सोनिया गांधी के संसदीय क्षेत्र में यूपी के मुख्यमंत्री के आदेश का ऑनलाइन शिक्षा का फायदा नहीं उठा पा रहे हैं छात्र-छात्राएं

सोनिया गांधी के संसदीय क्षेत्र में, यूपी के मुख्यमंत्री के आदेश का ऑनलाइन शिक्षा का फायदा नहीं उठा पा रहे हैं छात्र-छात्राएं

By: Madhav Singh

Updated: 29 Jun 2020, 08:07 PM IST

रायबरेली . उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री ने पूरे प्रदेश में प्राइवेट स्कूल और सरकारी स्कूलों की पढ़ाई को ऑनलाइन कर दिया है । जिससे छात्र छात्राओं को घर पर ही रह कर पढ़ाई करना पड़ पड़ रही है। माता-पिता लोग भी अपने बच्चों की पढ़ाई में मदद करते नजर आ रहे हैं, लेकिन अगर इंटरनेट की बात की जाए तो लोगों को सस्ता तो उपलब्ध हो जाता है। लेकिन शहर में नेटवर्क बहुत ज्यादा अच्छा नहीं होता है साथ ही गांव में नेटवर्क की काफी बड़ी समस्या सामने बच्चों के आ रही है। ग्रामीण क्षेत्रों में ऑनलाइन पढ़ाई करने वाले छात्र-छात्राओं को इस परेशानी का सामना ज्यादा करना पड़ रहा है,क्योंकि जब आम जनता को फोन करते हैं तो बात नहीं हो पाती है तो इंटरनेट का प्रयोग छात्र-छात्राओं को ऑनलाइन पढ़ाई में कैसे फायदा मिलेगा।

आदेश का ऑनलाइन शिक्षा का फायदा नहीं उठा पा रहे हैं छात्र-छात्राएं

जिले के ऐसे कई ब्लॉक हैं जहां इस बात को लेकर आए दिन शिकायत जनता की आती रहती है कि नेटवर्क खराब हो जाने से इंटरनेट की बात तो अलग हो गई फोन पर बात तक सही नहीं हो पाती है। लेकिन उत्तर प्रदेश भर में मुख्यमंत्री के आदेश का स्कूलों की शिक्षा को ऑनलाइन कर देने से स्कूल के बच्चों पर काफी असर पढ़ाई का पड़ रहा है। बच्चों की पढ़ाई में इंटरनेट का नेटवर्क सही ना आने पर बीच में ही अध्यापक की पढ़ाए जा रहे विषय को छोड़ना पड़ता है, साथ ही बच्चों की आंखों पर भी इसका असर दिखाई पड़ रहा है। जिससे माता-पिता इस बात से काफी परेशान दिखाई पड़ रहे हैं कि इंटरनेट का जो नेटवर्क है वह सही ना आने से बच्चे काफी समय तक मोबाइल और लैपटॉप पर लगे रहते हैं साथ ही उनकी पढ़ाई भी अधूरी रह जाती है। यह समस्या शहर में कम दिखाई पड़ती है जबकि गांव में सबसे ज्यादा नेटवर्क ना आने की समस्या से छात्र-छात्राएं जूझ रहे हैं।

समाजसेवी डॉ अमिताभ पांडे ने ने बताया

समाजसेवी डॉ अमिताभ पांडे ने ने बताया कि सरकार तो अपनी पूरी कोशिश करती नजर आ रही है लेकिन सरकार के दिए गए आदेश पर मोबाइल इंटरनेट नेटवर्क ने पानी फेर दिया है,क्योंकि बच्चों के माता-पिता ज्यादातर सरकार को ही दोषी ठहराने की कोशिश करते हैं जबकि दोष इंटरनेट नेटवर्क का है । गांव में शिकायतें मिलती हैं कि नेटवर्क में समस्या आ जाती है तो कोई ठीक तक नहीं करने पहुंचता है, साथ ही बच्चे ऑनलाइन शिक्षा का पूरी तरह से फायदा नहीं उठा पा रहे हैं और इससे उनकी पढ़ाई अधूरी होती जा रही है। बच्चों के ऑनलाइन शिक्षा से आंखों पर और शरीर पर भी असर अब दिखाई पड़ने लगा है इससे माता-पिता काफी परेशान है।

उत्तर प्रदेश युवा उद्योग व्यापार मंडल के प्रदेश अध्यक्ष अतुल गुप्ता ने बताया

उत्तर प्रदेश युवा उद्योग व्यापार मंडल के प्रदेश अध्यक्ष अतुल गुप्ता ने बताया की ऑनलाइन शिक्षा अच्छी बात है और सरकार ने कोरोना वायरस के चलते स्कूल के बच्चों को बचाने के लिए ऑनलाइन शिक्षा को चालू किया है। बात अगर इंटरनेट की है तो वह ज्यादा अच्छा नहीं मिल पा रहा है,उसका कारण सही नेटवर्क ग्रामीण क्षेत्रों में तो बहुत ही कम सही चल पाता है यहां तक कि शहर में भी बच्चों की शिक्षा में नेटवर्क ना आने से दिक्कत आ रही है। यूपी सरकार को इस विषय में केंद्र सरकार से बात करनी चाहिए। यह एक प्रदेश की समस्या नहीं है, हर प्रदेश की यही समस्या है। जिससे बच्चों को ऑनलाइन शिक्षा छोटे से बड़े स्कूलों पर में उपलब्ध मिल सके और पढ़ाई अच्छी तरह से बच्चे कर सकें।

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