅक्टरोें पर कार्रवाई करने के निर्देष दिए थे। सीएमओ के गंभीर होने के बाद भी डाॅक्टरों ने अपना रवैया नहीं सुधारा है। अब सोशल मीडिया के सहारे बाजार से सेटिंग वाली दवा बिकवाने में जुट गए हैं। मरीजों के हाथ बाजार की दवा की पर्ची न जाने से इसकी शिकायत पर कहीं नहीं कर पाएंगे। सीधे सेटिंग वाले मेडिकल स्टोर संचालक के पास सोशल मीडिया के साधनों से दवाओं के नाम पहुंच रहे है। रोगियों से दुकान से दवा लेने के लिए कह दिया जाता है। जिले के कई और अस्पतालों के डाक्टर भी यही रास्ता अपनाए हुए हैं। जिससे रोगियों को परेशान होना पड़ रहा है।

सीएमओ डाॅ. डीके सिंह ने बताया कि अस्पतालों में पर्याप्त दवाएं उपलब्ध हैं। सभी डाॅक्टरों को बाजार से दवाएं न लिखने के आदेश दिए गए है। यदि बाजार से दवा लिखते डाॅक्टर पकड़ में आया तो कार्रवाई की जाएगी।

डलमउ में पर्ची पर ही लिख रहे बाजार की दवा

डलमउ में रोक के बाद भी डलमउ सीएचसी में बाजार से खरीदने के लिए दवा लिखी जा रही है। रोगियों को चिकित्सक बाजार से दवा खरीदने के लिए पर्ची थमा दे रहे हैं। रोगियों को डाॅक्टर द्वारा लिखी दवा ही बाजार में खरीदनी पड़ती है। कस्बा निवासी विनोद निशाद, रामसनेही यादव ने बताया कि सीएचसी के डाॅक्टर मंहगी दवाएं खरीदने के लिए पर्ची लिख देते हैं। मना करने पर कह दिया जाता है कि अस्पताल में दवाएं नहीं है। मरीज को ठीक कराना है तो बाजार से दवाएं खरीद लो। यह भी आरोप है कि चिकित्सकों द्धारा लिखी जाने वाली दवाएं एक ही मेडिकल स्टोर पर ही मिलती हैं। दूसरे मेडिकल स्टोर पर वो दवाएं नहीं मिलती हैं। जिससे और भी परेशानी का सामना करना पड़ता है।

सीएचसी प्रभारी डाॅ विनोद कुमार सिंह चैहान ने बताया कि सीएचसी में तैनात चिकित्सकों पर बाहर से दवा लिखने पर पूरी तरह से प्रतिबन्ध लगाया गया है।

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