एनटीपीसी की ऊंचाहार परियोजना ने घटाई कोयले की मांग,7लाख 15 हजार मीट्रिक टन कोयले किया भंडारण

एनटीपीसी की ऊंचाहार परियोजना ने घटाई कोयले की मांग,7लाख15हजार मीट्रिक टन कोयले किया भंडारण

 

By: Madhav Singh

Published: 22 Jun 2020, 09:14 PM IST

रायबरेली . ऊंचाहार एनटीपीसी की ऊंचाहार परियोजना ने कोयले की मांग घटा दी है। ऐसा बिजली उत्पादन घटने की कारण कोयले की खपत कम होने और कोयला का भंडारण अधिक होने के कारण किया गया है ।

एनटीपीसी की ऊंचाहार परियोजना ने घटाई कोयले की मांग

1550 मेगावाट क्षमता वाली ऊंचाहार परियोजना मार्च महीने से आधे भार पर चल रही है। इसका प्रमुख कारण देश के बड़े कारखानो का बंद होना बताया जा रहा है। जिसके कारण बिजली की मांग कम हो गयी है । लॉक डाउन के दौरान एनटीपीसी ने ऊंचाहार परियोजना मे स्थापित 210 मेगावाट प्रत्येक यूनिट उत्पादन क्षमता की चार इकाइयों को बंद कर दिया था। शेष जो यूनिटे चल रही थी, उनको भी आधे भार पर चलाया जा रहा था। लॉक डाउन खुलने के बाद बंद इकाइयो को चालू कर दिया गया है, लेकिन बिजली की मांग न होने के कारण सभी इकाइयो को आधे भार पर चलाया जा रहा है।

ऊंचाहार मे है 7लाख 15 हजार मीट्रिक टन कोयले किया भंडारण

यहाँ पर बात यह है कि एनटीपीसी कि ऊंचाहार परियोजना एम 210 मेगावाट प्रत्येक यूनिट उत्पादन क्षमता की कुल पाँच इकाइयां स्थापित है, जबकि छठवीं यूनिट की उत्पादन क्षमता 500 मेगावाट है। इस समय यह सभी इकाइयां आधे भार पर चल रही है। जिसके कारण कोयले की खपत कम हो रही है। इस समय ऊंचाहार परियोजना मे प्रतिदिन करीब 15500 मीट्रिक टन कोयला खपत हो रहा है। जबकि सभी यूनिटें पूरी क्षमता से बिजली उत्पादन करती है तो एक दिन मे करीब 24 हजार मैट्रिक टन कोयला खपत होता रहा है। उधर परियोजना मे इस समय करीब 7 लाख 15 हजार मीट्रिक टन कोयला का भंडारण है । कोल इंडिया लिमिटेड से अनुबंध के अनुसार ऊंचाहार को प्रतिदिन 6 रैक कोयले की आपूर्ति होती रही है। लेकिन अब इसे घटकर एक से दो रैक कर दिया गया है । इस प्रकार से बिजली की मांग न होने के कारण जहां एक तरफ एनटीपीसी को व्यावसायिक नुकसान उठाना पड़ रहा है, वहीं दूसरी ओर कोल इंडिया लिमिटेड को भी व्यावसायिक हानि हो रही है । कुल मिलकर भारत सरकार के दो बड़े सार्वजनिक क्षेत्र के संस्थानो पर कारखानो के बंद होने का सीधा असर पड़ रहा है ।

एनटीपीसी के जनसंपर्क अधिकारी विजय कुमार ने बताया

एनटीपीसी के जनसंपर्क अधिकारी विजय कुमार ने बताया कि कोयले की परियोजना में किसी भी प्रकार से कमी नही है। लाॅकडाउन के कारण बिजली की खपत कम थी। ज्यादातर यूनिटे बंद चल रही थी। फिलहाल कोयला का भण्डारण पर्याप्त मात्रा में है।

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