खुल गया FIR काउंटर, अब दर्ज हो कर रहेगा आपका मुकदमा

पुलिस कार्यालय में अलग से एफआईआर काउंटर खोल दिया गया है। खास बात यह है कि यहां पर दर्ज होने वाले मामलों की एसपी स्वयं मॉनिटरिंग करेंगे.

By: Abhishek Gupta

Published: 18 Aug 2017, 08:52 PM IST

रायबरेली. अब फरियादियों को रिपोर्ट दर्ज कराने के लिए थानेदारों की जी हुजूरी नहीं करनी होगी। वहीं उच्चाधिकारियों के आदेश का अनुपालन भी तत्काल हो जाएगा। थानेदार यदि एफआईआर नहीं लिख रहा है तो अब इधर उधर भागने की जरूरत नहीं। सीधे पुलिस दफ्तर पहुंचिए और अपना मुकदमा दर्ज कराइए। अब पुलिस कार्यालय में अलग से एफआईआर काउंटर खोल दिया गया है। खास बात यह है कि यहां पर दर्ज होने वाले मामलों की एसपी स्वयं मॉनिटरिंग करेंगे । ऐसे में थानेदार अपनी मनमानी नहीं कर पाएंगे। देखा जा रहा है कि थानों पर रिपोर्ट दर्ज नहीं की जा रही है। पीड़ित थाने पहुंचते हैं शिकायत करते हैं, लेकिन थानेदार सेटिंग करके पीड़ित को टरकाते रहते हैं।

न्याय के लिए पीड़ित इधर-उधर भागता रहता है, पर कार्यवाही नहीं हो पाती है। उच्च अधिकारियों के निर्देश पर पुलिस कार्यालय के कक्ष में एफआईआर काउंटर खोल दिया गया है। पीड़ित पक्ष यहां पहुंचकर अपनी एफआईआर दर्ज करा सकता है। एसपी सहाब स्वयं इन मामलों की मानिटिरिंग करेंगे, जिससे पीड़ित को न्याय मिल सकेगा। एसपी शिव हरी मीणा का कहना है कि पुलिस कार्यालय में एफआईआर काउंटर खुलवा दिया गया है, यदि किसी व्यक्ति की रिपोर्ट थानेदार नहीं लिख रहे हैं तो वह इस काउंटर पर पहुंचकर रिपोर्ट लिखा सकते हैं। केस दर्ज करने के बाद जांच करके कार्यवाही की जाएगी।

इस काउंटर में ऑपरेटर समेत महिला व पुरुष पुलिस कर्मियों की तैनाती कर दी गई है। कंप्यूटर और इनवर्टर समेत अन्य सिस्टम भी लगवा दिए गए हैं। यहां फरियादियों के प्रार्थना पत्र पर सीधे मुकदमे दर्ज कराए जाएंगे। अभी तक प्रार्थना पत्र पर उच्चाधिकारी एफआईआर दर्ज करने के आदेश देते थे, फिर डाक से प्रार्थना पत्र थाने पहुंचता था। एसओ व इलाके के दरोगा जांच के नाम पर लोगों को परेशान करते थे, तब कहीं जाकर रिपोर्ट दर्ज करते थे, लेकिन अब जिले भर की जनता को यहां रिपोर्ट दर्ज कराने के लिए चक्कर नहीं काटने पड़ेंगे।

मामला सही पाए जाने पर उच्चाधिकारियों के आदेश पर यहीं रिपोर्ट दर्ज की जाएगी और वादी पक्ष को एफआईआर की प्रतिलिपि भी मुहैया कराई जाएगी। एसपी ने बताया कि शासन के आदेश पर काउंटर खोला गया है। यहां निल पर रिपोर्ट दर्ज कर संबंधित थानों को जांच के लिए निर्देश भेज दी जाएगी। इससे थानेदारों की कार्यकुशलता की भी मॉनीटरिंग हो जाएगी।

एफआईआर के इंचार्ज ने मना किया जानकारी देने से

एफआईआर काउंटर तो सहाब ने 45 दिन पहले खोल दिया है, लेकिन जब एफआईआर काउंटर के इंचार्ज से पूछा गया की अभी तक कितनी एफआईआर आपके काउंटर ले लिखी गई हैं, तो उनका कहना था कि सॉफ्टवेयर की समस्या है और अभी जिले के थाने में सिर्फ एफआईआर दर्ज हो रही है और यहां पर अभी कोई मामले नहीं आये हैं। उनका आगे कहना था कि इसकी जानकारी आप जिले के एसपी सहाब से ले लें। क्योकि इसकी जानकारी हम किसी के साथ शेयर नहीं कर सकते हैं। कुल मिलाकर देखा जाए तो एफआईआर काउंटर तो जनता के लिए खोला गया है, लेकिन शायद इंचार्ज भी पूरी जानकारी देने में असमर्थ दिखाई पड़े।

Abhishek Gupta
और पढ़े
हमारी वेबसाइट पर कंटेंट का प्रयोग जारी रखकर आप हमारी गोपनीयता नीति और कूकीज नीति से सहमत होते हैं।
OK
Ad Block is Banned