रायबरेली में इस पीपे के पुल के टूटने से जनता को करना होगा इन समस्याओं का सामना

रायबरेली में इस पीपे के पुल के टूटने से जनता को करना होगा इन समस्याओं का सामना

By: Madhav Singh

Published: 09 Jun 2021, 07:21 PM IST

पत्रिका न्यूज नेटवर्क

रायबरेली. ऊंचाहार क्षेत्र में काफी समय पुराने पीपे का पुल पूरे तीर गंगा घाट पर बना था जिसे अब तोड़ा जा रहा है । पुल के तोड़े जाने से अब छह माह तक रायबरेली और फतेहपुर के बीच का रास्ता बाधित रहेगा । जिससे दोनों जिलों के बीच आपसी रिश्तों की दूरी बढ़ जाएगी, वहीं ऊंचाहार के व्यापारियों को अपना कारोबार करने में भी काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ेगा।

छह माह तक रायबरेली और फतेहपुर के बीच का रास्ता रहेगा बाधित

ऊंचाहार के पूरे तीर गंगा घाट पर पीपे का पुल बना हुआ था । कुल 56 पीपे के पुल को अब बरसात से पहले तोड़ा जा रहा है । जिससे अब रायबरेली व फतेहपुर के बीच आवागमन के लिए नाव ही सहारा होगी । चार पहिया वाहनों का आवागमन अब छह माह तक बंद रहेगा । आवागमन का मार्ग होने से रायबरेली के ऊंचाहार, सलोन, जगतपुर आदि क्षेत्र और फतेहपुर के खागा तहसील क्षेत्र के लोगों को आवागमन में परेशानी होगी ।

रिश्तों में बढ़ेगी दूरी

पुल के टूटने से फतेहपुर और रायबरेली में हजारों लोगों की अलग अलग जिलों में रिश्तेदारी भी है। पीपे का पुल का से लोगों को आने जाने में किसी प्रकार की कोई दिक्कत नही होती थी लेकिन अब कुछ समय के लिये इन दिक्कतों का सामना करना पड़ेगा। अब लोगों का एक मात्र सहारा नाव होगी।

व्यापार पर पड़ेगा इस तरह से असर

ऊंचाहार क्षेत्र के बाजार में काफी समान फतेहपुर जनपद से आता है । रोजमर्रा की जरूरत के सामानों में दूध और हरी सब्जियां फतेहपुर से आती है । इसके अलावा अरहर दाल , उड़द , गुड़, चना , मुंह आदि सामान में ऊंचाहार कें बाजार में फतेहपुर से आता है । अब पुल टूट जाने के कारण यह सारा सामान मंहगा हो जाएगा । फतेहपुर से आने वाली इन सामानों की आपूर्ति कम होगी साथ में उसके भाव भी बढ़ जाएंगे ।

नवम्बर में बनेगा पुल

पूरे तीर गंगा घाट पर अब बरसात के बाद पुल का पुनः निर्माण होगा । यदि बरसात काफी समय तक होती रही तो पुल का निर्माण आगे भी टाला जा सकता है । तय समय के अनुसार पुल को 20 अक्टूबर के बाद से बनना है लेकिन, सबकुछ मानसून पर निर्भर करेगा ।

जनता को पक्का पुल बनने तक करना होगा इन समस्याओं का सामना

पूरे तीर गंगा घाट पर पक्के पुल का निर्माण भी चल रहा है । इसका आधा काम पूरा हो चुका है । लेकिन अब बरसात का समय है । ऐसे समय में पक्के पुल का निर्माण भी बाधित होगा । इसलिए एक साल तक अभी पक्के पुल बन जाने की उम्मीद नहीं है । जब तक पक्का पुल नहीं बन जाता , तब तक इस तरह की समस्या बनी रहेगी और पीपे के पुल का ही आवागमन के लिए सहारा रहेगा ।

साढ़े तीन लाख की आबादी होगी प्रभावित

पीपे के पुल टूटने का सबसे बड़ा असर ऊंचाहार की आबादी पर पड़ेगा । ऊंचाहार की कुल आबादी करीब साढ़े तीन लाख है । इसमें से एक लाख की आबादी तो केवल गंगा के कटरी क्षेत्र में निवास करती है । जिसका सीधा सम्बन्ध गंगा नदी के उस पार के लोगो से है । इसके अलावा पूरे ऊंचाहार क्षेत्र की आबादी की हजारों रिश्तेदारियां फतेहपुर जनपद में है । जिनका आवागमन इसी पुल से होता है ।

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