उत्तर प्रदेश सरकार ने रायबरेली को दिया यह बड़ा तोहफा जिले को अब मिला 50 बेड का आयुर्वेदिक अस्पताल

उत्तर प्रदेश सरकार ने रायबरेली को दिया यह बड़ा तोहफा जिले को अब मिला 50 बेड का आयुर्वेदिक अस्पताल

By: Madhav Singh

Published: 11 Jun 2021, 09:10 AM IST

पत्रिका न्यूज़ नेटवर्क
रायबरेली. कोरोना महामारी ने जंहा आम से लेकर खास तक सबको पशोपेश में डाल दिया।अपनो की जान से लेकर आर्थिक तौर पर भी लोगो को प्रभावित किया।वही कुछ ऐसा भी है जिसको इस महामारी में लाभ मिला।आप ये पढ़कर आश्चर्य में पड़ गए होंगे कि कोरोना से किस क्षेत्र को लाभ मिला।हम बात कर रहे है आयुर्वेद चिकित्सा पद्धति की जो अभी तक हाशिये पर थी लेकिन इस महामारी में लोगो ने इसकी उपयोगिता को समझा।सरकार ने भी इस चिकित्सा को बढ़ावा देने के लिए विचार किया और इसका ही परिणाम है कि आज रायबरेली में 50 बिस्तरों के आयुर्वेदिक अस्पताल का निर्माण शुरू हो गया।इस अस्पताल में जंहा लोगो की समस्याओं को जड़ी बूटियों व काढ़े से दूर किया जाएगा वही अब उनके ऑपरेशन भी किये जाएंगे।ये अस्पताल शहर के नया पुरवा में आयुर्वेदिक अस्पताल के पड़ोस में पड़ी खाली जमीन पर निर्माणधीन है।

जिले को अब मिला 50 बेड का आयुर्वेदिक अस्पताल

दिन पर दिन बदलते पर्यावरण के चलते नई नई बीमारियों व पहले से ही मौजूद बीमारियों के लिए मरीजो को अस्पताल में लंबी लंबी लाइनों में घंटो इंतजार के बाद चिकित्सक से सलाह व दवा मिल पाती थी।समय से लेकर धन भी अधिक खर्च होता था।लेकिन कोरोना काल मे आयुर्वेद के काढ़े व जड़ी बूटियों से मिल रहे फायदे को आम से लेकर खास तक ने जाना और जिस अस्पताल की मांग लंबे समय से की जा रही थी अब उसका निर्माण शुरू हो गया।केंद्र सरकार ने रायबरेली में 50 बिस्तरों को आयुर्वेदिक अस्पताल बनाने के लिए 7 करोड़ 44 लाख रुपये का बजट दे दिया।इस अस्पताल में जंहा मरीजो को दवाई के रूप में गोलियां व इंजेक्शन के बजाय काढ़े व जड़ी बूटियां मिलेंगी वही यंहा पर एक ऑपरेशन थियेटर भी बनाया जाएगा जिसमे बवासीर व पिस्टुला जैसी गंभीर बीमार रोगियों का ऑपरेशन भी किया जाएगा।

जिला यूनानी व आयुर्वेदिक अधिकारी अरुण कुमार ने बताया

जिला यूनानी व आयुर्वेदिक अधिकारी अरुण कुमार ने बताया कि अस्पताल की मांग लंबे समय से चल रही थी।जो अब पूरी हुई है।निर्माण शुरू हो गया है।केंद्र सरकार ने करोड़ो का बजट भी दे दिया है।जल्द ही ये अस्पताल बन जायेगा और जिले के रोगियों को इससे लाभ मिलेगा।कोरोना काल मे आयुर्वेदिक स्टोरों की बिक्री चार गुना बढ़ गई है।वही उन्होंने बताया कि जिले में अभी 53 अस्पताल संचालित हो रहे थे लेकिन 41 ही चिकित्सक मौजूद है।जल्द ही राज्य सरकार चिकित्सको को चयन करेगा।अस्पताल में बवासीर व पिस्टुला के रोगियों की शल्य क्रिया भी की जाएगी।

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