पोता बीमार दादी को रिक्शा चलाकर ले गया अस्पताल, लेकिन वहां किसी ने न सुनी उसकी बात, फिर...

पोता बीमार दादी को रिक्शा चलाकर ले गया अस्पताल, लेकिन वहां किसी ने न सुनी उसकी बात, फिर...

| Updated: 18 Jan 2019, 04:59:50 PM (IST) Lucknow, Lucknow, Uttar Pradesh, India

डाक्टर के पास पहुंचा और आप बीती बताया, लेकिन डाक्टर दूसरे मरीजों में व्यस्त रहे।

 

 

रायबरेली. यूपी सरकार स्वास्थ्य सेवाओं की चाहे जितनी तारीफ करे और मरीजों के इलाज के लिए सुविधाएं आदि की दावा करे लेकिन वे दावे मुसीबत में शायद ही काम आते हों। एक ओर यूपी सरकार स्वास्थ्य महकमे को लगातार नई-नई सुविधाएं व नई-नई योजनाओं की बात करती रहती पर इन सब सुविधाओं और योजनाओं की हवा उस समय निकल जाती है जब ये सुविधाएं गरीब परिवार के काम नहीं आतीं। ऐसा ही एक मामला यूपीए की चेयरपर्सन सोनिया गांधी के संसदीय क्षेत्र रायबरेली में सामने आया है जिसने स्वास्थ्य विभाग के दावों और हकीकत की कहानी बताई है।

कोई फर्क नहीं पड़ा सभी अपने काम में व्यस्त थे
10 साल के छात्र गोपाल पुत्र राजकुमार अपनी बीमार दादी को किसी तरह से मौजूदा लोगों की मदद से माल ढोने वाले रिक्शे पर लिटा कर गम्भीर हालत में खुद रिक्शा चलाते हुए जिला अस्पताल पहुंचा और वहां इमरजेंसी वार्ड में अपनी बीमार दादी को ले गया। यहां मासूम गोपाल अपनी बारी का इंतजार कर रहा था कि कब डाक्टर साबह हमारी बीमार दादी का इलाज करेंगे, लेकिन बीमार बृद्धा की हालत देखकर भी वहां मौजूद स्टाफ व नर्स अन्य पर कोई फर्क नहीं पड़ा सभी अपने काम में व्यस्त थे। गोपाल काफी देर तक यह सब देखता रहा। जब उसका धैर्य जवाब दे दिया तो वह डाक्टर के पास पहुंचा और आप बीती बताने लगा, लेकिन डाक्टर दूसरे मरीजों में व्यस्त थे।

अचानक बीमार हो गई
रायबरेली जिला अस्पताल की इमरजेंसी में रेलवे स्टेशन के पास स्थित बैरहना मोहल्ले की रहने वाली सूरसती (55) पत्नी स्वर्गीय बिंदादीन शाम को अचानक बीमार हो गई उस समय घर में केवल उसकी बहू ही थी और एक 10 वर्ष का बच्चा गोपाल जो कल्लू के पुरवा के प्राथमिक विद्यालय में पढ़ाई के लिए गया था। वहां से आने के बाद वह दादी की हालत को देखा तो तत्काल उन्हें माल ढोने वाले रिक्शे पर लिटा लिया और लेकर उन्हें हास्पिटल चल दिया।

रिक्शे पर लिटा कर दादी को अस्पताल लेकर आया
जब बीमार सूरसती की बहू से पूछा गया तो उसने बताया कि अचानक इनकी तबीयत गंभीर हो गई और पैसे ना होने की वजह से कोई साधन नहीं कर पाई तब मेरा बेटा गोपाल एक रिक्शे पर लिटा कर अपनी दादी को जिला अस्पताल लेकर आया। वहीं सीएमओ डीके सिंह का कहना है की जांच करा कर उचित कार्रवाई की जाएगी।

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