यूपी के मुख्यमंत्री की इस योजना से आपदा में मिला अवसर, तो गांव के प्रधान ने नरेगा के मजदूरों के साथ मिलकर बदल दी आठ घंटो में गांव की तस्वीर

यूपी के मुख्यमंत्री की इस योजना से आपदा में मिला अवसर

तो गांव के प्रधान ने नरेगा के मजदूरों के साथ मिलकर बदल दी आठ घंटो में गांव की तस्वीर

By: Madhav Singh

Published: 30 Jun 2020, 12:03 PM IST

रायबरेली . जिस गाँव का विकास राजनैतिक आरोप की जांच मे रुका था, कोरोना आपदा के दौरान गाँव को अवसर मिला तो गाँव की तस्वीर ही बदल गयी है |इस गाँव मे न सिर्फ सर्वाधिक लोगो को रोजगार मिला, अपितु गाँव का हर रास्ता, हर गली चमक गयी है |

यूपी के मुख्यमंत्री की इस योजना से आपदा में मिला अवसर

हम बात कर रहे है ऊंचाहार विकास खंड की ग्राम पंचायत पट्टी रहस कैथवल की | इस गाँव के साथ बड़ी विसंगति जुड़ी थी | कुछ राजनीतिक विरोध के कारण गाँव के कई काम की जांच चल रही थी | गाँव के सारे विकास कार्य वर्षो से रुके हुए थे | कोरोना संक्रमण काल के दौरान गाँव के लोगो को रोजगार देने का सरकारी आदेश हुए तो इस गाँव मे विककस के काम शुरू हुए | आपदा के समय जब गाँव को अवसर मिला तो आज गाँव के हर रास्ता, नाली चमक गयी है | इस गाँव मे सर्वाधिक 1400 परिवारों के कुल 1800 लोगो को केरोना काल मे रोजगार दिया गया है | जो रायबरेली जनपद के किसी भी गाँव मे सर्वाधिक है | इस गाँव मे 273 प्रवासियों को लगातार रोजगार मिल रहा है |इस दौरान 1002 लोगो को राशन कार्ड बनाए गए है |

आठ घंटे मे बदल गयी दलित बस्ती की सूरत

पट्टी रहस कैथवल गाँव मे अच्छी ख़ासी दलित आबादी है | दलित बस्ती मे अभी तक भरी अव्यवस्था थी | रास्ते कीचड़ से सने हुए थे |नालियाँ बजबजा रही थी | बरसात के दिनो मे इस बस्ती के लोगो के आवागमन बड़ा मुश्किल होता था | कोरोना आपदा के समय ईस बस्ती का हर रास्ता दुरुस्त हुआ | जहां कीचड़ था, वहाँ अब इंटर लाकिंग मार्ग है | बस्ती के हर दरवाजे तक पहुँचने के लिए साफ सुथरा रास्ता है | नालियां पक्की हो गयी है | सबसे खास बात यह थी यह सारे काम मात्र आठ घंटे के अंदर हुए है | सुबह जहां झाड़ियाँ थी, कीचड़ था, गंदगी थी, शाम को वहाँ की सूरत बदल गयी है | बस्ती के लोग सुबह काम से कहीं बाहर गए थे, जब शाम को अपने लौटे तो वहाँ का नजारा ही बदला हुआ था |


अभी आगे काम बाकी है

गाँव की महिला प्रधान विमला उपाध्याय के प्रतिनिधि अनुज उपाध्याय ने बताया कि गाँव ने 451 प्रधानमंत्री आवास ,116 मुख्यमंत्री आवास ,2380 मीटर इंटर लाकिंग ,4750 मीटर नाली,7 हजार मीटर खड़ंजा, 430 मीटर सी सी रोड बनाया जाना प्रस्तावित है | एनटीपीसी के सहयोग से गाँव मे एक करोड़ रुपये की लागत से पक्के ताल का सौंदर्यीकरण हो रहा है |

गांव की तस्वीर को बदलने में जिलाधिकारी सुभ्रा सक्सेना का भी रहा सहयोग

इस गांव की तस्वीर को बदलने में जिलाधिकारी सुभ्रा सक्सेना का भी सहयोग रहा है क्योकि वह लगातार गांव के प्रधानों से नरेगा के मजदूरों को रोजगार देने का निर्देश देती रहती है । उत्तर प्रदेश मुख्यमंत्री ने गांव में रोजगार दिये जाने का निर्देश सभी जिले के डीएम को दिए है। इसको लेकर जिले की डीएम ने लगातार अधिकारियों के साथ बैठक कर जानकारी लेती रहती है।

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