एनटीपीसी में मानवाधिकार की टीम ने की पूछताछ, अफसरों और ठेकेदारों के उड़े होश

रायबरेली एनटीपीसी में बाॅयलर फटने की घटना की जांच करने के लिये करीब आधा दर्जन टीमों ने एनटीपीसी की जांच कीं हैं।

By: Mahendra Pratap

Published: 09 Dec 2017, 03:15 PM IST

रायबरेली एनटीपीसी में बाॅयलर फटने की घटना की जांच करने के लिये करीब आधा दर्जन टीमों ने एनटीपीसी की जांच कीं हैं। अभी भी लगातार जांच टीमें उंचाहार के चक्कर लगा रही है। ये सभी टीमें ये जानना चाहती हैं कि आखिर ऐसा क्या हुआ कि एनटीपीसी में इतना बड़ा हादसा हो गया था। इसको देखते हुये मानवाधिकार आयोग की टीम ने भी हादसे के बाद हुई कानूनी कार्रवाई की पड़ताल की। मामले में पुलिस से की गई लिखा पढ़ी और एफआईआर न होने के संबंध में जानकारी ली। परियोजना के अधिकारियों के साथ ही ठेकेदारों से भी पूछताछ की गई। श्रम विभाग के अधिकारियों को बुलाया और पूछताछ की। टीम के सख्त पूछताछ से अधिकारियों के होष उड़े हुये हैं।

किये गए परियोजना अधिकारियों और ठेकेदारों से सवाल-जवाब

परियोजना में हुए हादसे की तीन दिनों से जांच कर रही आयोग की टीम ने उंचाहार पुलिस से घटना के बाद की गई कार्रवाई के बारे में पूछा। टीम ने जीडी में दर्ज तस्करा की फोटोकाॅपी भी ली। इसके बाद टीम ने एनटीपीसी के गोमती भवन में रायबरेली की सहायक श्रम आयुक्त आभा श्रीवास्तव और इंस्पेक्टर विनोद शर्मा को बुलाया। श्रम विभाग के अधिकारियों के सामने परियोजना अधिकारियों और ठेकेदारों से सवाल-जवाब किये गए। मजदूरों को दी जाने वाली सुविधाओं में पीएफ, मजदूरी, बीमा एवं सुरक्षा आदि की मिली शिकायतों के बारे में जब सवाल पूछना शुरु किए तो सभी के होष उड़ गए। अफसर और ठेकेदार किसी भी सवाल का जवाब देने से कतराते रहे। मजदूरों को कम भुगतान और पीएफ की जानकारी मजदूरों को न देने का कारण जब ठेकेदारों से पूछा, तो सभी आपस में एक दूसरे का मुंह देखते नजर आ रहे थे।

ठेकेदारों के पास हादसे का कोई जवाब नहीं

देखा जाए तो हादसे में घायल मजदूरों से आयोग की टीम ने मुलाकात की थी। जिसमें परियोजना के अधिकारियों के लापरवाही करने की शिकायत मिली थी। आयोग की टीम ने अधिकारियों के लापरवाही करने की शिकायत भी मिली थी। आयोग की टीम ने अधिकारियों व ठेकेदारों के बयान दर्ज किए और सभी के हस्ताक्षर भी करवाए। टीम के सख्त रुख से अधिकारियों में हड़कम्प मचा हुआ है। इस संबंध में एनटीपीसी के समूह महाप्रबंधक आरके सिन्हा का कहना है कि आयोग की टीम हादसे की पड़ताल कर रही है। उसने अधिकारियों के साथ बैठक लेकर पूछताछ की है।

एनटीपीसी में विषेशज्ञ लापरवाही जांचने केलिये आये थे क्या

एनटीपीसी उंचहार में हुए हादसे की जांच कर रही मानवाधिकार आयोग की टीम ने परियोजना के अधिकारियों की लापरवाही को परखने के लिये विषेशज्ञों को बुलाया है। टीम ने एनटीपीसी कानपुर से तीन बाॅयलर निदेषक आरके पूर्व, जगमोहन सिंह और अर्जुन सिंह शामिल है। साथ ही रिलायंस थर्मल पॉवर रोजा शाहजहांपुर केटरबाइन हेड अनिल गुप्ता भी बुलाए गए हैं। टीम ने सभी से अलग-अलग बातचीत की। उनसे पूछा कि हादसे की क्या वजह हो सकती है। बाॅयलर का काम पूरा हुआ था या नही, क्लिंकर चोक होने के क्या कारण हो सकते है, इन विषेशज्ञों के बयान भी दर्ज किए गए हैं। उधर एनटीपीसी के समूह महाप्रबंधक आरके सिन्हा का कहना है कि बाॅयलर निदेषक आए थे, लेकिन वे अलग से जांच कर रहे हैं कि बाॅयलर में विस्फोट क्यों हुआ।

Mahendra Pratap
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